चिन्नौर चावल: नेहरू और इंदिरा गांधी भी थे जिसके मुरीद, जानिए क्यों है इतना खास मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 9
मध्य प्रदेश के बालाघाट में उगाया जाने वाला चिन्नौर चावल अपनी मिठास और खुशबू के लिए जीआई टैग पा चुका है, जिसके दीवाने कभी जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी भी रहे थे.

मध्य प्रदेश का चिन्नौर चावल अपनी अनूठी पहचान के चलते आज देश ही नहीं, विदेशों में भी सुर्खियां बटोर रहा है. अपनी बेहतरीन खुशबू और लाजवाब स्वाद की बदौलत इस चावल को जीआई टैग का दर्जा मिल चुका है. यह पारंपरिक किस्म बालाघाट जिले के वारासिवनी इलाके में उगाई जाती है.

नेहरू और इंदिरा गांधी की पसंद

कहा जाता है कि देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी यह चावल बेहद पसंद था. इसी वजह से इस चावल की ख्याति और बढ़ती चली गई.

क्या है इसकी खासियत

चिन्नौर चावल की सबसे बड़ी विशेषता इसका मीठा स्वाद है. इसके अलावा इसकी बनावट बेहद मुलायम होती है और पक जाने के बाद भी लंबे समय तक इसकी खुशबू बरकरार रहती है. यही गुण इसे दूसरी किस्मों से अलग बनाते हैं.

ब्रिक्स सम्मेलन में मिली सराहना

हाल ही में आयोजित ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में विदेशी प्रतिनिधियों ने भी इस चावल की जमकर तारीफ की थी. इस तरह इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है.

किसानों की मांग बरकरार

हालांकि वैश्विक पहचान हासिल करने के बावजूद किसान आज भी बेहतर मार्केटिंग और अपनी उपज के उचित दाम की मांग कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि सही व्यवस्था मिलने पर इस फसल को और बढ़ावा मिल सकता है.

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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