उपनाम: बालाघाट
35 साल बाद बदली बालाघाट की तस्वीर, नक्सलियों का मुद्दा अब बना आदिवासियों की कमाई का जरिया
मध्य प्रदेश के बालाघाट में नक्सली जिस जंगल और जमीन के नाम पर बरसों तक ग्रामीणों को उकसाते रहे, अब उसी वन क्षेत्र से आदिवासी समुदाय आत्मनिर्भर बन रहा है। प्रशासन ने तीन गांवों की समितियों को सामुदायिक वन संसाधन पट्टे सौंपकर ग्रामीणों के लिए कमाई के नए रास्...
खाद की बढ़ती कीमतों और किल्लत से बेहाल किसान, बालाघाट में खेती पर संकट
बालाघाट जिले में खाद के बढ़ते दामों और बाजार में खाद की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। अपनी फसल को बचाने के लिए किसान अब महंगे दाम पर खाद खरीदने को मजबूर हैं।
लखपति गौ-पालक दीदी योजना: मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए बिना निवेश कमाई का शानदार मौका
मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए लखपति गौ-पालक दीदी योजना शुरू की है, जिसमें शून्य निवेश के साथ पशुपालन के जरिए लाखों की कमाई संभव है।
बालाघाट में शराब दुकान के खिलाफ महिलाओं का अनोखा संघर्ष, 73 दिनों से जारी है धरना
मध्य प्रदेश के बालाघाट में स्थित एक शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय महिलाएं पिछले 73 दिनों से डटी हुई हैं। गांधीवादी तरीके से शुरू हुआ यह प्रदर्शन अब भी जारी है, जबकि जनप्रतिनिधियों ने इस मुद्दे से किनारा कर लिया है।
बालाघाट के छात्रों का कमाल, फैक्ट्री के बेकार पानी से बना दी शानदार जैविक खाद
मध्य प्रदेश के बालाघाट में कॉलेज के छात्रों ने लाख उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट जल का उपयोग करके एक प्रभावी जैविक खाद तैयार की है। यह नवाचार न केवल मिट्टी की उर्वरता बढ़ा रहा है बल्कि किसानों के लिए भी वरदान साबित हो रहा है।
जंगल का रक्षक: जानिए क्यों ब्लैक ड्रोंगो को कहा जाता है पक्षियों का कोतवाल
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पाए जाने वाले ब्लैक ड्रोंगो पक्षी अपनी सतर्कता और अनोखी आवाज के लिए मशहूर हैं। ये न केवल खुद को सुरक्षित रखते हैं, बल्कि अपनी चेतावनी भरी आवाज से अन्य पक्षियों को भी शिकारी जानवरों से बचाते हैं।
बालाघाट: कभी नक्सली टांडा दलम का गढ़, अब टांडा नदी पर बना पुल खोल रहा तरक्की की राह
बालाघाट की जिस टांडा नदी के नाम पर कभी नक्सली दलम सक्रिय था, वहीं अब 4 करोड़ रुपये की लागत से बना हाई लेवल ब्रिज मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ को जोड़ रहा है। 35 साल लंबे नक्सलवाद के दौर के बाद इस इलाके में अब विकास की नई तस्वीर उभर रही है।
चिन्नौर चावल: नेहरू और इंदिरा गांधी भी थे जिसके मुरीद, जानिए क्यों है इतना खास
मध्य प्रदेश के बालाघाट में उगाया जाने वाला चिन्नौर चावल अपनी मिठास और खुशबू के लिए जीआई टैग पा चुका है, जिसके दीवाने कभी जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी भी रहे थे.
कान्हा की जीवनरेखा बंजर नदी: 150 KM का सफर तय कर मां नर्मदा की गोद में मिलती, जानिए इसकी कहानी
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले से निकलने वाली बंजर नदी कान्हा नेशनल पार्क की जीवनदायिनी मानी जाती है और लंबा सफर तय कर नर्मदा की प्रमुख सहायक नदी के रूप में उसमें समा जाती है। यह नदी जैव विविधता के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
अगर बाघ हमला कर देता तो? सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व में जिप्सी से उतरकर पर्यटकों की बड़ी लापरवाही
मध्य प्रदेश के बालाघाट स्थित सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व फॉरेस्ट में बाघ देखने पहुंचे पर्यटक जिप्सी से नीचे उतर आए। 13 जून का बताया जा रहा यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बालाघाट का यह चावल जिसके दीवाने रहे दो-दो प्रधानमंत्री, जीआई टैग मिलते ही विदेशों में बढ़ी मांग, जानें इसकी खूबियां
बालाघाट के वारासिवनी में उगने वाला चिन्नौर चावल अपने मीठे स्वाद और मुलायम बनावट के लिए मशहूर है। साल 2022 में इसे जीआई टैग मिला और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहचान बन रही है।
Ground Report: नल जल योजना बेअसर, झिरिया के भरोसे बुझ रही ग्रामीणों की प्यास
बालाघाट के घंघरिया गांव में जल जीवन मिशन की नल जल योजना बार-बार खराब होने से ग्रामीण मनकुंवर नदी में गड्ढा खोदकर बनाई झिरिया से पानी भरने को मजबूर हैं। नदी से रेत खत्म होने और भू-जल स्तर गिरने से संकट और गहरा गया है।
महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर, बैलगाड़ी पर सवार होकर कांग्रेस विधायक ने निकाली किसानों की आक्रोश रैली
वारासिवनी में कांग्रेस विधायक विवेक पटेल के नेतृत्व में किसानों ने आक्रोश रैली निकाली। विधायक बैलगाड़ी पर सवार होकर शामिल हुए और रेत संकट, महंगाई, डीजल पाबंदी तथा अधूरे पीएम आवास को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
हौसले की उड़ान: रोजगार मेले ने बदली कार्तिक की किस्मत, दिव्यांगता को मात देकर बने परिवार का सहारा
बालाघाट के लांजी तहसील के भीमोड़ी गांव के दिव्यांग युवक कार्तिक बंबूरे को जिला प्रशासन के रोजगार मेले के जरिए अहमदाबाद की मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी मिली और अब वे हर महीने करीब 40 हजार रुपए कमाकर अपने परिवार का सहारा बने हैं।
गिर के 34 शेरों की जान लेने वाला वायरस अब कान्हा में, एक महीने में 8 बाघों की मौत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
बालाघाट के कान्हा नेशनल पार्क में बीते एक महीने में 8 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी है, जिनके पीछे कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की आशंका जताई जा रही है। यह वही वायरस है जिसने 2018 में गिर के 34 एशियाई शेरों की जान ली थी।