उपनाम: देसी रेसिपी
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक फिश करी रेसिपी: बारिश के मौसम में ऐसे बनाएं देसी मछली की सब्जी
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान मिलने वाली छोटी मछलियों से बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी अपने अनोखे खट्टे स्वाद के लिए जानी जाती है। गरमा-गरम भात के साथ इसका आनंद लेना मानसून का एक खास अनुभव है।
काचरा चटनी: राजस्थानी थाली का वो जादुई स्वाद, जिसके सामने फीकी पड़ जाती है हर सब्जी
राजस्थान के मेवाड़ अंचल की पारंपरिक काचरा चटनी अपने तीखे और चटपटे स्वाद के लिए मशहूर है, जो बाजरे की रोटी के साथ परोसे जाने पर किसी भी खाने का जायका दोगुना कर देती है।
भरतपुर की खास जगरे वाली बाटी: धुएं की सोंधी खुशबू और देसी घी का बेजोड़ स्वाद
भरतपुर की प्रसिद्ध जगरे वाली बाटी अपनी पारंपरिक विधि और उपलों की आंच पर पकाने के खास अंदाज के लिए मशहूर है। इस लेख में जानिए इस लज़ीज़ बाटी की खासियत और इसे बनाने का सही तरीका।
जालोर की पारंपरिक कुल्थी दाल ढोकली: बारिश के मौसम में सेहत और स्वाद का शानदार संगम
राजस्थान के जालोर की प्रसिद्ध कुल्थी दाल ढोकली न केवल बनाने में आसान है, बल्कि यह बारिश के दिनों में परोसे जाने वाला एक पौष्टिक और पारंपरिक देसी व्यंजन है।
घर पर बनाएं स्वादिष्ट आम का अचार, 4 साल तक नहीं होगा खराब, जानें सबसे आसान तरीका
गर्मी के मौसम में कच्चे आम का अचार हर घर की पसंद होता है। पलामू की एक्सपर्ट चंपा देवी की इस खास रेसिपी से आप 5 किलो आम का अचार तैयार कर सकते हैं जो पूरे 4 साल तक खराब नहीं होगा।
पपीते से बनी अनोखी रोटी ने खींचा सबका ध्यान, ईश्वरी के देसी प्रयोग की रेसिपी अब हर कोई पूछ रहा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक महिला ईश्वरी ने पके पपीते और चावल के मिश्रण से बिना चीनी डाले मीठी रोटी तैयार की है, जो अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है।
हर मौसम में पसंदीदा बघेलखंडी महेरी, महज 5 मिनट में तैयार स्वाद और सेहत का देसी खजाना
मट्ठा और चावल के मेल से बनने वाली बघेलखंड की पारंपरिक महेरी हर मौसम में चाव से खाई जाती है और इसे बनाने में सिर्फ पांच मिनट लगते हैं। जानिए स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी से सीखी आसान बघेलखंडी रेसिपी।