जीवनशैली
2 घंटे पहले
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अगर आप अपने खानपान में कुछ नया और सेहतमंद आजमाना चाहते हैं, तो पपीते से बनी एक खास डिश आपके लिए दिलचस्प हो सकती है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की एक गांव की महिला ईश्वरी ने पपीते को सिर्फ फल के तौर पर खाने के बजाय उससे एक अनोखी रोटी बना डाली, जिसने आसपास के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
पके पपीते और चावल से तैयार हुई खास रोटी
सरगुजा में आमतौर पर लोग पपीते को फल के रूप में ही खाते हैं, लेकिन ईश्वरी ने इससे अलग राह चुनी। उन्होंने पके हुए पपीते और चावल के मिश्रण से ऐसी रोटी बनाई जो स्वाद में भी लाजवाब है और सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद मानी जा रही है।
बिना चीनी के भी मिला प्राकृतिक मीठा स्वाद
ईश्वरी नागेश के अनुसार, उन्होंने पके पपीते और चावल की मदद से यह रोटी तैयार की और इसका स्वाद इतना बेहतरीन रहा कि खाते वक्त बिल्कुल पके पपीते जैसा एहसास हुआ। उन्होंने बताया कि इस रोटी में किसी तरह की चीनी या अलग से मिठास नहीं मिलाई गई, फिर भी यह प्राकृतिक रूप से मीठी और स्वादिष्ट बनी।
शुरुआत में ईश्वरी ने यह रोटी सिर्फ एक प्रयोग के तौर पर बनाई थी, लेकिन अब यह चर्चा का विषय बन गई है और लोग उनसे इसकी रेसिपी पूछ रहे हैं।
इस तरह तैयार होती है पपीते की रोटी
ईश्वरी बताती हैं कि सबसे पहले चावल को करीब एक घंटे तक पानी में भिगोकर रखा जाता है। इसके बाद चावल को धोकर पके हुए पपीते के साथ मिलाया जाता है और मिक्सर में अच्छी तरह पीस लिया जाता है। इस तैयार मिश्रण को पूरी रात ढककर रखा जाता है, ताकि उसमें प्राकृतिक रूप से फर्मेंटेशन हो सके।
इडली के सांचे में पकाई गई रोटी
उन्होंने बताया कि अगले दिन सुबह इस मिश्रण को इडली बनाने वाले सांचे में डालकर पकाया जाता है। पकने के बाद रोटी अच्छी तरह फूल जाती है और खाने में बेहद स्वादिष्ट लगती है।
ईश्वरी का मानना है कि यह रेसिपी घर पर आसानी से बनाई जा सकती है और जो लोग कुछ नया स्वाद चखना चाहते हैं, उन्हें इसे एक बार जरूर आजमाना चाहिए। स्थानीय स्तर पर तैयार की गई यह अनोखी डिश लोगों को पारंपरिक खाद्य पदार्थों में नए प्रयोग करने की प्रेरणा दे रही है। स्वाद और सेहत के अनूठे मेल वाली पपीते की यह रोटी अब लोगों के बीच लगातार चर्चा बटोर रही है।
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