उपनाम: इतिहास
संकट और सदमे के बीच संभाली सत्ता, राजीव गांधी ने कैसे बदली भारत की तस्वीर
राजीव गांधी का जीवन एक साधारण पायलट से देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने तक का सफर रहा। उनकी जयंती पर जानते हैं कि कैसे उन्होंने तकनीक और नवाचार के जरिए आधुनिक भारत की नींव रखी।
क्या सुभाषचंद्र बोस के जीवित रहने पर भारत का विभाजन टाला जा सकता था? एक गहन विश्लेषण
भारत के इतिहास में आज भी यह प्रश्न चर्चा का विषय है कि यदि नेताजी सुभाषचंद्र बोस आजादी के समय जीवित होते, तो क्या देश का बंटवारा रुक सकता था। एक पत्रकार की दृष्टि में उनकी धर्मनिरपेक्ष विचारधारा और नेतृत्व क्षमता कैसे राजनीतिक समीकरण बदल सकती थी, जानिए इस...
2100 साल बाद समंदर की गहराइयों से मिला प्राचीन रोमन जहाज, रहस्यों से उठा पर्दा
इटली के सिसली तट पर गोताखोरों को 2100 साल पुराना एक प्राचीन जहाज मिला है, जो समुद्र की तलहटी में सदियों से छिपा हुआ था। इस ऐतिहासिक खोज ने पुरातत्वविदों को उस दौर के व्यापारिक मार्गों और जीवनशैली को समझने का नया मौका दिया है।
2200 साल पुरानी बीयर का रहस्य: चीन की कब्र में मिला तरल खजाना
चीन के एक प्राचीन कब्रिस्तान की खुदाई में पुरातत्वविदों को 2200 साल पुरानी बीयर मिली है, जो अब भी तरल अवस्था में है। यह अद्भुत खोज ऐतिहासिक रहस्यों को समझने में मदद कर रही है।
आजादी से पहले कैसा दिखता था बागेश्वर, जानिए कत्यूरी साम्राज्य से लेकर ब्रिटिश काल तक का गौरवशाली इतिहास
सरयू और गोमती के तट पर बसा बागेश्वर आज एक आधुनिक जिला मुख्यालय है, लेकिन आजादी से पहले यह स्थान अपनी शांत वादियों, समृद्ध संस्कृति और तिब्बत-कुमाऊं के प्रमुख व्यापारिक केंद्र के रूप में मशहूर था।
राहुल गांधी ने जिस मुलाकात का किया जिक्र, उसमें इंदिरा गांधी को मिला था अमेरिका से धोखा
राहुल गांधी ने हाल ही में इंदिरा गांधी और रोनाल्ड रीगन की 1982 की मुलाकात का किस्सा साझा किया है, जिसने भारत-अमेरिका संबंधों के इतिहास को समझने का एक नया नजरिया दिया है। हालांकि यह यात्रा रिश्तों में सुधार का प्रयास थी, लेकिन इसके बाद भी भारत को कई बार अम...
ऋषिकेश की बदली तस्वीर: कभी बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों का मुख्य रास्ता हुआ करता था यह इलाका
ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट के आसपास का इलाका, जो आज बाजारों और भीड़भाड़ से भरा हुआ है, कभी बद्रीनाथ धाम की कठिन पैदल यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव था। समय के साथ शहर के विकास ने इस ऐतिहासिक रास्ते की पहचान पूरी तरह से बदल दी है।
13 अगस्त 1947: जब बापू पर बरसाए गए पत्थर और नेहरू की रणनीति में हाथ से निकला एनडब्ल्यूएफपी
13 अगस्त 1947 का दिन भारतीय इतिहास में बेहद उथल-पुथल भरा था, जिसमें महात्मा गांधी पर हमले से लेकर पाकिस्तान के जन्म की घोषणा तक शामिल थी।
जिन्ना की धोखेबाजी और ऑल इंडिया रेडियो का वह रहस्यमयी प्रसारण: कैसे 229 दिनों में बलूचिस्तान की आजादी हुई खत्म?
11 अगस्त 1947 को आजाद घोषित हुई कलात रियासत मात्र 229 दिनों के भीतर पाकिस्तान का हिस्सा बन गई। जिन्ना की कूटनीतिक चालों और ऑल इंडिया रेडियो की एक विवादास्पद रिपोर्ट ने इस पूरे घटनाक्रम को हमेशा के लिए एक ऐतिहासिक पहेली बना दिया।
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियां भारत लाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
टोक्यो के रेंकोजी मंदिर में रखी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अस्थियों को भारत वापस लाने के लिए उनकी बेटी अनीता बी. फाफ ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।
10 अगस्त 1947: दिल्ली में तिरंगे पर नेहरू की दलील और कराची में जोगेंद्रनाथ मंडल पर जिन्ना की मेहरबानी
10 अगस्त 1947 के दिन भारत और पाकिस्तान के विभाजन की पृष्ठभूमि में दिल्ली और कराची में दो बड़ी राजनीतिक घटनाएं घटी थीं, जिसने इतिहास की दिशा बदल दी।
15 अगस्त को ही क्यों मिली भारत को आजादी? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य से जुड़ी है शुभ मुहूर्त की यह दिलचस्प कहानी
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जानिए कि कैसे उज्जैन के महान ज्योतिषाचार्य पंडित सूर्यनारायण व्यास की गणनाओं के आधार पर 15 अगस्त की तारीख और आधी रात का शुभ मुहूर्त तय किया गया था।
84 साल पहले 'करो या मरो' के उस नारे ने कैसे हिला दी थी ब्रिटिश साम्राज्य की जड़ें
8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने मुंबई में भारत छोड़ो आंदोलन का बिगुल फूंका था, जिसने ब्रिटिश सत्ता की चूलें हिला दी थीं।
हिरोशिमा परमाणु हमला: 6 अगस्त 1945 की वो खौफनाक सुबह जिसने बदल दी दुनिया की तस्वीर
इतिहास के पन्नों में 6 अगस्त 1945 की तारीख काले अक्षरों में दर्ज है, जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराकर तबाही मचा दी थी।
बिहार में छात्र आंदोलन का लंबा इतिहास: 71 साल पहले बीएन कॉलेज से उठी थी चिंगारी और मंच पर फट गया था कुर्ता
हालिया पेपर लीक विवादों के बीच बिहार के छात्रों का संघर्ष चर्चा में है। आइए जानते हैं आजाद भारत में बिहार के पहले छात्र आंदोलन की अनकही कहानी और महामाया प्रसाद के उस भावुक नेतृत्व के बारे में, जिसने सूबे की राजनीति बदल दी थी।