हिरोशिमा परमाणु हमला: 6 अगस्त 1945 की वो खौफनाक सुबह जिसने बदल दी दुनिया की तस्वीर विश्व 18 घंटे पहले 6
इतिहास के पन्नों में 6 अगस्त 1945 की तारीख काले अक्षरों में दर्ज है, जब अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराकर तबाही मचा दी थी।

इतिहास का वह काला अध्याय

आज से 81 साल पहले 6 अगस्त 1945 की सुबह मानव इतिहास की सबसे दुखद और भयावह घटनाओं में से एक बनकर उभरी। द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, जब जापान किसी भी हाल में आत्मसमर्पण करने को राजी नहीं था, तब अमेरिका ने एक ऐसा कदम उठाने का निर्णय लिया जिसने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया। अमेरिका जापान को युद्ध में घुटने टेकने पर मजबूर करना चाहता था और इसके लिए उसने एक विनाशकारी योजना तैयार की थी।

लिटिल बॉय का खौफनाक प्रहार

अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा शहर को निशाना बनाते हुए लिटिल बॉय नाम का एक यूरेनियम आधारित परमाणु बम गिराने का फैसला किया। 6 अगस्त 1945 की सुबह लगभग 8:15 बजे, अमेरिकी B-29 बॉम्बर विमान जिसका नाम एनोला गे था, ने यह बम हिरोशिमा की धरती पर बरसा दिया। जैसे ही बम गिरा, कुछ ही क्षणों के भीतर पूरा शहर राख के ढेर में बदल गया। यह धमाका इतना शक्तिशाली था कि पलक झपकते ही शहर का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह से नेस्तनाबूद हो गया और अनगिनत लोग काल के गाल में समा गए।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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