सिर्फ तड़के के लिए नहीं, करी पत्ते की बनती है लाजवाब सब्जी, जानिए बघेलखंड की यह खास रेसिपी जीवनशैली 18 घंटे पहले 8
अक्सर हम करी पत्ते का इस्तेमाल सिर्फ व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के बघेलखंड में इससे एक बेहद स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक सब्जी भी बनाई जाती है। जानिए घर पर इसे बनाने का आसान तरीका और इसके अनगिनत फायदे।

करी पत्ते का नया और अनोखा रूप

भारतीय घरों की रसोई में करी पत्ते यानी मीठी नीम की भूमिका आमतौर पर सीमित ही रहती है। दाल, कढ़ी, सांभर या फिर पोहे में तड़का लगाने के लिए इस्तेमाल होने वाली यह पत्ती अपनी खुशबू के लिए जानी जाती है। गर्म तेल में चटकते ही जब करी पत्ता महकता है, तो भूख अपने आप बढ़ जाती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस चीज को हम सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाली सामग्री समझते हैं, उससे एक पूरी की पूरी सब्जी भी तैयार की जा सकती है? आज हम आपको मध्य प्रदेश के बघेलखंड क्षेत्र की एक पारंपरिक और बेहद खास रेसिपी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि बनाने में भी बहुत आसान है।

बघेलखंड की रसोई का एक खास जायजा

भारत विविधताओं का देश है और हर क्षेत्र की अपनी एक अनूठी पाक कला है। बघेलखंड की माटी अपने देसी और ठेठ खानपान के लिए जानी जाती है। यहाँ के स्थानीय निवासियों के लिए मीठी नीम सिर्फ एक खुशबूदार पत्ती नहीं, बल्कि मुख्य व्यंजन का हिस्सा है। स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी के अनुसार, हालांकि इस सब्जी को साल भर कभी भी बनाया जा सकता है, लेकिन बरसात के मौसम में इसका आनंद कुछ और ही होता है। बारिश के दौरान जब करी पत्ते के पौधे ताजी और कोमल पत्तियों से लद जाते हैं, तब बघेलखंड के घरों में यह सब्जी विशेष रूप से बनाई जाती है। यह डिश उन लोगों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो कम समय में कुछ नया और देसी स्वाद चखना चाहते हैं।

सब्जी बनाने की सरल प्रक्रिया

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर कोई ऐसी रेसिपी ढूंढता है जो कम समय में तैयार हो जाए और जिसमें मसालों की भरमार न हो। करी पत्ते की सब्जी बिल्कुल ऐसी ही है। इसे बनाने के लिए आपको कोई महंगे मसालों की जरूरत नहीं पड़ती है। इसे बनाने के चरण निम्नलिखित हैं:

  • पत्तियों का चुनाव और सफाई: सबसे पहले ताजी मीठी नीम की पत्तियों को सावधानीपूर्वक डंठल से अलग कर लें। बरसात के मौसम में धूल-मिट्टी का डर रहता है, इसलिए इन्हें साफ और बहते पानी में अच्छी तरह धो लेना बेहद जरूरी है।
  • बारीक कटाई: धुली हुई पत्तियों को चाकू की सहायता से बिल्कुल बारीक काट लें। यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है क्योंकि बारीक कटा हुआ करी पत्ता सब्जी के टेक्सचर को और अधिक निखारता है।
  • तड़के की तैयारी: एक पैन या कड़ाही में थोड़ा तेल गरम करें। जब तेल पर्याप्त गरम हो जाए, तो इसमें लहसुन की कलियां, कटी हुई हरी मिर्च, साबुत मेथी दाना और थोड़ा सा सूखा धनिया डालकर हल्का भूनें।
  • पकाने की विधि: जब मसालों से सौंधी खुशबू आने लगे, तब इसमें कटी हुई मीठी नीम की पत्तियां डाल दें। चम्मच से चलाते हुए पत्तियों को मसालों में अच्छी तरह मिला लें।
  • भाप में पकाना: गैस की आंच को बिल्कुल धीमा कर दें और कड़ाही को दो से तीन मिनट के लिए ढक्कन से ढक दें। भाप में पकने से पत्तियां नरम हो जाएंगी और इनका स्वाद मसालों के साथ घुल-मिल जाएगा।

आपकी स्वादिष्ट सब्जी तैयार है। इसे आप गरमागरम पराठे, ताजी रोटियों या सादे दाल-चावल के साथ परोस सकते हैं।

सेहत के नजरिए से करी पत्ते के फायदे

करी पत्ते की सब्जी न केवल स्वाद में अनोखी है, बल्कि यह सेहत का भी एक अनमोल खजाना है। मीठी नीम में आयरन, कैल्शियम और कई प्रकार के महत्वपूर्ण विटामिन प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र में सुधार होता है और पेट से जुड़ी कई समस्याओं में राहत मिलती है। यही नहीं, बालों के लिए इसे प्राकृतिक औषधि माना गया है, जो बालों का झड़ना कम करने और उनकी प्राकृतिक चमक को बरकरार रखने में सहायक है।

निष्कर्ष

यदि आप रोज-रोज वही सब्जियां खाकर ऊब चुके हैं, तो करी पत्ते की यह पारंपरिक सब्जी आपके मेन्यू में एक नया रंग भर सकती है। यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि बहुत ही स्वास्थ्यवर्धक भी है। तो इस बार रसोई में कुछ अलग आज़माने की सोचें और करी पत्ते की इस अनोखी रेसिपी का लुत्फ उठाएं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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