उपनाम: आत्मनिर्भर भारत
मुजफ्फरपुर: श्मशान घाट पर चलती 'अपन पाठशाला' में बच्चे सीख रहे मिथिला पेंटिंग, हुनर से बन रहे आत्मनिर्भर
मुजफ्फरपुर के एक श्मशान घाट परिसर में चल रही 'अपन पाठशाला' के बच्चे न केवल स्कूली शिक्षा ले रहे हैं, बल्कि मिथिला पेंटिंग के जरिए अपनी कला को भी निखार रहे हैं। यह पहल बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही पारंपरिक संस्कृति से भी जोड़ रही है।
घूस देने के बजाय खरीदी गाय: शिवहर के आलोक कुमार सिंह की अनोखी कहानी, जिसने झूठे मुकदमे को बनाया सफलता का जरिया
शिवहर के किसान आलोक कुमार सिंह ने एक झूठे मामले में पुलिस को रिश्वत देने के बजाय उन पैसों से गाय खरीदने का साहसिक फैसला लिया। आज वे न केवल वह कानूनी लड़ाई जीत चुके हैं, बल्कि डेयरी फार्मिंग के जरिए एक सफल उद्यमी के रूप में दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं।
जमशेदपुर की तनीषा गौतम ने सेमीकंडक्टर मिशन में रचा इतिहास, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की सराहना
जमशेदपुर की तनीषा गौतम देश के पहले कमर्शियल सेमीकंडक्टर चिप मिशन का हिस्सा बन गई हैं। गुजरात के साणंद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके इस असाधारण सफर और मेहनत की विशेष रूप से प्रशंसा की है।
बीए पास विपिन की अनूठी चाट का ग्रेटर नोएडा में जलवा, बिना लहसुन-प्याज के स्वाद से जीते लोगों के दिल
नौकरी छोड़कर खुद का काम शुरू करने वाले विपिन आज ग्रेटर नोएडा में सफल उद्यमी बन चुके हैं। उनके स्टॉल पर मिलने वाली शुद्ध चाट ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई है और वे अब कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं।
रांची: गोबर और नीम से सावित्री ने बदली अपनी तकदीर, खड़ी की सफल जैविक खेती की कंपनी
रांची के बेड़ों गांव की रहने वाली सावित्री खजूर ने मजदूरी का काम छोड़कर जैविक खेती में अपना करियर बनाया है और अब हर महीने 50 हजार रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
सेना प्रमुख बनते ही जनरल धीरज सेठ ने किया बड़े बदलावों का ऐलान, पाकिस्तान को दिया कड़ा संकेत
भारतीय थल सेना के 31वें प्रमुख के रूप में पदभार संभालते ही जनरल धीरज सेठ ने VIJAY नाम से एक नई रणनीति का अनावरण किया है, जो भविष्य की युद्ध चुनौतियों और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर केंद्रित है।
रांची की महिलाओं की बदली तकदीर, मड़वा की नर्सरी से हर महीने कमा रहीं ₹25000
रांची के मुरकुनी गांव की महिलाएं अब फुर्सत के समय में बातें करने के बजाय मड़वा बीज की नर्सरी चलाकर आत्मनिर्भर बन रही हैं। गोमूत्र तकनीक से तैयार पौधों की मांग झारखंड के बाहर भी है, जिससे हर महिला को हर महीने अच्छी कमाई हो रही है।
बीकानेर की सास-बहू ने पेश की मिसाल, रसोई से शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर
बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कोरोना काल में शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज शहर में गुजराती व्यंजनों की खास पसंद बन गया है।
मेरठ: महिलाओं के लिए फ्री राखी मेकिंग ट्रेनिंग, रहने-खाने से लेकर सामान तक सब कुछ मुफ्त
मेरठ में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केनरा बैंक एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। इस 10 दिवसीय कोर्स में राखी बनाने और उसकी मार्केटिंग के गुर सिखाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सचिवों के साथ करेंगे बड़ी बैठक, सरकार के कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर होगा मंथन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक अहम उच्च स्तरीय बैठक करने वाले हैं, जिसमें प्रशासनिक सुधारों और विकास की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
₹1,00,000 के लोन ने बदली सुमित्रा की जिंदगी, खेती और पशुपालन से खड़ी की मुनाफे की बड़ी कहानी
बिहार के शिवहर जिले की रहने वाली सुमित्रा देवी ने जीविका समूह से मिले ₹1,00,000 के लोन का सही इस्तेमाल कर सफलता की नई मिसाल कायम की है। आज वह न केवल आधुनिक खेती कर रही हैं, बल्कि पशुपालन के जरिए भी अपनी आय का दायरा बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।
बाड़मेर की बेटियों के लिए उम्मीद की किरण बनी टीम बाड़मेर, 20 हजार से ज्यादा युवतियां हुईं आत्मनिर्भर
राजस्थान के बाड़मेर में एक अनूठी पहल के जरिए हजारों महिलाओं और बेटियों को हुनरमंद बनाकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पिछले 8 सालों में टीम बाड़मेर की मदद से 20 हजार से अधिक युवतियां न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी...
सफलता की कहानी: रांची की सावित्री जो कभी करती थीं दूसरों के खेतों में मजदूरी, आज जैविक खेती से कमा रहीं 50000 रुपये महीना
रांची के बेड़ों गांव की रहने वाली सावित्री खजूर ने कड़ी मेहनत और जैविक खेती के दम पर अपनी तकदीर बदल दी है। कभी मजदूरी करने वाली सावित्री आज खुद की नर्सरी और जैविक खाद के व्यवसाय से हर महीने 50000 रुपये से अधिक की कमाई कर रही हैं।
सफलता की कहानी: जहानाबाद के देवकांत ने हादसे के बाद बदली किस्मत, चप्पल निर्माण से कमा रहे हैं लाखों
मुंबई में नौकरी करने वाले देवकांत पांडे एक दुर्घटना के कारण बेरोजगार हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और उद्योग विभाग की सहायता से अपना खुद का चप्पल निर्माण का व्यवसाय शुरू किया। आज वे सालाना 5 लाख रुपये का टर्नओवर प्राप्त कर रहे हैं और दूसरों के लिए भ...
आत्मनिर्भरता की मिसाल: बालोद कलेक्ट्रेट में 9 साल से चल रही 'गढ़ कलेवा' कैंटीन, 20 रुपए में परोसे जा रहे पारंपरिक व्यंजन
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में अन्नपूर्णा स्व-सहायता समूह की 11 महिलाएं पिछले 9 सालों से एक किफायती और लोकप्रिय कैंटीन चला रही हैं। यहाँ बेहद कम कीमत पर छत्तीसगढ़ी जायकों का स्वाद मिलता है, जो स्थानीय लोगों के साथ ही अधिकारियों की भी पहली पसंद बन चुका है।