उपनाम: छपरा
बिहार में जिसे कचरा समझकर फेंकते हैं लोग, उसी सूखी मछली से छपरा के युवा कमा रहे हैं लाखों
बिहार के सारण जिले में युवा एक अनोखे बिजनेस के जरिए आर्थिक मजबूती हासिल कर रहे हैं। जिस मछली को स्थानीय स्तर पर बेकार समझा जाता है, उसे सुखाकर दूसरे राज्यों में बेचकर ये युवा मोटी कमाई कर रहे हैं।
सफलता की कहानी: चार प्रयासों की तपस्या के बाद छपरा की अंकिता बनीं एसडीएम, 14 घंटे की पढ़ाई से बदला मुकद्दर
छपरा की अंकिता कुमारी ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए एसडीएम का पद हासिल किया है। लगातार तीन बार असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में सफलता का परचम लहराया।
छपरा के किसान ने बदली तकदीर, जैविक विधि से मौसमी की खेती कर कमा रहे हैं मुनाफा
बिहार के छपरा जिले के एक प्रगतिशील किसान ने पारंपरिक खेती को छोड़कर जैविक तरीके से मौसमी के बाग लगाए हैं, जिससे उन्हें महज तीन साल में शानदार पैदावार मिल रही है।
छपरा के किसानों की मालामाल करने वाली खेती: ओल की इस खास किस्म से हो रही बंपर कमाई
बिहार के छपरा जिले में किसान हाइब्रिड गजेंद्रा किस्म के ओल की खेती से अच्छी आमदनी कर रहे हैं। जैविक तरीके से उगाई जाने वाली इस फसल में प्रति कट्ठा 16 क्विंटल तक पैदावार मिल रही है।
छपरा के युवा किसान का कमाल: मचान विधि और जैविक खेती से करेले की पैदावार कर कमा रहे हैं लाखों
बिहार के छपरा जिले के एक युवा किसान दीपू शाह ने पारंपरिक खेती को छोड़कर मचान विधि और जैविक तरीके से करेले की खेती को नया मुकाम दिया है। उनकी फसल न केवल स्थानीय बल्कि पड़ोसी राज्यों के बाजारों में भी बड़ी मांग में है।
खेत में पानी जमा होने की समस्या से हैं परेशान, तो सिंघाड़े की खेती से कमाएं जबरदस्त मुनाफा
अगर आपके खेत या गड्ढे में पानी जमा रहता है, तो सिंघाड़ा उगाना आपके लिए एक मुनाफे वाला सौदा साबित हो सकता है। जानिए कैसे किसान एक ही सीजन में पारंपरिक फसलों से ज्यादा कमाई कर रहे हैं।
छपरा की 50 साल पुरानी लस्सी: मिट्टी के कुल्हड़ में परोसे जाने वाले इस स्वाद के दीवाने हैं लोग
बिहार के सारण जिले में छपरा की यह मशहूर लस्सी साल 1974 से अपने पारंपरिक स्वाद और शुद्धता के लिए लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
BPSC 70वीं परीक्षा परिणाम: छपरा के लाल शशांक गौरव ने रचा इतिहास, CAPF असिस्टेंट कमांडेंट के बाद अब बने SDM
बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में छपरा के शशांक गौरव ने पूरे प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल किया है। इससे पहले वे 2025 में CAPF में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर चयनित हो चुके हैं।
जामुन की लकड़ी से बनती है सबसे मजबूत नाव, 5 साल तक नहीं सड़ती, पानी भी रहता है साफ
जामुन की लकड़ी का उपयोग नाव बनाने में किया जाता है, जो कि मजबूती और टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध है। यह लकड़ी पानी को साफ रखने में भी मदद करती है और लगभग पांच साल तक सड़ती नहीं है।