उपनाम: कच्चा तेल
रिलायंस की क्षमता पर फिदा अमेरिका: विदेश मंत्री मार्को रूबियो बोले- भारत के साथ ऊर्जा साझेदारी को नई दिशा देंगे
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिफाइनिंग दक्षता को वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है और भविष्य में कंपनी के साथ बड़े सहयोग के संकेत दिए हैं।
रूस से तेल आयात पर ट्रंप प्रशासन की बड़ी राहत: 60 दिनों की छूट का भारत के लिए क्या है महत्व?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों के लिए 100 फीसदी टैरिफ के नियम में 60 दिनों की अस्थायी छूट देने का बड़ा फैसला किया है, जिससे भारत को बड़ी राहत मिली है।
रूस से रोजाना 28.62 करोड़ लीटर कच्चा तेल खरीदेगा भारत, एक खेप से 40 दिन तक चलेगी दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूसी तेल आयात पर लगे टैरिफ को हटाने के बाद भारतीय तेल कंपनियों के लिए आयात का रास्ता साफ हो गया है। इस फैसले से भारत रोजाना 18 लाख बैरल तेल आयात करने की स्थिति में है, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन की भारी आपूर्ति सुनिश्...
ईरान को परमाणु हथियार बनाने नहीं देंगे, युद्ध थमते ही घटेंगी तेल की कीमतें: डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि वे ईरान को परमाणु हथियार नहीं हासिल करने देंगे। साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के खत्म होते ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट द...
मानव इतिहास में अभूतपूर्व काम, ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने पीएम मोदी की कार्यक्षमता का लोहा माना
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा नीति की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव इतिहास में किसी भी नेता ने इतने बड़े स्तर पर लोगों तक बिजली और ईंधन नहीं पहुंचाया जितना भारत में हुआ है। वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद भ...
हॉर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प तलाश रहे सऊदी अरब और यूएई, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के साथ 1 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट पर चर्चा
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा मार्ग विकसित करने की योजना बना रहे हैं, जिसमें इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड एक प्रमुख भागीदार बन सकती है।
क्या भारत पर लगेगा 100 प्रतिशत का भारी टैरिफ, ब्रिक्स सम्मेलन की तस्वीरें बनीं अमेरिका की नाराजगी का कारण?
अमेरिका में रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने वाले एक विवादित विधेयक पर चर्चा तेज हो गई है, जिसका सीधा असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है।
भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों ने निकाले 13,138 करोड़ रुपये, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
सितंबर महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयरों से भारी निकासी की है, जिसका मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितता और डॉलर का मजबूत होना है।
भारत का कमाल: रूस के कच्चे तेल से पेट्रोल बनाकर वापस उसी को बेच रहा भारत
यूक्रेन के हमलों से जूझ रहे रूस को भारत से भारी मात्रा में पेट्रोल की सप्लाई हो रही है, जिसमें भारत द्वारा रूस के ही कच्चे तेल को रिफाइन कर वापस भेजा जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में गहराता तनाव और कच्चे तेल के भाव तय करेंगे भारतीय शेयर बाजार की चाल
आने वाले दिनों में शेयर बाजार पर वैश्विक दबाव रहेगा, जहां कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े बाजार की दिशा निर्धारित करने में मुख्य भूमिका निभाएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: होर्मुज पर अमेरिका का कब्जा, ईरान की अर्थव्यवस्था हुई बर्बाद
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरी तरह नियंत्रण है। उन्होंने ईरान की गिरती अर्थव्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए तेहरान के साथ किसी भी समझौते की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया है।
ईरान पर प्रतिबंध का दांव: चीन और रूस की एकजुटता बिगाड़ सकती है डोनाल्ड ट्रंप का खेल
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों ने वैश्विक भू-राजनीति में तनाव बढ़ा दिया है। यदि चीन और रूस इस मुद्दे पर एक साथ आते हैं, तो अमेरिका के लिए स्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर डोनाल्ड ट्रंप के दावे गलत, तेल सप्लाई के आंकड़ों ने खोली पोल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण और तेल आपूर्ति को लेकर किए गए दावों पर सवाल उठ रहे हैं। स्वतंत्र विशेषज्ञों और तेल टैंकरों की निगरानी करने वाली कंपनियों के आंकड़े व्हाइट हाउस के दावों के विपरीत एक अलग ही तस्वीर...
शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये बड़े कारक, अगले हफ्ते निवेशकों की नजरें इन खबरों पर
आने वाले सप्ताह में घरेलू शेयर बाजार की चाल वैश्विक परिस्थितियों और भू-राजनीतिक तनावों के बीच तय होगी। निवेशकों का ध्यान फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की बैठक और कच्चे तेल की कीमतों पर मुख्य रूप से केंद्रित रहेगा।
क्या अमेरिका ईरान पर बड़े सैन्य हमले की तैयारी में है, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने बढ़ाई हलचल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए जाने के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव गहरा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरान पर बातचीत के लिए दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा सकती है।