व्यापार
एक घंटा पहले
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विचारों
अलवर की रहने वाली अपूर्वा ने अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालते हुए अपने हुनर को एक बेहतरीन रोजगार में बदल दिया है। वे अपने घर से ही लड्डू गोपाल के लिए बेहद खूबसूरत सिंघासन, छोटे पलंग और अन्य सजावटी उत्पाद तैयार करती हैं।
बचपन के अनुभव से मिला बिजनेस आइडिया
अपूर्वा ने अपने बचपन से ही घर में लड्डू गोपाल की पूजा-अर्चना और विभिन्न त्योहारों पर की जाने वाली भव्य सजावट की परंपरा को देखा था। इसी गहरे अनुभव और आस्था ने उन्हें कान्हा के श्रृंगार का सामान बनाने के लिए प्रेरित किया। इस काम को शुरू करने के लिए उन्होंने लकड़ी के छोटे-छोटे टुकड़ों और फर्नीचर के बेकार बचे हुए सामान का इस्तेमाल किया। परिवार के सहयोग और सोशल मीडिया के सही इस्तेमाल से उनके बनाए उत्पादों को एक नई पहचान मिलने लगी।
देशभर में बढ़ी मांग और लोगों को मिला रोजगार
आज अपूर्वा के बनाए सुंदर उत्पाद केवल अलवर तक ही सीमित नहीं रह गए हैं। उनके हाथ से बने सामानों की मांग देश के कई बड़े शहरों में लगातार बढ़ रही है। इनके मुख्य बाजार निम्नलिखित शहरों में फैले हुए हैं:
- दिल्ली और जयपुर
- बेंगलुरु और अहमदाबाद
- गुजरात और मुरादाबाद जैसे प्रमुख शहर
इस सराहनीय पहल के जरिए अपूर्वा न केवल खुद आत्मनिर्भर बन चुकी हैं, बल्कि वे अपने इस गृह उद्योग के माध्यम से करीब तीन अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं।
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