उपनाम: छपरा
यूट्यूब से मिली सीख और छपरा के किसान ने बदली किस्मत, केले की खेती से हो रही मोटी कमाई
बिहार के छपरा जिले में किसान पारंपरिक फसलों को छोड़कर अब केले की बागवानी की तरफ रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें गेहूं और धान से कहीं अधिक मुनाफा मिल रहा है।
छपरा के किसान सत्यनारायण यादव का कमाल: खेती को बना दिया चलता-फिरता एटीएम, रोजाना हो रही है बंपर कमाई
बिहार के छपरा जिले के प्रगतिशील किसान सत्यनारायण यादव ने जैविक खेती के जरिए सफलता की मिसाल पेश की है। वे रासायनिक खाद को छोड़कर खुद खाद तैयार कर रहे हैं और रोजाना लौकी की बिक्री से हर महीने हजारों रुपये कमा रहे हैं।
खेती का शानदार मॉडल: एक ही खेत से कई गुना कमाई का जरिया, अपनाएं यह अनोखा तरीका
छपरा के किसान अब एक ही खेत में एक साथ कई फसलें उगाकर अपनी आय को दोगुना और तिगुना कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए जैविक खेती के इस तरीके से लागत कम और उत्पादन अधिक हो रहा है।
छपरा के किसान अब घर पर बना रहे जैविक खाद और दवा, खेती की लागत में आई भारी कमी
बिहार के छपरा में कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसान खुद ही जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती का खर्च आधा हो गया है।
छपरा में करेले की खेती का जलवा, जानिए क्यों दूर-दूर से आते हैं व्यापारी
बिहार के छपरा जिले के मांझी क्षेत्र में किसान विशेष प्रकार की करेले की खेती कर मालामाल हो रहे हैं। यहाँ अपनाई जाने वाली मचान विधि और नंदिता किस्म के करेले की जबरदस्त मांग है।
कुंदरी की खेती से बदली छपरा के किसान की तकदीर, मचान विधि का कमाल और जबरदस्त मुनाफा
बिहार के छपरा जिले के एक किसान ने मचान तकनीक अपनाकर कुंदरी और लौकी की खेती में बड़ी सफलता हासिल की है। जैविक खेती के जरिए वे कम लागत में लगातार बंपर कमाई कर रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।
छपरा के पप्पू यादव की कामयाबी: नौकरी न मिलने पर अपनाया मछली पालन का रास्ता, बन गए प्रेरणा
बिहार के छपरा जिले के रहने वाले पप्पू कुमार यादव ने बेरोजगारी से हार मानने के बजाय मछली पालन को अपना करियर बनाया है। नई तकनीकों का इस्तेमाल कर वे आज न केवल खुद मोटी कमाई कर रहे हैं, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बने हैं।
छपरा में पीएम सूर्य घर योजना का कमाल, बिजली बिल हो गया जीरो
बिहार के छपरा जिले में सैकड़ों लोग अब बिजली बिल के बोझ से मुक्त हो गए हैं। बैंक की मदद से सोलर पैनल लगवाने के बाद उपभोक्ताओं का बिजली खर्च शून्य हो गया है।
छपरा का अनोखा बुढ़िया माई मंदिर: जहां पटरियों के बीच से गुजरती हैं ट्रेनें, रेलवे ने खुद कराया था निर्माण
बिहार के छपरा में स्थित बुढ़िया माई का मंदिर अपनी चमत्कारिक मान्यताओं और अनोखी स्थिति के कारण चर्चा में रहता है। यह मंदिर दो रेल पटरियों के ठीक बीच में बसा है, जहां से रोज तेज रफ्तार में ट्रेनें गुजरती हैं लेकिन आज तक कोई अनहोनी नहीं हुई है।
बिहार के सारण में कश्मीर का सेब उगाने का प्रयोग सफल, दूसरे साल ही पेड़ों पर लदे 100 से अधिक फल
सारण जिले के एक युवा किसान ने अपने प्रयोग के तौर पर कश्मीर के पंचमुखी सेब की खेती शुरू की है, जो अब दूसरे साल में ही बेहतर पैदावार दे रही है। इस सफलता से उत्साहित किसान अब बड़े पैमाने पर इसकी खेती करने की तैयारी कर रहे हैं।
छपरा के मिर्जापुर गांव में किसानों की नई राह, फूलों की खेती ने बदली आर्थिक तकदीर
बिहार के छपरा जिले के मिर्जापुर गांव के किसान पारंपरिक खेती से हटकर अब फूलों की व्यवसायिक खेती कर रहे हैं। इस बदलाव ने उनकी आय में कई गुना इजाफा किया है और वे सब्जियों के मुकाबले अधिक लाभ कमा रहे हैं।
कम जमीन में बंपर मुनाफा, छपरा के किसान बैगन, टमाटर और मिर्च की नर्सरी से कमा रहे हैं 40 हजार रुपये महीना
छपरा के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर नए तरीके अपना रहे हैं। कम जगह में नर्सरी तैयार कर ये किसान हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं और दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं।
छपरा: रसायनों से मुक्ति दिलाने के लिए किसान ने अपनाया खास 'फ्रूट फ्लाई ट्रैप', बिना जहर उगा रहे सब्जी और फल
बिहार के छपरा जिले के किसान नर्मदेश्वर गिरी ने फसलों को कीड़ों से बचाने के लिए एक अनोखा यंत्र तैयार किया है। इसके इस्तेमाल से अब बिना किसी कीटनाशक के सब्जियों और फलों की खेती की जा रही है।
छपरा का अजूबा बरगद: 200 साल पुराने पेड़ ने घेर ली 5 एकड़ जमीन, सड़क के लिए लोगों ने बदल लिया रास्ता
बिहार के छपरा जिले में एक ऐसा बरगद का पेड़ है जो देखते ही देखते 5 एकड़ में फैल गया है। स्थानीय लोग इस पेड़ को दैवीय मानते हैं और सड़क के बीच आने पर पेड़ को काटने के बजाय उन्होंने रास्ता ही बदल दिया है।
राजमिस्त्री का काम करने वाले छपरा के आनंद कुमार की बदली किस्मत, Dream11 में जीते 1 करोड़
बिहार के सारण जिले के आनंद कुमार ने Dream11 पर बड़ी जीत हासिल कर अपनी आर्थिक स्थिति बदल ली है। मेहनत मजदूरी करने वाले आनंद ने जीती हुई राशि का उपयोग अपना घर बनाने और परिवार को बेहतर जीवन देने में किया है।