उपनाम: खेती
मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए ढैंचा है संजीवनी, किसान सियाराम से जानें इसे उगाने की पूरी तकनीक
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसान मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के लिए ढैंचा की खेती को वरदान मान रहे हैं। यह हरी खाद रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम कर पैदावार बढ़ाने में मदद करती है।
आजमगढ़: किसान राकेश राय ने केले की खेती से बदली तस्वीर, 2 बीघे में उगाए 1 हजार पौधे
आजमगढ़ के तहबरपुर निवासी प्रगतिशील किसान राकेश राय ने आधुनिक तकनीक अपनाकर केले की खेती में सफलता की मिसाल कायम की है। नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के अनुदान और सही योजना से वे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं।
खेती की सीमित आमदनी से परेशान होकर शुरू किया नया काम, अब हर महीने ₹30 हजार तक कमा रहे किसान
बहराइच के एक किसान ने पारंपरिक खेती के साथ पेंटिंग के हुनर को जोड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को नई दिशा दी है। अब वे खेती के साथ पेंटिंग से हर महीने अच्छी कमाई कर रहे हैं और अन्य लोगों के लिए मिसाल बन गए हैं।
मशहूर अभिनेता राजेश कुमार का फिल्मी सफर: कर्ज में डूबकर छोड़ दी थी एक्टिंग, अब गांव में बहनों के साथ करेंगे खेती
लोकप्रिय अभिनेता राजेश कुमार मुंबई की चकाचौंध से दूर अपने पैतृक गांव गया लौट आए हैं, जहां वे अब खेती के एक बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी कर रहे हैं। इस नेक काम में विदेशों से वापस आ रही उनकी बहनें भी उनका साथ देंगी।
मानसून में हरी मिर्च की खेती से करें लाखों की कमाई, बेहद कम लागत में मिलेगा बंपर मुनाफा
मानसून के दौरान कई सब्जियों की फसल बारिश के कारण खराब हो जाती है, ऐसे में हरी मिर्च की खेती किसानों के लिए एक बेहतरीन और मुनाफे वाला विकल्प साबित हो सकती है।
खीरे की खेती पर 99 लाख की सब्सिडी विवाद: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने दी सफाई
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी पर अपने ही मंत्रालय से खीरे की खेती के लिए भारी-भरकम सब्सिडी लेने के आरोप लगे हैं। मंत्री ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने एक किसान के तौर पर नियमों का पालन करते हुए आवेदन किया था।
खेती में पानी की समस्या का पक्का समाधान, किसानों के लिए वरदान बना हाइड्रोजेल
बदलते मानसून और घटते जल स्तर के बीच हाइड्रोजेल तकनीक किसानों को सूखे से निपटने में मदद कर रही है। यह मिट्टी में लंबे समय तक नमी बरकरार रखकर फसलों को पानी की कमी से बचाता है।
देवघर के किसान अंबिका कुशवाहा का कमाल, एक ही खेत से ले रहे ओल और पपीते की दोहरी फसल
देवघर के एक प्रगतिशील किसान ने मिश्रित खेती का एक सफल मॉडल पेश किया है, जहाँ वे ओल और पपीते को एक साथ उगाकर अपनी आय को दोगुना करने में सफल रहे हैं।
आवारा जानवरों से फसलों को सुरक्षित रखना हुआ आसान, खेत की मेड़ पर लगाएं बेशर्म का पौधा
खेत की मेड़ पर बेशर्म या बेहया का पौधा लगाकर किसान आवारा जानवरों और नीलगाय से अपनी फसल को प्राकृतिक रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। यह कम लागत वाला और बेहद कारगर तरीका है जो मिट्टी के कटाव को रोकने में भी सहायक है।
कम समय में मोटा मुनाफा कमाना है? जुलाई और अगस्त में करें इन 8 सब्जियों की बंपर खेती
यदि आप कम लागत में जल्दी मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो जुलाई और अगस्त का समय खेती के लिए सबसे उपयुक्त है। मानसून के दौरान उगाई जाने वाली ये 8 सब्जियां न केवल कम समय में तैयार होती हैं, बल्कि बाजार में भी इनकी भारी मांग रहती है।
गर्मी और प्रतिकूल मौसम में फसल बचाने का अचूक तरीका: मल्चिंग और पॉलीहाउस तकनीक से बढ़ाएं मुनाफा
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि मल्चिंग और पॉलीहाउस जैसी आधुनिक तकनीकें न केवल फसलों को खराब होने से बचाती हैं, बल्कि किसानों की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि करती हैं।
लखीमपुर खीरी के किसान की अनूठी पहल, मचान विधि से करेले की खेती कर कमा रहे हैं तगड़ा मुनाफा
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के 60 वर्षीय किसान कामता सिंह मचान विधि का उपयोग करके करेले की खेती कर रहे हैं और प्रतिदिन 2000 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
जुलाई में करें इन 5 सब्जियों की बंपर खेती, 1 एकड़ में कमाएं ₹5,00,000 तक का मुनाफा
जुलाई का महीना खेती के लिए बेहद अनुकूल है और बोकारो कृषि विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ डॉक्टर रंजय कुमार ने कुछ चुनिंदा सब्जियों के बारे में बताया है, जिनसे किसान कम समय में शानदार कमाई कर सकते हैं।
मचान विधि से करें करेले की उन्नत खेती, बंपर पैदावार के साथ होगा शानदार मुनाफा
करेले की खेती में मचान विधि अपनाकर किसान अपनी उपज में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे फलों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।
मानसून की देरी से चिंतित हैं किसान? धान के साथ अपनाएं ये खेती का तरीका, मुनाफा होगा पक्का
छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त चाल को देखते हुए विशेषज्ञ किसानों को कम अवधि वाली धान की किस्मों और साथ में दलहन-तिलहन उगाने की सलाह दे रहे हैं। यह तरीका न केवल जोखिम कम करेगा बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बढ़ाएगा।