उपनाम: हिंदी सिनेमा
Zee5 पर मौजूद हैं अक्षय कुमार की ये 7 जबरदस्त फिल्में, वीकेंड पर देखने के लिए हैं बेहतरीन विकल्प
अगर आप घर बैठे अक्षय कुमार की बेहतरीन फिल्मों का आनंद लेना चाहते हैं, तो Zee5 पर उनकी चुनिंदा 7 फिल्मों की लिस्ट उपलब्ध है। ये फिल्में एक्शन, कॉमेडी और सामाजिक संदेश का बेहतरीन मिश्रण हैं।
त्रिदेव फिल्म में ओए ओए गाना मिलने पर सोनम खान ने तोड़ी चुप्पी, अफेयर की खबरों का बताया सच
अभिनेत्री सोनम खान ने 37 साल पुरानी उस अफवाह को खारिज किया है, जिसमें दावा किया गया था कि उन्हें 'त्रिदेव' फिल्म और उसका सुपरहिट गाना डायरेक्टर राजीव राय से अफेयर के चलते मिला था।
टॉम अल्टर: राजेश खन्ना की फिल्म देख जगी अभिनय की चाहत, धर्मेंद्र की फिल्म से मिली पहली पहचान
हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार टॉम अल्टर का जन्म 22 जून 1950 को हुआ था। अभिनय के प्रति उनका जुनून राजेश खन्ना की फिल्म 'आराधना' को देखकर जागा था, जिसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
21 साल की सरकारी नौकरी के बाद बॉलीवुड के 'मोगैम्बो' बने अमरीश पुरी, एक रोल ने बदली किस्मत
हिंदी सिनेमा के सबसे प्रतिष्ठित खलनायकों में शुमार अमरीश पुरी ने अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले 21 साल तक सरकारी नौकरी की थी। फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के मोगैम्बो किरदार ने उन्हें एक अलग ही पहचान दिलाई जो आज भी दर्शकों के बीच जीवित है।
जूही चावला का वह इमोशनल गाना जो शादी की विदाई में बजने से रह गया दूर
फिल्म साजन का घर का एक गाना आज भी दर्शकों के दिल को छू जाता है, लेकिन इसके दर्दभरे बोलों के कारण इसे शादियों में नहीं बजाया जाता है।
फादर्स डे पर भावुक हुए रजत बेदी, बचपन में ही पिता को खोने के दर्द को किया साझा
अभिनेता रजत बेदी ने फादर्स डे के अवसर पर अपने पिता और परिवार की फिल्मी विरासत को याद किया। उन्होंने बताया कि मात्र 9 साल की उम्र में पिता को खोना उनके लिए कितना मुश्किल था।
43 साल पहले योग पर बना था यह अनोखा गाना, किशोर कुमार के बेटे अमित कुमार ने बिखेरे थे जलवे
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर याद करते हैं बॉलीवुड का एक खास गीत, जिसमें 43 साल पहले योग के फायदों को बेहद ऊर्जावान तरीके से पेश किया गया था।
एक ही रात में तय हुईं दो फिल्में, किशोर कुमार की धुन ने रचा इतिहास
साठ के दशक में सिर्फ देव आनंद के लिए गाने वाले किशोर कुमार ने एसडी बर्मन की कठिन धुन को बदलकर ऐसा सुरीला गीत बनाया कि वह अमर हो गया और फिल्म हिंदी सिनेमा की मील का पत्थर साबित हुई।
‘जब वी मेट’ से ‘तमाशा’ तक: इम्तियाज अली के किरदार आखिर घर छोड़कर क्यों निकल पड़ते हैं? जानिए डायरेक्टर का सबसे बड़ा राज
इम्तियाज अली के जन्मदिन पर एक नजर उस खास बात पर, जो उनकी फिल्मों को यादगार बनाती है — आखिर क्यों उनके ज्यादातर किरदार घर छोड़कर सफर पर निकल पड़ते हैं।
अभिनेता, निर्देशक और निर्माता के रूप में बनाई पहचान, 'रामायण' ने दिलाई घर-घर में शोहरत, 110 से अधिक फिल्मों में किया अभिनय
हिंदी सिनेमा के दिग्गज कलाकार चंद्रशेखर वैद्य को 'रामायण' में सुमंत की भूमिका के लिए आज भी याद किया जाता है। 16 जून 2021 को 98 साल की उम्र में उनका निधन हो गया था।
गाँव की मिट्टी से बॉलीवुड तक: सीतामढ़ी के निशांत सिंह ने अभिनय की दुनिया में बनाई अलग पहचान
सीतामढ़ी के एक छोटे से गाँव से निकले अभिनेता निशांत सिंह आज बॉलीवुड का उभरता चेहरा बन चुके हैं। अब वे 'दृश्यम 3' में सब-इंस्पेक्टर शिव और नेटफ्लिक्स सीरीज 'ये दिल सुन रहा है' में 'दो नम्बरी' के किरदार में नजर आएंगे।
रियल लाइफ गैंगस्टर पर बनीं तीन फिल्में, एक रही ब्लॉकबस्टर तो दूसरी सेमीहिट, तीसरी ने जीता नेशनल अवॉर्ड
मुंबई अंडरवर्ल्ड के डॉन की जिंदगी पर 25 साल के दौरान बनी तीन फिल्मों में से एक ब्लॉकबस्टर साबित हुई, एक हिट रही और एक को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया।
मामा के साथ शूटिंग देखने पहुंची थी यह अदाकारा, डायरेक्टर ने पहली नजर में दे डाला बड़ा रोल, मोहब्बत में उम्रभर रहीं अकेली
15 जून 1929 को जन्मीं मशहूर गायिका-अभिनेत्री सुरैया महज शूटिंग देखने सेट पर गई थीं, जहां निर्देशक ने उन्हें फिल्म का अहम किरदार थमा दिया। प्यार की खातिर उन्होंने ताउम्र शादी नहीं की।
नवाज और विजय राज को थिएटर में बनना पड़ता था 'पेड़', मनोज बाजपेयी ने सुनाए दिलचस्प किस्से
मनोज बाजपेयी ने अपने थिएटर के दिनों को याद करते हुए बताया कि शुरुआत में रोल न मिलने पर नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विजय राज को एक नाटक में ढाई-ढाई घंटे पेड़ बनकर खड़ा रहना पड़ता था।
'भारत भाग्य विधाता' रिव्यू: इंसानियत बचाने वाले अनसुने नायकों की रूहानी दास्तान
26/11 मुंबई हमले की पृष्ठभूमि पर बनी 'भारत भाग्य विधाता' उन गुमनाम किरदारों को सामने लाती है जिन्होंने बिना हथियार, सिर्फ हिम्मत और सूझबूझ से मौत को मात दी। कामा अस्पताल की नर्सों और स्टाफ की यह कहानी दर्शकों को भीतर तक झकझोर देती है।