उपनाम: हिंदी सिनेमा
मामा के साथ शूटिंग देखने पहुंची थी यह अदाकारा, डायरेक्टर ने पहली नजर में दे डाला बड़ा रोल, मोहब्बत में उम्रभर रहीं अकेली
15 जून 1929 को जन्मीं मशहूर गायिका-अभिनेत्री सुरैया महज शूटिंग देखने सेट पर गई थीं, जहां निर्देशक ने उन्हें फिल्म का अहम किरदार थमा दिया। प्यार की खातिर उन्होंने ताउम्र शादी नहीं की।
नवाज और विजय राज को थिएटर में बनना पड़ता था 'पेड़', मनोज बाजपेयी ने सुनाए दिलचस्प किस्से
मनोज बाजपेयी ने अपने थिएटर के दिनों को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में रोल न मिलने पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज को एक नाटक में ढाई-ढाई घंटे पेड़ बनकर खड़ा रहना पड़ता था।
'भारत भाग्य विधाता' रिव्यू: इंसानियत बचाने वाले अनसुने नायकों की रूहानी दास्तान
26/11 मुंबई हमले की पृष्ठभूमि पर बनी 'भारत भाग्य विधाता' उन गुमनाम किरदारों को सामने लाती है जिन्होंने बिना हथियार, सिर्फ हिम्मत और सूझबूझ से मौत को मात दी। कामा अस्पताल की नर्सों और स्टाफ की यह कहानी दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है।
घर से भागकर बने अभिनेता, खलनायकी और नारद के किरदार से छाए जीवन, जिनसे असल जिंदगी में नफरत करने लगे थे लोग
मशहूर अभिनेता जीवन ने खलनायक और नारद मुनि के किरदारों से हिंदी सिनेमा में अमिट छाप छोड़ी. 10 जून 1987 को दुनिया से विदा लेने वाले इस कलाकार का सफर संघर्ष और सफलता की मिसाल है.
पुराने क्लासिक गानों से सजीं 2 फिल्में, मिलकर कमाए 4200 करोड़, फिर भी नाम नहीं जानते लोग
तीन साल के अंतराल में आईं दो ऐसी फिल्में, जिनमें नए गीतों की जगह पुराने क्लासिक गाने सुनाई दिए और दोनों ने मिलकर बॉक्स ऑफिस पर 4000 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर इतिहास रच दिया।
करियर की सबसे बड़ी हिट के बाद ICU में पहुंचे थे संजय गुप्ता, 'कांटे' की कामयाबी का नहीं मना सके थे जश्न
निर्देशक संजय गुप्ता ने बताया कि 'कांटे' की रिलीज के तुरंत बाद हुए जानलेवा हादसे की वजह से वह अपने करियर की सबसे सफल फिल्म की कामयाबी का जश्न नहीं मना पाए और पांच हफ्ते आईसीयू में बिताने पड़े।
पहली ही फिल्म ने रातोंरात बना दिया स्टार, 2002 के बाद लगी फ्लॉप की लाइन, फिर सनी देओल की फिल्म ने थामा डूबता करियर
करीब ढाई दशक से अभिनय की दुनिया में सक्रिय अमीषा पटेल ने डेब्यू फिल्म से ही स्टारडम पाया, पर 2002 के बाद उनकी फिल्में लगातार पिटती रहीं। 9 जून को 51वां जन्मदिन मना रहीं इस अदाकारा को सनी देओल के साथ आई फिल्म ने नई पहचान दिलाई।
साधना की 'वो कौन थी' का यादगार गीत, जिसे डायरेक्टर ने ठुकरा दिया था और मनोज कुमार ने बचा लिया
फिल्म 'वो कौन थी' का मशहूर गीत 'लग जा गले' पहली बार सुनते ही निर्देशक राज खोसला को पसंद नहीं आया था, लेकिन मनोज कुमार के आग्रह पर यह गाना फिल्म का हिस्सा बना और इतिहास रच गया।
मीना कुमारी की आखिरी ख्वाहिश जो मोहम्मद रफी ने की पूरी, बीमारी के दिनों में यही गीत बना था एक्ट्रेस के दर्द की दवा
जीवन के अंतिम दिनों में लीवर सिरोसिस से जूझ रही मीना कुमारी के लिए एक गीत राहत का सहारा बन गया था। मौत के बिस्तर पर पड़ी अभिनेत्री की गुजारिश पर मोहम्मद रफी ने उन्हें वही गीत गाकर सुनाया था।
काजोल की पर्दे पर बनीं बड़ी बहन, करियर में कई ठुकराव झेले, फिर अक्षय कुमार की हीरोइन बनकर बदली किस्मत
बॉलीवुड की फिटनेस आइकॉन शिल्पा शेट्टी आज अपना 51वां जन्मदिन मना रही हैं। 1993 में शाहरुख खान के साथ डेब्यू करने वाली इस अभिनेत्री ने कई रिजेक्शन झेलने के बाद 'धड़कन' से करियर को नई दिशा दी।
16 साल की उम्र में 'बॉबी' से धमाका, राजेश खन्ना के लिए छोड़ा करियर, फिर 'सागर' से वापसी कर जीता दिल
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री डिंपल कपाड़िया आज अपना 69वां जन्मदिन मना रही हैं। महज 16 साल की उम्र में 'बॉबी' से स्टार बनीं डिंपल ने शादी के बाद फिल्में छोड़ीं और फिर 'सागर' से दमदार वापसी की।
'तुम्हारे चेहरे में वो मासूमियत नहीं', राज कपूर ने ठुकरा दिया था डिंपल कपाड़िया को, और एक नई हसीना बन गई स्टार
साल 1985 की चर्चित फिल्म 'राम तेरी गंगा मैली' के लिए डिंपल कपाड़िया ने स्क्रीन टेस्ट दिया था, मगर राज कपूर ने यह कहकर उन्हें नकार दिया कि उनके चेहरे पर वह मासूमियत नहीं है जिसकी उन्हें तलाश थी। आखिरकार यह भूमिका मंदाकिनी के हिस्से आई और वे रातोंरात स्टार...
जब कंगाली की कगार पर पहुंचा सुनील दत्त का परिवार: नरगिस को सिलने पड़े बच्चों के फटे मोजे, गुल्लक के सिक्कों से चला महीने भर का राशन
एक फिल्म की जिद ने सुनील दत्त को बांद्रा का बंगला गिरवी रखने और गाड़ियां बेचने तक पहुंचा दिया था, और हालत यह हुई कि नरगिस को बच्चों के फटे कपड़े सिलने पड़े और एक बार तो गुल्लक के सिक्के गिनकर महीने का खर्च निकालना पड़ा।
आमिर खान ने 'बोरिंग' कहकर लौटा दी थी ये फिल्म, फ्लॉप होकर भी बन गई कल्ट क्लासिक
साल 2004 में आई एक फिल्म को आमिर खान ने कहानी बोरिंग बताकर ठुकरा दिया था, जिसे बाद में शाहरुख खान ने जोखिम उठाकर किया। बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के बावजूद यह फिल्म आज कल्ट क्लासिक मानी जाती है।
16 की उम्र में मिस इंडिया बनीं, सुनील दत्त के साथ निभाया किरदार और ऑस्कर तक पहुँचा एक फिल्म का नाम
सादगी की मिसाल कही जाने वाली नूतन हिंदी सिनेमा की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने मिस इंडिया का खिताब जीता। एक फिल्म में उनका अभिनय इतना सराहा गया कि उसकी गूंज ऑस्कर तक पहुँची।