ऑफ सीजन में गोभी की खेती से कमाएं लाखों, 60 दिन में तैयार होगी मानसून क्वीन बिहार एक महीने पहले 54
पूर्णिया के किसान मित्तन ऋषि ऑफ सीजन में मानसून क्वीन गोभी की खेती कर मुनाफा कमा रहे हैं, जो मात्र 60 दिनों में बंपर पैदावार देने के लिए जानी जाती है।

ऑफ सीजन खेती का कमाल

खेती के क्षेत्र में अगर आधुनिक तरीके अपनाए जाएं और सही समय का चुनाव किया जाए, तो किसान कम समय में अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं। पूर्णिया जिले के मरंगा निवासी किसान मित्तन ऋषि ने ऑफ सीजन में गोभी की खेती का नया उदाहरण पेश किया है। वे विशेष रूप से मानसून क्वीन वैरायटी की गोभी उगा रहे हैं, जो बाजार में काफी मांग में रहती है। आम तौर पर किसान सीजन आने पर गोभी उगाते हैं, लेकिन उस समय बाजार में आवक अधिक होने से उन्हें उचित दाम नहीं मिल पाते। इसके विपरीत, ऑफ सीजन में गोभी की कमी होती है, जिसका लाभ मित्तन जैसे किसान उठा रहे हैं।

सिर्फ 60 दिन में बंपर उत्पादन

किसान मित्तन ऋषि पिछले 4 वर्षों से खेती के काम में जुटे हुए हैं। उनका अनुभव बताता है कि सीजन के दौरान गोभी बेचने पर मिलने वाली कीमतें उतनी संतोषजनक नहीं होतीं। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए उन्होंने ऑफ सीजन खेती की शुरुआत की। मानसून क्वीन किस्म की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल 60 दिनों की अवधि में कटाई के लिए पूरी तरह तैयार हो जाती है। यह कम समय में अधिक उत्पादन और बाजार में ऊंची कीमतों के कारण किसानों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो रही है।

नर्सरी प्रबंधन और सुरक्षा

गोभी की सफल खेती के लिए नर्सरी का रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। मित्तन ने अपने एक एकड़ खेत में इस गोभी की नर्सरी तैयार की है। बरसात और तेज धूप से पौधों को बचाने के लिए उन्होंने प्लास्टिक शेड का सहारा लिया है, ताकि पौधों की सुरक्षा बनी रहे। उन्होंने बीज बोते समय कतारबद्ध तकनीक का उपयोग किया है, जिससे पौधों को पर्याप्त जगह और पोषण मिल सके। उनके इस व्यवस्थित दृष्टिकोण ने यह सुनिश्चित किया है कि नर्सरी से मजबूत पौधे तैयार हों, जो आगे चलकर बेहतर पैदावार देंगे।

मुनाफे का गणित

ऑफ सीजन में गोभी की खेती करना चुनौतीपूर्ण जरूर माना जाता है, लेकिन इसके आर्थिक फायदे मेहनत की भरपाई कर देते हैं। मित्तन ने इस बार मानसून क्वीन गोभी के 18,000 से अधिक पौधों की नर्सरी तैयार की है। इन पौधों को जल्द ही मुख्य खेत में रोपा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेत की बेहतर तैयारी, कीट नियंत्रण का सही समय पर छिड़काव और उचित देखभाल से ही इस किस्म का बेहतरीन फलन संभव है। मानसून के दौरान जब गोभी की आपूर्ति कम होती है, तब उनकी यह फसल सीधे बाजार में एक प्रीमियम कीमत पर बिकती है।

किसानों के लिए सलाह

मिट्तन ऋषि का मानना है कि जो किसान पारंपरिक खेती से हटकर कुछ अलग करना चाहते हैं, उनके लिए ऑफ सीजन की सब्जियां एक बेहतरीन विकल्प हैं। हालांकि इसमें जोखिम और मेहनत दोनों अधिक हैं, लेकिन सही तकनीक और सही बीज का चयन किया जाए तो यह खेती किसान को मालामाल करने की क्षमता रखती है। 60 दिन के चक्र में तैयार होने वाली यह गोभी कम समय में अधिक निवेश का रिटर्न देती है, जिससे किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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