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एक घंटा पहले
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हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्रियों में शुमार डिंपल कपाड़िया उन कलाकारों में हैं, जिन्होंने बेहद कम उम्र में ही शोहरत की बुलंदियों को छू लिया था। 8 जून 1957 को एक गुजराती परिवार में जन्मीं डिंपल का फिल्मी करियर जितना चमकदार रहा, उनका निजी जीवन भी उतना ही सुर्खियों में बना रहा। आज वह अपना 69वां जन्मदिन मना रही हैं।
डेब्यू पर ही दिग्गजों को दी टक्कर
डिंपल कपाड़िया ने अपने करियर में एक से बढ़कर एक हिट फिल्में दीं। सुपरस्टार राजेश खन्ना से शादी के बाद उनकी जिंदगी ने पूरी तरह करवट ली, मगर इसके बावजूद उन्होंने सही समय पर अभिनय की दुनिया में लौटकर तहलका मचा दिया। 70 के दशक में जब हेमा मालिनी, रेखा और मुमताज का दबदबा था, उसी दौर में डिंपल ने अपने डेब्यू से ही सभी को कड़ी टक्कर दे दी थी।
'बॉबी' ने रातोंरात बनाया स्टार
सिर्फ 16 साल की उम्र में डिंपल को राज कपूर की फिल्म 'बॉबी' में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला। साल 1973 में आई इस फिल्म ने उन्हें एक ही रात में स्टार बना दिया। उनकी मासूमियत, खूबसूरती और अदाकारी ने दर्शकों के दिलों पर राज कर लिया। पहली ही फिल्म से उन्हें वह कामयाबी मिल गई, जिसके लिए कई अभिनेत्रियां वर्षों तक संघर्ष करती रहती हैं।
स्टारडम से ज्यादा परिवार को दी अहमियत
'बॉबी' के रिलीज होने से पहले ही डिंपल ने हिंदी सिनेमा के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना से विवाह कर लिया था। शादी के बाद उन्होंने फिल्मों से किनारा कर लिया और परिवार को वक्त देने का निर्णय लिया। उस समय वह अपने करियर के सबसे सुनहरे दौर में थीं, फिर भी उन्होंने शोहरत के बजाय अपने वैवाहिक जीवन को प्राथमिकता दी।
चर्चित रही शादी, दो बेटियां
राजेश खन्ना और डिंपल कपाड़िया का विवाह उस दौर की सबसे ज्यादा चर्चित शादियों में से एक था। दोनों की उम्र में काफी फासला था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने एक-दूसरे का साथ निभाने का फैसला किया। शादी के बाद उनकी दो बेटियां हुईं—ट्विंकल खन्ना और रिंकी खन्ना। समय बीतने के साथ दोनों के रिश्ते में दूरियां बढ़ती गईं और आगे चलकर वे अलग-अलग रहने लगे। हालांकि, उन्होंने कभी औपचारिक रूप से तलाक नहीं लिया।
'सागर' से शानदार वापसी
निजी जीवन के उतार-चढ़ाव झेलने के बाद डिंपल ने एक बार फिर फिल्मों में लौटने का मन बनाया। साल 1985 में रिलीज हुई 'सागर' उनकी कमबैक फिल्म साबित हुई। इस फिल्म में उनके साथ ऋषि कपूर और कमल हासन नजर आए। फिल्म को दर्शकों ने खूब सराहा और डिंपल की दूसरी पारी भी कामयाब रही।
'रुदाली' से मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
इसके बाद उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया। 'राम लखन', 'खलनायक', 'क्रांतिवीर', 'गर्दिश', 'अर्जुन', 'दिल आशना है' और 'एतबार' जैसी फिल्मों में उनके अभिनय की खूब तारीफ हुई। साल 1993 में आई 'रुदाली' उनके करियर का अहम पड़ाव बनी। इस फिल्म में बेहतरीन अदाकारी के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया।
चरित्र भूमिकाओं में भी छाप
समय के साथ डिंपल ने खुद को सिर्फ मुख्य अभिनेत्री की भूमिकाओं तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने चरित्र भूमिकाओं में भी अपनी अलग पहचान बनाई। 'लक बाय चांस', 'दबंग', 'पटियाला हाउस' और 'कॉकटेल' जैसी फिल्मों में उन्होंने यह साबित कर दिया कि बेहतरीन अभिनय की कोई उम्र नहीं होती।
आज भी मेकर्स की पहली पसंद
आज भी डिंपल कपाड़िया हिंदी सिनेमा की उन अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपने दम पर इंडस्ट्री में खास मुकाम बनाया और हर दौर में दर्शकों का प्यार बटोरा। ओटीटी के मंच पर भी उन्होंने अपने अभिनय का हुनर आजमाया है और आज भी वह फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनी हुई हैं।
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