सांवलिया सेठ के दरबार में किसान का अनोखा दान, टमाटर की बंपर कमाई के बाद चढ़ाया 250 ग्राम चांदी का टमाटर धर्म 14 घंटे पहले 4
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित सांवलिया सेठ मंदिर में एक किसान ने अपनी मन्नत पूरी होने पर 250 ग्राम चांदी का टमाटर अर्पित किया है। किसान ने टमाटर की खेती से 30 लाख रुपये की बंपर कमाई की थी, जिसे उसने भगवान का आशीर्वाद माना।

सांवलिया सेठ के दरबार में आस्था की अनूठी मिसाल

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मंडफिया में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी मंदिर अपनी चमत्कारी मान्यताओं और भक्तों की अनोखी श्रद्धा के लिए दूर-दूर तक मशहूर है। यहाँ भगवान सांवलिया सेठ के दरबार में हर दिन भक्त अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुँचते हैं और मन्नत पूरी होने पर भगवान को तरह-तरह की भेंट अर्पित करते हैं। हाल ही में एक किसान की ओर से मंदिर में अर्पित की गई एक विशेष भेंट लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस किसान ने अपनी मन्नत के स्वरूप भगवान के चरणों में 250 ग्राम वजनी शुद्ध चांदी का टमाटर भेंट किया है।

टमाटर की खेती से बदली किस्मत

इस अद्भुत भेंट के पीछे की कहानी भी काफी प्रेरणादायक है। यह मामला भीलवाड़ा जिले की मंगरोप तहसील के कल्याणपुर निवासी किसान जगदीश चंद्र प्रहलाद रेबारी से जुड़ा है। जगदीश चंद्र ने अपने 20 बीघा खेत में टमाटर की बड़े पैमाने पर खेती करने का निर्णय लिया था। खेती का कार्य शुरू करने से पहले किसान ने सांवलिया सेठ के दरबार में मत्था टेका और अपनी फसल की अच्छी पैदावार तथा बाजार में उचित मूल्य मिलने की मन्नत मांगी थी। किसान को गहरी आस्था थी कि यदि भगवान ने उनकी मेहनत को सफल बनाया, तो वे अपनी कमाई का एक हिस्सा भगवान को समर्पित करेंगे।

30 लाख रुपये की शानदार आमदनी

किसान की मेहनत और अटूट विश्वास आखिरकार रंग लाया। फसल की कटाई के समय न केवल उत्पादन बंपर हुआ, बल्कि बाजार में टमाटर के भाव भी बहुत अच्छे मिले। इस सफल खेती के परिणाम स्वरूप किसान को कुल 30 लाख रुपये की बंपर आमदनी हुई। इस अपार सफलता के बाद जगदीश चंद्र ने इसे केवल अपनी मेहनत नहीं, बल्कि इसे सांवलिया सेठ का विशेष आशीर्वाद माना। अपनी मन्नत को याद करते हुए उन्होंने इस सफलता के प्रतीक के रूप में भगवान को कुछ विशेष भेंट करने का निर्णय लिया और चांदी के टमाटर के रूप में अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

परिवार के साथ पहुँचे मंदिर

मन्नत पूरी होने के बाद, जगदीश चंद्र अपने परिवार के सदस्यों के साथ मंडफिया स्थित सांवलिया सेठ के मंदिर पहुँचे। यहाँ उन्होंने विधि-विधान से 250 ग्राम चांदी से बना यह टमाटर भगवान सांवलिया सेठ को अर्पित किया। किसान का कहना है कि टमाटर की फसल से मिली यह बड़ी कामयाबी उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई है और वे इस खुशी के अवसर पर भगवान के प्रति आभार जताने के लिए ही मंदिर आए थे। उन्होंने टमाटर के आकार में ही चांदी की इस कलाकृति को विशेष रूप से तैयार करवाया था ताकि उनकी मन्नत का सही स्वरूप भगवान को भेंट किया जा सके।

मंदिर में अनोखी भेंटों का सिलसिला

सांवलिया सेठ के दरबार में ऐसी अनोखी भेंट का आना कोई नई बात नहीं है। यहाँ के इतिहास पर नजर डालें तो श्रद्धालु अपनी मन्नतें पूरी होने पर सोने और चांदी की कई अजीबोगरीब वस्तुएं अर्पित करते रहे हैं। इससे पहले भी मंदिर में चांदी के ट्रैक्टर, ट्रक, पेट्रोल पंप और पवन चक्की जैसी भेंट चढ़ाई जा चुकी हैं। इन भेंटों को भगवान के प्रति भक्तों की गहरी श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। अब चांदी के टमाटर की यह भेंट भी मंदिर की परंपराओं और आस्था के इस अनोखे सिलसिले का एक हिस्सा बन गई है।

आस्था और मेहनत का संगम

किसान जगदीश चंद्र की यह भेंट न केवल उनकी भक्ति को दर्शाती है, बल्कि खेती और ईश्वर पर अटूट विश्वास के एक सफल मेल को भी प्रदर्शित करती है। 20 बीघा जमीन पर मेहनत करके 30 लाख रुपये कमाने वाले इस किसान की कहानी अब दूसरे श्रद्धालुओं के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है। जो भी श्रद्धालु सांवलिया सेठ के दर्शन करने पहुँच रहे हैं, वे इस चांदी के टमाटर को देखकर आश्चर्यचकित और प्रभावित हो रहे हैं। यह भेंट साफ तौर पर संदेश देती है कि जब मेहनत के साथ ईश्वर पर अटूट भरोसा जुड़ जाता है, तो सफलता का मार्ग स्वतः ही प्रशस्त हो जाता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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