उपनाम: आम की खेती
आम की खेती में मनोज का कमाल: फ्री कैल्शियम फॉर्मूले से बढ़ाएं मुनाफा
दरभंगा के किसान मनोज कुमार झा ने आम की खेती के लिए एक आसान और असरदार तरीका साझा किया है, जिससे कम लागत में बंपर पैदावार पाई जा सकती है।
रुदावल का ककड़ी आम: खट्टी-मीठी पहचान और किसानों की बढ़ती आमदनी का जरिया
भरतपुर जिले के रुदावल इलाके में पैदा होने वाला ककड़ी आम अपने विशिष्ट स्वाद और अचार उपयोगिता के चलते क्षेत्रीय पहचान बना रहा है। कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली यह फसल किसानों की आय का मजबूत आधार बनती जा रही है।
एक बार बाग में लगी तो सालों पीछा नहीं छोड़ती यह बीमारी, आम उत्पादकों के लिए चेतावनी
शूट गॉल मेकर आम के पेड़ों की एक जिद्दी बीमारी है जो एक बार फैलने पर अगले साल की फसल को 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचा सकती है। जानिए इसके लक्षण और बचाव के आसान तरीके।
थाईलैंड का बनाना मैंगो अब बिहार में, 18 इंच लंबा और 800 ग्राम वजनी—देखकर केला समझ बैठेंगे लोग
जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क ने थाईलैंड की नस्ल वाला बनाना मैंगो तैयार किया है, जिसकी लंबाई 18 इंच और वजन 800 ग्राम तक हो सकता है। उनके पास देश-विदेश की करीब साढ़े चार सौ किस्मों के आम के पौधे मौजूद हैं।
आम के पेड़ से चाहिए ज्यादा और भारी फल, तो तुड़ाई के बाद अपनाएं यह तरीका
सहारनपुर के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार 10 साल से अधिक उम्र के आम के पेड़ों में जिंक सल्फेट, कॉपर सल्फेट, सुहागा और नीला थोथा को गोबर की खाद के साथ मिलाकर डालने से पोषक तत्वों की कमी दूर होती है। इससे अगले सीजन में बेहतर गुणवत्ता और अधिक संख्या में फल मिलते...
नाम भले 'नकली' हो, स्वाद है बिल्कुल असली! सहारनपुर का यह खास आम बना शुगर मरीजों की पहली पसंद, मंडी में मचा रहा धूम
सहारनपुर के किसानों ने बरसों पहले 'नकली आम' नाम की एक अनोखी किस्म तैयार की, जिसे अब 'शुगर फ्री आम' के नाम से भी जाना जाता है। मीठे के साथ हल्का खट्टापन लिए यह आम मंडी में सबसे पहले पहुंचता है और बागवानों की कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है।
जापान का ढाई लाख रुपये किलो वाला मियाजाकी आम अब जमशेदपुर में, 500 रुपये प्रति पीस में चखें स्वाद
जमशेदपुर के अमृत इक्का ने शौकिया तौर पर जापान के मशहूर मियाजाकी आम की खेती की और इस वर्ष उनके पेड़ों में 100 से अधिक फल लगे हैं। फिलहाल वे लोगों को स्वाद चखाने के लिए यह आम करीब 500 रुपये प्रति पीस की दर से उपलब्ध करा रहे हैं।
लक्ष्मण भोग आम: पतले छिलके और रसभरे गूदे की मनमोहक खुशबू ग्राहकों को खींच लाती है, बाजार में मचा रही धूम
सीधी के रामपुर नैकिन क्षेत्र में प्रकृति प्रेमी विनय सिंह के बगीचे में उगने वाला लक्ष्मण भोग आम अपने खट्टे-मीठे स्वाद, पतले छिलके और रेशारहित रसीले गूदे के कारण लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। इसकी मांग देश के साथ-साथ विदेशों में भी बनी हुई है।
गोंडा के किसान प्रवीण सिंह के 8 एकड़ बाग में 30 किस्म के आम, एक सीजन में लाखों की आमदनी
गोंडा के मनकापुर में किसान प्रवीण सिंह बागवानी से पारंपरिक खेती के मुकाबले बेहतर कमाई कर रहे हैं। उनके बाग में लगे विभिन्न किस्म के आमों की मांग स्थानीय बाजार के साथ आसपास के जिलों में भी बनी रहती है।
हजारीबाग का यह गांव बना 'मैंगो विलेज', आम की खेती ने संवारी सैकड़ों परिवारों की जिंदगी
हजारीबाग जिले के ईचाक प्रखंड स्थित आरा गांव में 2000 से अधिक आम के पेड़ और दर्जनों बागान हैं, जो सैकड़ों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार बन चुके हैं। यहां के स्वादिष्ट आमों की मांग झारखंड के साथ-साथ बिहार के कई शहरों तक है।
आम है या केला? जमुई के कनिष्क ने उगाया 18 इंच लंबा 'बनाना मैंगो', थाईलैंड में है मशहूर
जमुई के नर्सरी संचालक कनिष्क ने थाईलैंड की प्रसिद्ध नस्ल 'बनाना मैंगो' तैयार की है, जो देखने में केले जैसा दिखता है। इस आम की लंबाई 18 इंच और एक फल का वजन 800 ग्राम तक हो सकता है।
आम की भरपूर पैदावार चाहिए तो तुड़ाई से पहले अपनाएं ये जरूरी सावधानियां
मेरठ के जिला उद्यान अधिकारी ने बढ़ते तापमान के बीच आम उत्पादकों को हल्की सिंचाई, सही समय पर तुड़ाई और लाल फ्रूट कवर बैग के इस्तेमाल की सलाह दी है। इन उपायों से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बेहतर हो सकते हैं।
'पेडा रसालु' आम: मिठाई जैसी मिठास और रस से लबालब, कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता से जानें इसकी खासियतें
बड़े आकार और बेहद रसीलेपन की वजह से 'पेडा रसालु' आम लोगों की पहली पसंद बन गया है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदीरत्ता के मुताबिक यह आम सीधे खाने, जूस और मिठाई बनाने में इस्तेमाल होता है और इसकी मुख्य खेती फिलहाल बिहार तथा झारखंड के कुछ जिलों में होती है।