उपनाम: देसी रेसिपी
करौंदे की चटपटी सब्जी: बघेलखंड के पारंपरिक स्वाद का लें आनंद, बेहद सरल है रेसिपी
अगर आप अपने खाने में कुछ अनोखा और देसी स्वाद ढूंढ रहे हैं, तो बघेलखंड की पारंपरिक करौंदे की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। यह डिश बनाने में आसान है और अपने खट्टे-मसालेदार स्वाद के कारण सबको बेहद पसंद आती है।
रात में मीठा खाने का मन है? गेहूं के आटे और गुड़ से झटपट बनाएं लाजवाब हलवा
देर रात मीठा खाने की इच्छा होने पर घर में रखी सामग्री से ही स्वादिष्ट गुड़ और गेहूं के आटे का हलवा तैयार किया जा सकता है। यह एक बेहद आसान रेसिपी है जो स्वाद के साथ ही सेहत के लिए भी बेहतर मानी जाती है।
बरसात में जंगलों से चुनकर लाते हैं ये खास पत्ता, चावल के माड़ के साथ बनती है लाजवाब सब्जी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ग्रामीण बरसात के दौरान जंगलों से कोचई पत्ते लाते हैं और उसे सुखाकर चावल के माड़ के साथ एक खास पारंपरिक डिश तैयार करते हैं। यह तरीका उन्हें बाजार पर निर्भर रहने से बचाता है और स्वाद में भी लाजवाब है।
सिर्फ तड़के के लिए नहीं, करी पत्ते की बनती है लाजवाब सब्जी, जानिए बघेलखंड की यह खास रेसिपी
अक्सर हम करी पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बघेलखंड में इससे एक बेहद स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी भी बनाई जाती है। जानिए घर पर इसे बनाने का आसान तरीका और इसके अनगिनत फायदे।
महाराष्ट्र की ठेचा चटनी को रांची का अनोखा ट्विस्ट, स्वाद चखते ही भूल जाएंगे सब्जी
महाराष्ट्र की प्रसिद्ध ठेचा चटनी अब रांची में स्थानीय आदिवासी शैली में तैयार की जा रही है, जो अपने तीखेपन और अनूठे स्वाद के कारण लोगों की पसंद बनी हुई है।
सरगुजा का पारंपरिक करील अचार: देसी मसालों और शुद्ध सरसों के तेल का अद्भुत संगम
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुराने तरीके से तैयार किया जाने वाला करील का अचार अपने अनूठे स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर है। इस अचार में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है, जिससे इसका देसी जायका आज भी बरकरार है।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक फिश करी रेसिपी: बारिश के मौसम में ऐसे बनाएं देसी मछली की सब्जी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान मिलने वाली छोटी मछलियों से बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी अपने अनोखे खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है। गरमा-गरम भात के साथ इसका आनंद लेना मानसून का एक खास अनुभव है।
काचरा चटनी: राजस्थानी थाली का वो जादुई स्वाद, जिसके सामने फीकी पड़ जाती है हर सब्जी
राजस्थान के मेवाड़ अंचल की पारंपरिक काचरा चटनी अपने तीखे और चटपटे स्वाद के लिए मशहूर है, जो बाजरे की रोटी के साथ परोसे जाने पर किसी भी खाने का जायका दोगुना कर देती है।
भरतपुर की खास जगरे वाली बाटी: धुएं की सोंधी खुशबू और देसी घी का बेजोड़ स्वाद
भरतपुर की प्रसिद्ध जगरे वाली बाटी अपनी पारंपरिक विधि और उपलों की आंच पर पकाने के खास अंदाज के लिए मशहूर है। इस लेख में जानिए इस लज़ीज़ बाटी की खासियत और इसे बनाने का सही तरीका।
जालोर की पारंपरिक कुल्थी दाल ढोकली: बारिश के मौसम में सेहत और स्वाद का शानदार संगम
राजस्थान के जालोर की प्रसिद्ध कुल्थी दाल ढोकली न केवल बनाने में आसान है, बल्कि यह बारिश के दिनों में परोसे जाने वाला एक पौष्टिक और पारंपरिक देसी व्यंजन है।
घर पर बनाएं स्वादिष्ट आम का अचार, 4 साल तक नहीं होगा खराब, जानें सबसे आसान तरीका
गर्मी के मौसम में कच्चे आम का अचार हर घर की पसंद होता है। पलामू की एक्सपर्ट चंपा देवी की इस खास रेसिपी से आप 5 किलो आम का अचार तैयार कर सकते हैं जो पूरे 4 साल तक खराब नहीं होगा।
पपीते से बनी अनोखी रोटी ने खींचा सबका ध्यान, ईश्वरी के देसी प्रयोग की रेसिपी अब हर कोई पूछ रहा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक महिला ईश्वरी ने पके पपीते और चावल के मिश्रण से बिना चीनी डाले मीठी रोटी तैयार की है, जो अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
हर मौसम में पसंदीदा बघेलखंडी महेरी, महज 5 मिनट में तैयार स्वाद और सेहत का देसी खजाना
मट्ठा और चावल के मेल से बनने वाली बघेलखंड की पारंपरिक महेरी हर मौसम में चाव से खाई जाती है और इसे बनाने में सिर्फ पांच मिनट लगते हैं। जानिए स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी से सीखी आसान बघेलखंडी रेसिपी।