बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने ₹51 में मिल रही खास लस्सी, न बर्फ न केमिकल और स्वाद लाजवाब जीवनशैली एक महीने पहले 17
बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने स्वयं सहायता समूह की महिलाएं शुद्ध दूध, ड्राईफ्रूट्स और चेरी से बनी खास लस्सी बेच रही हैं, जिसके 200 एमएल गिलास की कीमत सिर्फ 51 रुपये है। इसमें न बर्फ डाली जाती है और न ही कोई केमिकल।

गर्मी के इस मौसम में अगर आप बहराइच में कलेक्ट्रेट के सामने से गुजर रहे हैं, तो थोड़ा ठहर जाइए। यहां स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथों तैयार एक ऐसी लस्सी आपका इंतजार कर रही है, जिसका स्वाद बड़े-बड़े होटलों की महंगी लस्सी को भी पीछे छोड़ रहा है। शुद्ध दूध, ढेर सारे ड्राईफ्रूट्स और चेरी के बेहतरीन मेल से बनी इस खास लस्सी के 200 एमएल गिलास की कीमत महज 51 रुपये है। बिना किसी केमिकल और बिना बर्फ के पूरी शुद्धता से तैयार इस लस्सी का स्वाद ऐसा है कि एक बार पीने के बाद आप इसे भूल नहीं पाएंगे।

महिलाओं के हाथों से तैयार होती है यह लस्सी

वैसे तो गर्मियों में बाजार में कई जगहों पर लस्सी मिलती है और कुछ जगहों की लस्सी काफी मशहूर भी है। लेकिन बहराइच में महिलाओं द्वारा बनाई गई यह लस्सी बेहद स्वादिष्ट मानी जा रही है। महिलाएं इसे अपने हाथों से, बिना किसी केमिकल के दही जमाकर तैयार करती हैं। इसमें अच्छी क्वालिटी के दूध का इस्तेमाल किया जाता है और लस्सी में ड्राईफ्रूट, चेरी समेत कई चीजें मिलाकर परोसा जाता है। अब धीरे-धीरे लोग समूह की महिलाओं द्वारा बनाई गई इस लस्सी की ओर आकर्षित होकर इसका स्वाद ले रहे हैं।

गांव में नहीं, शहर में हो रही बिक्री

गर्मी को ध्यान में रखते हुए समूह की महिलाओं ने इस लस्सी की बिक्री गांव में नहीं, बल्कि शहर में करने की योजना बनाई। बहराइच शहर में कलेक्ट्रेट के सामने बनी समूह की दुकान पर महिलाएं लस्सी तैयार करके बेचने के लिए भेजती हैं। यहां महिलाओं द्वारा बनाई गई खाद्य सामग्री जैसे अचार, मुरब्बा और चूर्ण के साथ-साथ लस्सी बेचने का काम रवि नाम के व्यक्ति करते हैं, जिन्होंने एक बैनर भी लगा रखा है। यहां पहुंचकर आप हर वक्त ताजी और ठंडी लस्सी पीकर आराम से ठंडक का एहसास ले सकते हैं।

सीमित चीनी, बर्फ न के बराबर

लस्सी बेचने वाले रवि ने बताया कि इसमें बर्फ का इस्तेमाल नहीं किया जाता, जिसकी वजह से यह पीने में बेहद स्वादिष्ट लगती है और पतली नहीं होती। चीनी की बात करें तो ज्यादा मीठा होने पर लस्सी का मजा खराब हो जाता है, इसलिए इसमें चीनी की मात्रा कम ही रखी जाती है। शायद यही वजह है कि यह लस्सी हर किसी को पसंद आ रही है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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