जहानाबाद की सुमन देवी: घर की दहलीज लांघकर सिलाई से संवारी अपनी तकदीर बिहार एक महीने पहले 66
जहानाबाद की रहने वाली सुमन देवी ने घर के काम तक सीमित रहने वाली अपनी दिनचर्या को बदल दिया है। शिक्षित होने के नाते उन्होंने सिलाई के हुनर को अपनाकर न केवल अपनी पहचान बनाई, बल्कि आत्मनिर्भर भी बनी हैं।

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

आज के दौर में ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से समाज में एक नई पहचान बना रही हैं। अब वे केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शिक्षा और विभिन्न उद्योगों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी बदलाव का एक जीता-जागता उदाहरण जहानाबाद जिले की सुमन देवी हैं।

घर की दहलीज से आत्मनिर्भरता तक का सफर

सुमन देवी का जीवन भी पहले उन सामान्य महिलाओं की तरह ही था, जो अपना पूरा दिन केवल घर के कामों में बिता देती थीं। हालांकि, उनके भीतर एक अलग करने की चाहत हमेशा से थी, जिसका मुख्य कारण उनकी शिक्षा थी। सुमन देवी ने घर बैठे रहने के बजाय खुद को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने का फैसला किया।

सिलाई के काम से बदली किस्मत

सुमन देवी ने सिलाई के काम को चुना और इसे अपनी जीविका का जरिया बनाया। उनके इस छोटे से प्रयास ने धीरे-धीरे बड़े परिणाम दिए। आज सुमन देवी सिलाई के माध्यम से ही अपने परिवार का भरण-पोषण सम्मानजनक तरीके से कर रही हैं। उनकी कहानी इस बात का प्रमाण है कि यदि महिलाओं को सही दिशा और अवसर मिले, तो वे अपने भविष्य को खुद ही सुरक्षित बना सकती हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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