उपनाम: खेती
भोजपुर के किसान की अनूठी पहल, सूखे पत्तों से तैयार कर रहे हैं सोना जैसी जैविक खाद
बिहार के भोजपुर जिले के एक किसान ने बागवानी से निकलने वाले कचरे का सदुपयोग करते हुए जैविक खाद बनाने का सफल तरीका ढूंढ निकाला है, जिससे खेती की लागत कम हो रही है और उत्पादन में सुधार देखा जा रहा है।
कम जमीन में बंपर मुनाफा, छपरा के किसान बैगन, टमाटर और मिर्च की नर्सरी से कमा रहे हैं 40 हजार रुपये महीना
छपरा के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर नए तरीके अपना रहे हैं। कम जगह में नर्सरी तैयार कर ये किसान हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं और दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं।
बिहार का ये 'सुपर फूड' अब देश भर में बढ़ाएगा किसानों की कमाई, सरकार ने बनाई खास योजना
मिथिला के मशहूर मखाने की बढ़ती मांग को देखते हुए अब सरकार इसका दायरा देश के अन्य राज्यों में बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
खरीफ सीजन में किसानों के लिए वरदान बना पावर वीडर, 8 से 10 मजदूरों का काम अब कुछ ही घंटों में
बालोद के गांधी किसान मॉल में उपलब्ध पावर वीडर मशीन धान और सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए गेम चेंजर साबित हो रही है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत हो रही है।
जुलाई में खीरे की खेती से मिलेगा मोटा मुनाफा, इन उन्नत किस्मों का करें चयन
जुलाई के महीने में खीरे की खेती के लिए खास तैयारियों की जरूरत होती है। सही किस्मों का चुनाव करके किसान इस मौसम में भी बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
खेतों में छिपे हैं नई फसल के सबसे बड़े दुश्मन, जानिए कैसे एक ही झटके में होगा इनका सफाया
धान की बंपर पैदावार पाने के लिए रोपाई से पहले खेत से खरपतवार और पिछली फसल के अवशेषों को हटाना अनिवार्य है। रोटावेटर का उपयोग न केवल खेत की सफाई करता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरक शक्ति को भी बढ़ाता है।
खरीफ फसलों की बुवाई से पहले किसान जानें कृषि उपकरणों का सही चुनाव, रोटावेटर से एमबी प्लाऊ तक की पूरी जानकारी
मानसून की दस्तक के साथ ही खेतों में बुवाई की तैयारियां जोरों पर हैं, जहां सही कृषि यंत्रों का चयन आपकी फसल की पैदावार बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाता है। कृषि विशेषज्ञों ने रोटावेटर, कल्टीवेटर और एमबी प्लाऊ जैसे उपकरणों के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी साझा की...
रांची: गोबर और नीम से सावित्री ने बदली अपनी तकदीर, खड़ी की सफल जैविक खेती की कंपनी
रांची के बेड़ों गांव की रहने वाली सावित्री खजूर ने मजदूरी का काम छोड़कर जैविक खेती में अपना करियर बनाया है और अब हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
खेती में खरपतवार नाशक का उपयोग करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान, वरना फसल को होगा नुकसान
कृषि विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा के लिए खरपतवार नाशक दवाओं के सही इस्तेमाल के बारे में महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सही मात्रा और सही समय पर छिड़काव से ही फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
वर्मी कंपोस्ट बनाने वाले किसान रहें अलर्ट, बारिश के मौसम में इन गलतियों से मर सकते हैं आपके केंचुए
मानसून के दौरान वर्मी कंपोस्ट खाद तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, नमी और जलभराव के प्रबंधन में थोड़ी सी भी चूक केंचुओं की जान ले सकती है और आपकी पूरी मेहनत बर्बाद कर सकती है।
डेयरी बिजनेस में कमाना है मोटा मुनाफा, तो साहीवाल गाय है सबसे शानदार विकल्प
यदि आप डेयरी क्षेत्र में अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं, तो साहीवाल नस्ल की गाय आपके लिए एक मुनाफे वाला सौदा साबित हो सकती है। अपनी बेहतरीन रोग प्रतिरोधक क्षमता और उच्च दूध उत्पादन के कारण यह किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है।
मानसून में भिंडी की खेती से बंपर कमाई, कम लागत में लाखों का मुनाफा कमा रहे किसान
बरसात के मौसम में भिंडी की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है। बस्तर के किसान सुखदास ने ढाई एकड़ में खेती कर करीब 2.5 लाख रुपये की कमाई का लक्ष्य रखा है।
जापानी तकनीक से लदेगा बागों में फलों का अंबार: धूप, बारिश और कीड़ों से अब मिलेगी सुरक्षा
उत्तराखंड के बागवान अब अपनी फसल को खराब मौसम और कीड़ों से बचाने के लिए जापानी फ्रूट बैगिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस विधि से न केवल फल सुरक्षित रहते हैं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और बाजार में कीमत भी बेहतर मिलती है।
बारिश के मौसम में बकरियों की सेहत का रखें खास ख्याल, इन 4 देसी पत्तों से बढ़ाएं उनकी इम्यूनिटी
बरसात के दौरान बकरियों में बीमारियों और पेट के कीड़ों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सहजन, गिलोय, अमरूद और नीम की पत्तियां खिलाकर आप उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं और उनका वजन भी बढ़ा सकते हैं।
बाजार जैसा सीधा खीरा कैसे उगाएं? कृषि विशेषज्ञों ने बताया टेढ़ेपन का असली वैज्ञानिक कारण
बाजार के सीधे दिखने वाले खीरे और घर के टेढ़े खीरे के पीछे का रहस्य अब खुल गया है। कृषि विशेषज्ञों ने इसके लिए सही बीज, मचान विधि और पोषक तत्वों के प्रबंधन को मुख्य वजह बताया है।