2100 साल बाद समंदर की गहराइयों से मिला प्राचीन रोमन जहाज, रहस्यों से उठा पर्दा विश्व 3 घंटे पहले 7
इटली के सिसली तट पर गोताखोरों को 2100 साल पुराना एक प्राचीन जहाज मिला है, जो समुद्र की तलहटी में सदियों से छिपा हुआ था। इस ऐतिहासिक खोज ने पुरातत्वविदों को उस दौर के व्यापारिक मार्गों और जीवनशैली को समझने का नया मौका दिया है।

इतिहास की गहराइयों से निकला रहस्य

दुनिया में कई ऐसी अनसुलझी पहेलियाँ हैं जो सदियों तक इतिहास के पन्नों में ही दबी रहती हैं। कभी-कभी समुद्र की लहरें उन रहस्यों को अपने सीने में हमेशा के लिए दफन कर लेती हैं, लेकिन जब ये रहस्य बाहर आते हैं, तो पूरी दुनिया हैरान रह जाती है। कुछ ऐसा ही नजारा इटली के सिसली द्वीप के तट पर देखने को मिला है। गोताखोरों की एक टीम ने समुद्र की अथाह गहराइयों में एक ऐसा जहाज ढूंढा है, जिसे लोग सदियों से भूला चुके थे। यह 2100 साल पुराना रोमन जहाज है, जो समुद्र के तल में अपनी जगह बनाए हुए था और किसी को इसकी भनक तक नहीं थी।

गोताखोरों को कैसे मिली यह अनमोल धरोहर

इस अद्भुत खोज की कहानी किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं है। फिशरमैन और फ्रीडाइवर जियाकोमो डी मोला समुद्र में गोताखोरी का आनंद ले रहे थे, तभी उनकी नाव पर लगे स्कैनर में कुछ अजीबोगरीब हलचल दिखाई दी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद समुद्र के नीचे कोई बड़ी चट्टान या प्राकृतिक टीला होगा, लेकिन जब उन्होंने गहराई में जाकर गहराई से जांच की, तो वहां मौजूद अवशेषों ने उन्हें चौंका दिया। उन्हें एहसास हुआ कि यह कोई साधारण चट्टान नहीं, बल्कि सदियों पुराने जहाज का ढांचा है। उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी, जिसके बाद विशेषज्ञों और पुरातत्वविदों की एक समर्पित टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच का काम संभाला।

जहाज का मलबा और ऐतिहासिक प्रमाण

पुरातत्वविदों की टीम ने पाया कि यह जहाज सिसिली के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित माजारा डेल वालो से लगभग 4.8 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। यह मलबा समुद्र की सतह से 46 मीटर नीचे दफन था। विशेषज्ञों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह जहाज ईसा पूर्व दूसरी से पहली शताब्दी के बीच का माना जा रहा है। यानी यह जहाज आज से करीब 2,100 साल पहले भूमध्यसागर की लहरों में कहीं खो गया था।

मिट्टी के बर्तनों का मिला भंडार

इस खोज की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जहाज के आसपास आज भी सैकड़ों प्राचीन मटके, जिन्हें एम्फोरा कहा जाता है, बिखरे हुए मिले हैं। प्राचीन काल में इन बड़े मिट्टी के बर्तनों का इस्तेमाल शराब और अन्य आवश्यक वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित पहुँचाने के लिए किया जाता था। पुरातत्वविदों के अनुसार, जहाज का मलबा लगभग 21 मीटर लंबा और 6 मीटर चौड़ा है। इसके साथ ही सीसे से बने एंकर के हिस्से और जहाज निर्माण से जुड़ी अन्य प्राचीन सामग्री भी मिली है, जो उस समय की इंजीनियरिंग पर प्रकाश डालती है।

व्यापारिक रास्तों का खुलेगा राज

इटली के संस्कृति मंत्रालय ने इस खोज को पिछले कुछ वर्षों की सबसे महत्वपूर्ण समुद्री पुरातात्विक खोजों में से एक माना है। शोधकर्ता अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह जहाज मूल रूप से कहां से रवाना हुआ था और इसका गंतव्य क्या था। इसके साथ ही, यह मलबा करीब 2000 साल पहले भूमध्यसागर में उपयोग किए जाने वाले समुद्री व्यापारिक मार्गों की जानकारी जुटाने में भी मदद करेगा। यह खोज पुरातत्व जगत के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है, क्योंकि यह प्राचीन रोमन साम्राज्य के आर्थिक और समुद्री गतिविधियों को समझने के लिए नए साक्ष्य प्रदान करती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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