उपनाम: इतिहास
लोकगीत के पीछे छिपा राजपूताना का अद्भुत इतिहास: जानिए 'आगे-आगे कोतल घोड़लो' का मतलब
राजस्थान का चर्चित लोकगीत 'आगे-आगे कोतल घोड़लो' महज मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह मारवाड़ की एक चतुर युद्धनीति को दर्शाता है।
आगे-आगे कोतल घोड़लो: 600 घोड़ों के सौदे और युद्ध की अनोखी कहानी में छिपी है ऐतिहासिक कूटनीति
राजस्थान का प्रसिद्ध लोकगीत 'आगे-आगे कोतल घोड़लो' महज एक गीत नहीं, बल्कि महाराजा अभय सिंह की उस चतुर युद्धनीति का प्रतीक है, जिसने ढोल की थाप से जयपुर की सेना को मात दी थी।
सरकारी ताजिया: सीकर की 293 साल पुरानी राजशाही परंपरा, आज भी सबसे पहले निकलता है राजा का ताजिया
राजस्थान के सीकर में मोहर्रम के मौके पर 293 साल पुरानी राजशाही परंपरा का निर्वहन किया जाता है, जहाँ आज भी राजा द्वारा शुरू कराया गया 'सरकारी ताजिया' सबसे पहले निकाला जाता है।
गौहर जान: भारत की पहली सेलिब्रिटी गायिका जिनके रुतबे के आगे झुकती थी ब्रिटिश हुकूमत
आजादी से पहले के भारत में गौहर जान संगीत जगत का एक ऐसा नाम थीं, जिनकी लोकप्रियता इतनी थी कि उनके लिए अंग्रेजों को स्पेशल ट्रेन चलानी पड़ी थी।
इतिहास के 6 सबसे भयानक भूकंप, जिनमें तबाह हो गए थे कई देश और गई लाखों जानें
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार दुनिया ने ऐसे कई विनाशकारी भूकंप देखे हैं, जिन्होंने तबाही के नए कीर्तिमान बनाए हैं। इनमें से कुछ घटनाओं में तो तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
लोहागढ़ किला: पुणे के कारोबारी की मौत के बाद चर्चा में आया 900 साल पुराना इतिहास
महाराष्ट्र के लोनावला में स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां शिवाजी महाराज की वीरता की गाथाओं के साथ-साथ कुछ रहस्यमयी मौतें भी चर्चा का विषय बनी हैं।
जब सरदार के भेष में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे थे नरेंद्र मोदी, मदन राठौड़ ने साझा किया आपातकाल का संस्मरण
जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेता मदन राठौड़ ने 1975 के आपातकाल से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया सुनाया। उन्होंने बताया कि किस तरह नरेंद्र मोदी उस मुश्किल दौर में भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों का हौसला बढ़ाने आए थे।
मेक्सिको के घने जंगलों में मिली 1000 साल पुरानी माया सभ्यता की गुमनाम नगरी
मेक्सिको के कैम्पेचे जंगलों में पुरातत्वविदों ने एक विशाल प्राचीन शहर खोज निकाला है जो करीब 1000 सालों से दुनिया की नजरों से ओझल था। इस रहस्यमयी स्थान पर पिरामिड और भव्य महलों के अवशेष मिले हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी दंग हैं।
3.2 अरब साल पुराना इतिहास: जब पूरी दुनिया डूबी थी, तब झारखंड की यह ज़मीन पानी से बाहर थी
वैज्ञानिकों के हालिया शोध में झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र को पृथ्वी के सबसे पुराने भू-भागों में से एक बताया गया है। माना जाता है कि अरबों साल पहले जब पूरी धरती समुद्र में समाई थी, तब सिंहभूम का हिस्सा पानी से ऊपर उभर चुका था।
झांसी की जान है मानिक चौक: सदियों पुराने इस बाजार में आज भी जिंदा है शहर का इतिहास
झांसी का ऐतिहासिक मानिक चौक बाजार सिर्फ खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि अपनी संकरी गलियों और पुरानी विरासत के जरिए शहर की संस्कृति को संजोए हुए है। आधुनिकता के बावजूद आज भी यह बाजार लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
1948 में भारत ने बिना युद्ध छेड़े कैसे पाकिस्तान पर डाला था दबाव
भारत और पाकिस्तान के बीच जल बंटवारे को लेकर 1948 में एक बड़ा तनाव पैदा हुआ था, जब भारत ने नहरों का पानी रोककर पड़ोसी देश की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था।
भरतपुर की 'चीते वाली गली': जहां कभी गूंजती थी शाही शिकार के जानवरों की दहाड़
राजस्थान के भरतपुर में स्थित एक गली आज भी अपने अनोखे नाम 'चीते वाली गली' के जरिए राजशाही दौर की यादें ताजा रखती है, जहां कभी शाही परिवार के लिए चीते और शेर पाले जाते थे।
जौनपुर का वो ऐतिहासिक घर, जहां जवाहरलाल नेहरू के स्वागत के लिए रातोंरात बना था टॉयलेट
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक ऐसा घर है जहां देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के रुकने की विशेष व्यवस्था की गई थी। नेहरू की सुविधा के लिए उस दौर में रातोंरात अंग्रेजी शौचालय का निर्माण करवाया गया था।
बीकानेर का 230 साल पुराना ऐतिहासिक फैसला: जब खेजड़ी के पेड़ों को काटने पर लगाया जाता था भारी जुर्माना
साल 1794 में बीकानेर रियासत ने पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की थी, जहां खेजड़ी के पेड़ों को काटने पर आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया था।
परीक्षा में 33% पासिंग मार्क्स का नियम क्यों है? जानें इसके पीछे का ब्रिटिश इतिहास
भारत में किसी भी परीक्षा में पास होने के लिए 33% अंक अनिवार्य हैं, जिसके पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं बल्कि अंग्रेजों की एक भेदभावपूर्ण सोच छिपी है।