आमिर खान ने 'बोरिंग' कहकर लौटा दी थी ये फिल्म, फ्लॉप होकर भी बन गई कल्ट क्लासिक मनोरंजन एक घंटा पहले 2
साल 2004 में आई एक फिल्म को आमिर खान ने कहानी बोरिंग बताकर ठुकरा दिया था, जिसे बाद में शाहरुख खान ने जोखिम उठाकर किया। बॉक्स ऑफिस पर असफल रहने के बावजूद यह फिल्म आज कल्ट क्लासिक मानी जाती है।

हिंदी सिनेमा का इतिहास ऐसे कई किस्सों से भरा है, जब किसी बड़े सितारे ने कोई फिल्म ठुकरा दी और किसी दूसरे कलाकार ने वही जोखिम उठाते हुए उस किरदार को अपनाया। साल 2004 में रिलीज हुई एक फिल्म के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस फिल्म को आमिर खान ने 'बोरिंग कहानी' कहकर करने से मना कर दिया था, जबकि एक अन्य सुपरस्टार ने इसे चुनौती की तरह स्वीकार किया। बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म नाकाम रही, मगर समय के साथ इसकी पहचान कल्ट क्लासिक के रूप में बन गई।

कौन सी थी वो फिल्म

जिस फिल्म को आमिर खान ने ठुकराया, वह शाहरुख खान के करियर के लिए असफल होने के बावजूद यादगार साबित हुई। साल 2004 में रिलीज हुई इस फिल्म का नाम है 'स्वदेस'। आज इसे हिंदी सिनेमा की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब आमिर खान ने इसमें काम करने से साफ इनकार कर दिया था।

आमिर खान के पास पहले पहुंची थी स्क्रिप्ट

निर्देशक आशुतोष गोवारिकर सबसे पहले 'स्वदेस' की पटकथा लेकर आमिर खान के पास गए थे और उन्हें फिल्म की कहानी सुनाई थी। इससे पहले दोनों 'लगान' जैसी ब्लॉकबस्टर में साथ काम कर चुके थे। बावजूद इसके, बताया जाता है कि आमिर को 'स्वदेस' की कहानी बेहद बोरिंग लगी।

आमिर खान का मानना था कि फिल्म का विषय काफी धीमा है और आम दर्शकों का मनोरंजन करने वाला नहीं है। इसी वजह से उन्होंने इसे करने से मना कर दिया। बाद में यह फिल्म शाहरुख खान को सौंपी गई और उन्होंने इसके लिए हामी भर दी।

शाहरुख के लिए भी आसान नहीं था फैसला

आमिर के इनकार के बाद जब यह फिल्म शाहरुख खान के पास पहुंची, तो उनके लिए भी इसे चुनना सरल नहीं था। इससे पहले वह रोमांटिक फिल्मों के दम पर सुपरस्टार का दर्जा हासिल कर चुके थे। इसके बावजूद उन्होंने इस कहानी को दिल से अपनाया और फिल्म में काम किया।

शाहरुख को महसूस हुआ कि रोमांटिक भूमिकाओं से हटकर यह किरदार उन्हें करियर में कुछ नया करने का अवसर देगा। उनका यह फैसला आगे चलकर उनके करियर की सबसे सराही गई परफॉर्मेंस में बदल गया। फिल्म भले ही फ्लॉप रही, लेकिन इसने 18 अवॉर्ड अपने नाम किए।

क्या थी फिल्म की कहानी

'स्वदेस' में शाहरुख खान ने मोहन भार्गव का किरदार निभाया, जो अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी NASA में काम करने वाला एक भारतीय वैज्ञानिक है। अपने बचपन में देखभाल करने वाली कावेरी अम्मा को वापस ले जाने के लिए वह भारत आता है। गांव में रहते हुए उसे देश की असली तस्वीर दिखाई देती है और फिर वह गांव के विकास के लिए काम करने का फैसला करता है। यह कहानी दर्शकों के दिल को छू गई।

समय के साथ बढ़ी लोकप्रियता

रिलीज के समय 'स्वदेस' ने कोई खास कमाल नहीं दिखाया, लेकिन इसकी असली लोकप्रियता वक्त के साथ बढ़ती गई। टीवी और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आने के बाद नई पीढ़ी ने भी इसे खूब सराहा। यही कारण रहा कि एक फ्लॉप फिल्म बाद में कल्ट साबित हुई। जब भी देशभक्ति और सामाजिक बदलाव पर बनी फिल्मों की बात होती है, तो 'स्वदेस' का जिक्र जरूर आता है।

करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस

यह फिल्म शाहरुख खान के करियर की सबसे शानदार परफॉर्मेंस में गिनी जाती है। समीक्षकों और दर्शकों ने 'स्वदेस' में उनके अभिनय को परिपक्व करार दिया। बिना किसी बड़े एक्शन, रोमांस या मसाले के उन्होंने एक साधारण इंसान की कहानी को बेहद प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा। आज भी कई लोग मोहन भार्गव के किरदार को शाहरुख के करियर की सर्वश्रेष्ठ भूमिका मानते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!