उपनाम: मधुमक्खी पालन
बेरोजगारी को दी मात, अब मधुमक्खी पालन से हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं जहानाबाद के संतोष
ग्रेजुएशन के बाद नौकरी की तलाश में जूझ रहे जहानाबाद के संतोष कुमार केसरी ने आज मधुमक्खी पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर मिसाल कायम की है। सरकारी सब्सिडी और मेहनत के दम पर उन्होंने 10 बक्सों से शुरू करके आज 400 बक्सों तक का सफर तय किया है।
मधुमक्खी पालकों के लिए काल है लाल चींटी, एक घंटे में तबाह कर सकती है पूरा बॉक्स, बचाव के ये तरीके अपनाएं
बरसात के मौसम में मधुमक्खी पालन में लाल चींटियों का प्रकोप सबसे बड़ी समस्या है, जो कुछ ही देर में बक्सों को खाली कर सकती हैं। इन चींटियों से अपनी मधुमक्खियों को बचाने के लिए कुछ बेहद प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
बेरोजगारी से तंग आकर शुरू किया मधुमक्खी पालन, आज हर साल 250 क्विंटल शहद का उत्पादन कर कमा रहे हैं लाखों
जहानाबाद के संतोष कुमार केसरी ने ग्रेजुएशन के बाद नौकरी न मिलने पर मधुमक्खी पालन को अपना पेशा बनाया। आज वे सैकड़ों बॉक्स के जरिए भारी मात्रा में शहद उत्पादन कर रहे हैं और आत्मनिर्भर बन गए हैं।
मजदूरी से शुरुआत और सालाना 12 लाख की कमाई, अखिलेश यादव की प्रेरणादायक सफलता की कहानी
कभी दूसरों के यहाँ मजदूरी करने वाले अखिलेश यादव ने मधुमक्खी पालन के जरिए अपनी तकदीर बदल ली है। आज वे न केवल खुद लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के रास्ते खोल रहे हैं।
सरकारी योजना से बदली 5 किसानों की किस्मत, मधुमक्खी पालन से हो रही तगड़ी कमाई
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में उद्यान विभाग की 'पहले आओ, पहले पाओ' योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां मधुमक्खी पालन कर किसान लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।
MBA की पढ़ाई बीच में छोड़ी, आज शहद के कारोबार से कमा रहे हैं लाखों, पतंजलि और डाबर भी हैं ग्राहक
रांची के रहने वाले मोहम्मद सिराज ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद मधुमक्खी पालन में अपनी पहचान बनाई है। आज उनके ब्रांड का सालाना टर्नओवर 15 लाख रुपये से अधिक है और वे बड़ी कंपनियों को शहद की सप्लाई कर रहे हैं।
एक ही जैसे अंडे, अलग किस्मत! जानिए वह खास खुराक जो साधारण लार्वा को बना देती है 'रानी मक्खी'
गर्मी के मौसम में मधुमक्खियों के छत्तों में स्वार्मिंग यानी परिवार विभाजन तेज हो जाता है और पुरानी रानी छत्ता छोड़ देती है. इसके बाद श्रमिक मक्खियां रॉयल जेली की मदद से एक साधारण भ्रूण को नई रानी मक्खी में बदल देती हैं.
मधुमक्खी पालन बना किसानों के लिए कमाई का जरिया, 50 बक्सों से 3 लाख तक आमदनी और 40% सब्सिडी का मौका
उद्यान विभाग मधुमक्खी पालन पर 40% तक सब्सिडी दे रहा है। 50 बक्सों से शुरुआत कर किसान करीब 3,00,000 रुपये तक की सालाना कमाई कर सकते हैं और फसल उत्पादन भी बढ़ा सकते हैं।
सक्सेस स्टोरी: मधुमक्खी पालन से सालाना ₹500000 की कमाई, किसान राजकिशोर ने यूं बदली अपनी तकदीर
छपरा के किसान राजकिशोर पटेल ने 1990 में महज 10 पेटी से मधुमक्खी पालन शुरू किया और आज 300 से अधिक पेटी के साथ हर साल घर बैठे 5 लाख रुपये कमा रहे हैं।
तीन पीढ़ियों से मधुमक्खी पालन, बक्सों के साथ खेतों में डेरा डालने वाले इन लोगों की दिलचस्प तरकीब
अंबाला के बराड़ा इलाके में यमुनानगर से पहुंचे मधुमक्खी पालक फूलों की उपलब्धता के हिसाब से जगह-जगह घूमते हैं और सरसों-सूरजमुखी जैसे फूलों वाले खेतों में अपने लकड़ी के बक्से लेकर पहुंच जाते हैं।