गोंडा: बिना नौकरी और बड़ी पूंजी के मधुमक्खी पालन से रामशंकर ने बदला अपना भाग्य, सालाना लाखों की कमाई
उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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मेहनत से लिखी सफलता की कहानी
उत्तर प्रदेश के गोंडा में रहने वाले रामशंकर तिवारी ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ अलग करने का जज्बा हो, तो रोजगार की कमी नहीं होती। उन्होंने नौकरी की तलाश के बजाय मधुमक्खी पालन का रास्ता चुना और आज वह इस व्यवसाय से सालाना लाखों रुपये कमा रहे हैं। रामशंकर ने अपनी मेहनत के दम पर शून्य से शुरुआत की थी, लेकिन आज वह अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बन चुके हैं।
शिक्षा के बाद संघर्ष का दौर
रामशंकर तिवारी ने बताया कि उन्होंने इंटरमीडिएट तक अपनी पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन घर की तंग आर्थिक स्थितियों के कारण उन्हें आगे की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। परिवार की मदद के लिए उन्होंने शुरुआत में खेती का सहारा लिया। हालांकि, उन्हें कुछ बड़ा करना था। इसी तलाश के दौरान उन्होंने गोपालग्राम स्थित कृषि विज्ञान केंद्र से मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण लिया, जिसने उनके जीवन को एक नई दिशा दी।
नौकरी से सीखा, फिर शुरू किया अपना काम
शुरुआती दौर में रामशंकर के पास खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने व्यावहारिक अनुभव लेने के लिए कटरा बाजार के रमन शुक्ला के साथ काम करना शुरू किया, जो पहले से ही मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में सक्रिय थे। लगभग 2 साल तक वहां काम सीखने और बारीकियों को समझने के बाद, रामशंकर ने खुद के दम पर 10 बक्सों के साथ काम की शुरुआत की।
आज है लाखों का टर्नओवर
उनके संघर्ष और धैर्य का ही नतीजा है कि आज रामशंकर के पास 200 से 250 मधुमक्खी के बक्से मौजूद हैं। इन बक्सों के जरिए वे सालाना 70 से 80 कुंतल शहद का उत्पादन कर रहे हैं। उनके शहद के कारोबार का सालाना टर्नओवर 10 से 12 लाख रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें से उन्हें खर्च काटने के बाद लगभग 5 से 6 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त होती है।
वैश्विक स्तर पर विस्तार की योजना
रामशंकर अब अपने काम को एक बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने मां बाराही इंटरप्राइजेज के नाम से एक फर्म का गठन किया है, ताकि वे अपने उत्पादों को ब्रांड के रूप में देश और विदेश में सप्लाई कर सकें। उन्होंने शहद को शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण बनाए रखने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक मशीनों का भी उपयोग किया है, जिससे शहद की सफाई और फिल्टरिंग बेहतर हो सके। उनका स्पष्ट कहना है कि वे ग्राहकों तक पूरी तरह प्राकृतिक और बिना किसी मिलावट वाला शहद पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
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