खगड़िया के किसानों के लिए सिंचाई के आधुनिक साधन हुए आसान, सरकार दे रही है भारी अनुदान भारत एक घंटा पहले 4
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के जरिए खगड़िया के किसान अब अपने खेतों में ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाकर पानी की बचत और सिंचाई लागत में कटौती कर सकते हैं।

खगड़िया में सिंचाई की नई राह

बिहार के खगड़िया जिले के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार खेती को आधुनिक और किफायती बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में अब प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत किसानों को ड्रिप सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित करने पर सरकार की ओर से आर्थिक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इस पहल का मुख्य लक्ष्य कम पानी का उपयोग करके फसलों की सिंचाई करना और खेती पर होने वाले खर्च को कम करना है।

ड्रिप सिंचाई पर मिलने वाली आर्थिक सहायता

खगड़िया जिला उद्यान पदाधिकारी अभय कुमार मंडल ने इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए ड्रिप सिंचाई व्यवस्था पर किसानों को 55 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। यदि राशि के तौर पर देखा जाए, तो प्रति हेक्टेयर 33,747 रुपये तक की अधिकतम सहायता राशि निर्धारित की गई है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि एक किसान अधिकतम 12.5 एकड़ तक की जमीन पर इस सुविधा का लाभ उठा सकता है। जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 400 एकड़ क्षेत्र को कवर करने का लक्ष्य तय किया गया है। ड्रिप सिस्टम की मदद से पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जिससे न केवल पानी की भारी बचत होती है, बल्कि सिंचाई में होने वाले अनावश्यक खर्च में भी भारी कमी आती है।

मिनी स्प्रिंकलर प्रणाली पर अनुदान

ड्रिप सिंचाई के अलावा मिनी स्प्रिंकलर के लिए भी सरकार ने सब्सिडी का प्रावधान किया है। इस प्रणाली के तहत किसानों को प्रति हेक्टेयर 25,269 रुपये तक का अनुदान प्राप्त होगा। खगड़िया जिले के लिए मिनी स्प्रिंकलर योजना के तहत 20 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना की आवेदन प्रक्रिया और अन्य नियम ड्रिप सिंचाई प्रणाली के समान ही रखे गए हैं।

योजना का उद्देश्य और लाभ

कृषि विभाग के अधिकारियों का मानना है कि सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों के अपनाने से किसानों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। इस योजना के पीछे का मूल उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • खेती की सिंचाई लागत में प्रभावी कमी लाना।
  • उपलब्ध जल संसाधनों का सही उपयोग कर पानी की बर्बादी रोकना।
  • आधुनिक उपकरणों के उपयोग से फसलों की पैदावार में बढ़ोतरी करना।
  • किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना।

खगड़िया के किसान इस योजना का लाभ उठाकर अपने पारंपरिक सिंचाई के तरीकों में बदलाव ला सकते हैं और कम पानी में अधिक फसल उगाने की तकनीक को अपना सकते हैं। इस अनुदान के माध्यम से उन किसानों को विशेष फायदा होगा जो कम लागत में खेती को आधुनिक बनाना चाहते हैं।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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