उपनाम: किसान
खेत में कितना डालें यूरिया, डीएपी और पोटाश? ICAR के इस ऐप से मिनटों में मिलेगा सही जवाब
किसानों के लिए उर्वरकों का सही और संतुलित उपयोग खेती की लागत घटाने के साथ बेहतर उत्पादन के लिए बेहद ज़रूरी है. ICAR का फर्टिलाइजर कैलकुलेटर ऐप इस काम में किसानों की मदद कर सकता है, जो फसल और ज़मीन के अनुसार खाद की सही मात्रा बताता है.
गहरी जुताई बनी खेती की गेमचेंजर: एक तरीका, तीन फायदे और बढ़ता उत्पादन
खरीफ सीजन की तैयारी में जून की तेज धूप का लाभ उठाकर की गई गहरी जुताई फसल को रोग-कीट से बचाती है, उत्पादन बढ़ाती है और सूखे में बीमा की तरह काम करती है।
मानसून पर भरोसा घटा! अतिवृष्टि और सूखे से फसल बचाने की यह नई बुवाई तकनीक अपनाएं
लगातार बदलते मौसम के बीच किसानों को बारिश और सूखे दोनों की मार झेलनी पड़ रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ऊंची क्यारी-नाली और चौड़ी क्यारी-नाली पद्धति अपनाकर फसल को इस दोहरी मार से बचाया जा सकता है और उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है।
बारिश कम हुई तो किसान क्या उगाएं? वैज्ञानिक ने सुझाईं 90 दिन में पकने वाली फसलें
कम बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक किसानों को लंबी अवधि वाली धान की जगह कम समय में तैयार होने वाली सोयाबीन और अरहर जैसी फसलें अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
मक्के की खेती की ओर बढ़ता रुझान! इन हाइब्रिड किस्मों से होगी बंपर पैदावार, कृषि विभाग की अहम सलाह
शिवपुरी जिले में पिछले दो सालों से मक्के की खेती का रकबा लगातार बढ़ रहा है। कृषि विभाग ने बेहतर उत्पादन के लिए कुछ चुनिंदा हाइब्रिड किस्में बोने की सलाह दी है।
खाद की किल्लत से परेशान किसानों के लिए राहत, अपनाएं ये किफायती विकल्प और बढ़ाएं पैदावार
बुवाई के मौसम में यूरिया और डीएपी की मांग बढ़ने पर किसानों को अक्सर खाद की कमी झेलनी पड़ती है। कृषि विभाग ने रासायनिक उर्वरकों की जगह कई सस्ते और कारगर विकल्प अपनाने की सलाह दी है।
काला तरबूज नामधारी से ₹25-30 क्यों महंगा? खेती एक जैसी, फिर भी दाम में फर्क
एक ही खेत में, एक जैसी मेहनत से उगने के बावजूद काला गोल तरबूज नामधारी की तुलना में प्रति 5 किलो ₹25-30 महंगा बिकता है। किसानों के मुताबिक इसकी असल वजह बाजार की मांग है।
किसानों की राह आसान! हनौता बांध परियोजना पूरी होने के करीब, रबी सीजन में मिलेगा सिंचाई का पानी
सागर जिले की हनौता बांध सिंचाई परियोजना अपने अंतिम पड़ाव पर है और अधिकारियों के मुताबिक करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। परियोजना शुरू होने के बाद किसान साल में तीन फसलें ले सकेंगे।
जैविक खेती का देसी नुस्खा: घर पर बनाएं पंचगव्य खाद, कम खर्च में पाएं तंदुरुस्त फसल
देसी गाय के पांच तत्वों से तैयार पंचगव्य खाद कम लागत में मिट्टी की उर्वरता और फसल की गुणवत्ता दोनों बढ़ाती है, जिसे किसान आसानी से घर पर बना सकते हैं।
बीकानेर के चर्चित बीज कांड में बड़ी कार्रवाई, छह आरोपी न्यायिक हिरासत में; ACB को तलाश पूरे नेटवर्क की
नकली बीज कारोबार और कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में जुगलकिशोर विश्नोई समेत छह आरोपियों को जेल भेजा गया है। एसीबी अब तक 2.45 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद कर चुकी है और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
जब बिहार विधानसभा में पहली बार एक किसान ने रखी अपनी बात, बदल गई कृषि नीति; जन लोकपाल बिल कमेटी में मिली जगह
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ सदस्यों के समक्ष एक किसान ने पूरे 24 मिनट तक अपना पक्ष रखा और राज्य की कृषि व्यवस्था की ऐसी तस्वीर पेश की जिसने नीति निर्माताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
कद्दू की खेती : फूल सूखने से परेशान? जानिए वो 4 वजहें जिनमें 99% किसान करते हैं चूक
कद्दू की फसल में फूल आने के बावजूद उनका सूख जाना पैदावार घटा देता है। कृषि वैज्ञानिक के अनुसार इसके पीछे पोषण, पानी, कीट और मौसम से जुड़े चार प्रमुख कारण हैं।
खेती में ग्राफ्टिंग विधि क्या है? जिससे दो पौधे बन जाते हैं एक, किसानों के लिए वरदान बन रही नई तकनीक
ग्राफ्टिंग एक ऐसी बागवानी तकनीक है जिसमें दो अलग-अलग पौधों के हिस्सों को जोड़कर एक नया और मजबूत पौधा तैयार किया जाता है। यह पौधों को जल्दी फल देने, बेहतर गुणवत्ता और अधिक रोग प्रतिरोधक क्षमता देने में मदद करती है।
खैरथल मंडी में सरसों के भाव चढ़े, महीनेभर में 1000 रुपये तक का उछाल, देखें मौजूदा दर
खैरथल कृषि उपज मंडी में सरसों के दाम 7600 से 7800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच मजबूत बने हुए हैं और तेल की कीमत करीब 160 रुपये प्रति लीटर तक जा पहुंची है। सीमित आवक और किसानों द्वारा स्टॉक रोके रखने से बाजार में तेजी कायम है।
समस्तीपुर के वैज्ञानिकों ने तैयार किया जिंक से भरपूर 'सुपर राइस', पोषण के साथ किसानों को भी फायदा
समस्तीपुर के डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक हाई-जिंक धान की नई किस्म बायो-45 विकसित कर रहे हैं, जिसका बीज तैयार करने और लॉन्चिंग की तैयारी अंतिम चरण में है। यह किस्म कुपोषण से लड़ाई में अहम भूमिका निभा सकती है।