उपनाम: किसान
खगड़िया के किसानों के लिए सिंचाई के आधुनिक साधन हुए आसान, सरकार दे रही है भारी अनुदान
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए खगड़िया के किसान अब अपने खेतों में ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाकर पानी की बचत और सिंचाई लागत में कटौती कर सकते हैं।
छपरा में खेती का कमाल, बंजर पड़ी जमीन पर लहलहाई मखाने की फसल
छपरा के जलालपुर में अनुपयोगी मानी जाने वाली जमीन पर मखाने की सफल खेती का ट्रायल पूरा हो गया है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर की गई इस नई पहल से किसानों को अच्छी कमाई और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
धान की खेती: कल्ले फूटने के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल, फसल की पैदावार में होगा इजाफा
सितंबर का महीना धान की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान पौधों में कल्ले विकसित होते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए पोटाश और संतुलित खाद के सही इस्तेमाल की सलाह दी है।
सांवलिया सेठ के दरबार में किसान का अनोखा दान, टमाटर की बंपर कमाई के बाद चढ़ाया 250 ग्राम चांदी का टमाटर
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में एक किसान ने अपनी मन्नत पूरी होने पर 250 ग्राम चांदी का टमाटर अर्पित किया है। किसान ने टमाटर की खेती से 30 लाख रुपये की बंपर कमाई की थी, जिसे उसने भगवान का आशीर्वाद माना।
ड्रिप सिंचाई तकनीक: कम पानी में बंपर पैदावार के साथ पाएं 90 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान
आधुनिक खेती में जल संकट से निपटने के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई वरदान साबित हो रही है, जिससे न केवल पानी की बचत होती है बल्कि फसलों की पैदावार में भी काफी बढ़ोतरी होती है।
तेलंगाना के किसानों के लिए वरदान बनी सीताफल की खेती, कम लागत में कमा रहे लाखों का मुनाफा
तेलंगाना की सूखी और पथरीली जमीन पर सीताफल की खेती किसानों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन गई है। कम पानी और मेहनत में किसान अब हर एकड़ से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा आसानी से कमा रहे हैं।
बाजार में भिंडी 60 रुपए किलो लेकिन किसान को सिर्फ 1 रुपया, महिला किसान का छलका दर्द
फरीदाबाद के डीग गांव की एक महिला किसान ने अपनी मेहनत का सही मोल न मिलने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके खेत से भिंडी मात्र 1 रुपये प्रति किलो बिक रही है, जबकि आम बाजारों में ग्राहक इसे 60 रुपये तक खरीदने को मजबूर हैं।
फूलगोभी की खेती से कमाना है लाखों का मुनाफा, तो अपनाएं ये वैज्ञानिक तरीके
फूलगोभी की खेती किसानों के लिए कम समय में कमाई का एक बेहतरीन जरिया है। सही किस्मों के चयन और वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल से किसान महज 70 से 75 दिनों में बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।
खंडवा की पुरानी मंडी: बैलगाड़ियों का दौर, लुटेरों का खौफ और व्यापार का इतिहास
मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी न केवल व्यापार का एक केंद्र रही है, बल्कि यह किसानों के संघर्षों और उनके ऐतिहासिक बदलावों की गवाह भी है। ब्रिटिश कालीन इस मंडी ने उस समय को करीब से देखा है जब किसान अपनी उपज बेचने के लिए लंबी और खतरनाक य...
खेती से मालामाल: बोकारो के किसान युवराज ने मूंगफली की खेती से दिखाया कमाल, 3 महीने में 60 हजार का मुनाफा
बोकारो के किसान युवराज महतो ने पारंपरिक फसलों को छोड़कर मूंगफली की खेती को अपनाया है। वे केवल 10 हजार रुपये की लागत लगाकर हर सीजन में 60 हजार रुपये तक की शुद्ध कमाई कर रहे हैं।
थाई एप्पल की खेती से मालामाल होने का मौका, एक बार लगाएं पेड़ और सालों तक कमाएं लाखों
अगर आप कम पानी और कम मेहनत में खेती से तगड़ी कमाई करना चाहते हैं, तो थाई एप्पल की बागवानी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। इस खेती की सबसे बड़ी खासियत यह है कि एक बार पौधे लगाने के बाद आपको बार-बार बुवाई करने की जरूरत नहीं पड़ती और मात्र एक साल के भ...
खेती की नई तकनीक: अब मजदूरों की जरूरत खत्म, सिर्फ 30 मिनट में एक बीघा फसल काटेगी यह आधुनिक मशीन
कटाई के समय मजदूरों की कमी से जूझ रहे किसानों के लिए ट्रैक्टरचलित रिपर मशीन किसी वरदान से कम नहीं है। यह आधुनिक उपकरण महज आधे घंटे में एक बीघा फसल की कटाई कर देता है, साथ ही सरकार इस पर 60 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दे रही है।
शाहजहांपुर में ड्रैगन फ्रूट की खेती से बढ़ेगी किसानों की कमाई, सरकार दे रही भारी सब्सिडी
शाहजहांपुर के किसान अब ड्रैगन फ्रूट की खेती कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं, जिसके लिए सरकार ने प्रति हेक्टेयर लाखों रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
सरगुजा: मेझरी की पारंपरिक खेती का जलवा बरकरार, कम खर्च में मिलता है बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में किसान आज भी अपनी पुरानी विरासत मेझरी की खेती को संजोए हुए हैं, जो कम मेहनत और न्यूनतम लागत में अच्छी पैदावार देती है।
अगस्त में करें गाजर और मूली की अगेती खेती, त्योहारी सीजन में होगी मोटी कमाई
अगस्त का दूसरा पखवाड़ा गाजर और मूली की अगेती बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, जिससे किसान त्योहारों के दौरान बाजार में बेहतर मांग और मुनाफे का लाभ उठा सकते हैं।