गार्डनिंग टिप्स: सब्जी के छिलकों को कचरा समझकर न फेंकें, घर पर मुफ्त में ऐसे बनाएं ऑर्गेनिक खाद, खिल उठेंगे आपके पौधे भारत 3 घंटे पहले 2
घर की रसोई से निकलने वाले सब्जी और फलों के छिलकों को फेंकने के बजाय आप उनसे पौधों के लिए बेहद पौष्टिक जैविक खाद तैयार कर सकते हैं। जानिए घर पर सॉलिड और लिक्विड कंपोस्ट बनाने का सबसे आसान तरीका।

भीलवाड़ा सहित देश के कई हिस्सों में इन दिनों होम गार्डनिंग का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है। लोग अपने घरों की छतों और बालकनी में तरह-तरह के पौधे लगा रहे हैं। लेकिन पौधों की अच्छी ग्रोथ के लिए अक्सर लोग बाजार से महंगे केमिकल वाले फर्टिलाइजर खरीदकर लाते हैं। क्या आप जानते हैं कि आपके घर की रसोई में ही पौधों के लिए अमृत छुपा हुआ है? अक्सर हम सलाद के लिए खीरा, ककड़ी काटते हैं या फिर आलू, लौकी, कद्दू और फलियों जैसी सब्जियां बनाते समय उनके छिलकों को बेकार समझकर कचरे के डिब्बे में फेंक देते हैं। ऐसा करके हम एक बेहतरीन जैविक खाद को बर्बाद कर देते हैं। इन छिलकों का इस्तेमाल करके आप अपने गार्डन के लिए बिल्कुल मुफ्त में उच्च गुणवत्ता वाली ऑर्गेनिक खाद तैयार कर सकते हैं। इससे न केवल कचरे का सही प्रबंधन होगा, बल्कि आपके पौधों को प्राकृतिक पोषण भी मिलेगा।

घर पर ठोस जैविक खाद बनाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

रसोई के गीले कचरे से सॉलिड कंपोस्ट बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको बाजार से कोई विशेष उपकरण खरीदने की आवश्यकता नहीं है। आप नीचे दी गई विधि का पालन कर सकते हैं:

  • छिलकों को छोटा करें: सबसे पहले अपनी रसोई से निकलने वाले सब्जियों और फलों के छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। छिलके जितने छोटे होंगे, वे उतनी ही जल्दी गलेंगे और खाद बनने की प्रक्रिया तेज होगी।
  • कंटेनर तैयार करें: इसके बाद एक प्लास्टिक की बाल्टी या कोई बड़ा डिब्बा लें। इस बात का ध्यान रखें कि इस डिब्बे में हवा के आने-जाने के लिए छोटे-छोटे छेद जरूर हों, क्योंकि ऑक्सीजन कंपोस्टिंग के लिए बहुत जरूरी है।
  • पहली परत बिछाएं: डिब्बे के सबसे निचले हिस्से में सूखे पत्ते, सूखी मिट्टी या फिर थोड़ा सूखा कचरा डालें। यह परत नमी को सोखने में मदद करेगी।
  • गीले कचरे की परत: सूखी सामग्री के ऊपर अब बारीक कटे हुए सब्जियों के छिलकों की एक परत बिछाएं।
  • परत दर परत प्रक्रिया: इसी तरह आपको एक परत सूखे कचरे की और उसके ऊपर एक परत गीले कचरे की बनानी होगी। इस चक्र को तब तक दोहराएं जब तक कि डिब्बा पूरी तरह भर न जाए।

खाद की देखभाल और बदबू को नियंत्रित करने के उपाय

घर पर खाद बनाते समय कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना आवश्यक है ताकि कंपोस्टिंग की प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके:

  • नमी का संतुलन: कंपोस्ट को हमेशा हल्का नम रखना चाहिए। ध्यान रहे कि इसे सिर्फ गीला रखना है, इसमें पानी भरना नहीं चाहिए। अगर मिश्रण बहुत ज्यादा सूखा लग रहा हो, तो हल्का पानी छिड़क सकते हैं।
  • हवा का संचार: हर तीन से चार दिनों में किसी डंडे या खुरपी की मदद से पूरी सामग्री को अच्छी तरह ऊपर-नीचे हिला दें। ऐसा करने से हवा अंदर तक जाएगी और बैक्टीरिया को कचरा गलाने में मदद मिलेगी।
  • बदबू से छुटकारा: अगर कंपोस्ट बिन से बहुत तेज या असहनीय बदबू आने लगे, तो समझें कि उसमें नमी बहुत ज्यादा हो गई है। इसे ठीक करने के लिए तुरंत उसमें सूखे पत्ते, सूखी मिट्टी या कागज के छोटे टुकड़े मिला दें। इससे दुर्गंध और अतिरिक्त नमी दोनों नियंत्रित हो जाएंगे।
  • तैयार खाद की पहचान: आमतौर पर कुछ हफ्तों के भीतर छिलके पूरी तरह से गल जाते हैं और एक गहरे भूरे या काले रंग की भुरभुरी मिट्टी जैसे दिखने लगते हैं। जब इसमें से कोई तेज बदबू आना बंद हो जाए और ज्यादातर कचरा अपनी पहचान खो दे, तो समझ जाएं कि आपकी मुफ्त की ऑर्गेनिक खाद तैयार है। इसे आप पौधों की मिट्टी में थोड़ी मात्रा में मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं।

पौधों की तुरंत खुराक के लिए बनाएं लिक्विड फर्टिलाइज़र

अगर आप हफ्तों तक कंपोस्ट बनने का इंतजार नहीं करना चाहते और पौधों को तुरंत पोषण देना चाहते हैं, तो सब्जियों के छिलकों से तरल खाद बनाना सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसके लिए सब्जियों के ताजे छिलकों को एक साफ प्लास्टिक की बाल्टी या डिब्बे में पानी के साथ मिलाकर रख दें। इसे लगभग तीन से चार दिनों के लिए छायादार स्थान पर छोड़ दें। इस दौरान पानी का रंग बदल जाएगा और छिलकों के सभी पोषक तत्व पानी में घुल जाएंगे। अब इस पानी को एक सूती कपड़े या छलनी की मदद से अच्छी तरह छान लें। ध्यान रखें कि यह घोल काफी गाढ़ा होता है, इसलिए इसे सीधे पौधों में न डालें। इस्तेमाल करने से पहले इसमें थोड़ा और साफ पानी मिलाकर इसे हल्का पतला करना बेहतर रहता है। इसके बाद इसे पौधों की मिट्टी में डालें।

भूलकर भी कंपोस्ट बिन में न डालें ये चीजें

घर पर सुरक्षित और स्वस्थ खाद बनाने के लिए यह जानना भी बेहद जरूरी है कि आपको कंपोस्ट बिन में क्या नहीं डालना है:

  • पका हुआ भोजन: तेल, नमक, मिर्च-मसालेदार बचा हुआ खाना कंपोस्ट बिन में कभी न डालें। इससे हानिकारक बैक्टीरिया पनप सकते हैं और कीड़े-मकोड़े आने का खतरा बढ़ जाता है।
  • डेयरी और मांसाहार: मीट, मछली, दूध, पनीर या घी जैसी चीजें कंपोस्ट में डालने से बचें। ये चीजें सड़ने पर भयानक बदबू पैदा करती हैं और चूहों को आकर्षित करती हैं।
  • सिर्फ प्राकृतिक कचरा: कंपोस्ट बनाने के लिए केवल साफ सब्जियों, फलों के छिलके और सूखी प्राकृतिक सामग्री का ही उपयोग करें।

इस बेहद आसान और किफायती तरीके को अपनाकर न केवल आप अपने घर से निकलने वाले कचरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं, बल्कि अपने गार्डन की मिट्टी को भी समृद्ध बना सकते हैं। यह पर्यावरण के अनुकूल गार्डनिंग की दिशा में एक बेहतरीन कदम है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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