बिहार
3 घंटे पहले
3
विचारों
सही समय और पौधा चुनने का महत्व
मिथिलांचल की उपजाऊ मिट्टी आम की खेती के लिए बेहतरीन मानी जाती है। हालांकि, मनोज कुमार झा के अनुसार, यहाँ अच्छी फसल के लिए सही तकनीकी जानकारी का होना बेहद जरूरी है। वे बताते हैं कि आम का बाग लगाने का सबसे सटीक समय जून-जुलाई का है। मानसून की पहली बारिश के बाद मिट्टी में नमी होती है, जिससे पौधा आसानी से जड़ पकड़ लेता है। तेज धूप में पौधा मुरझाने का खतरा रहता है और सर्दियों में विकास धीमा पड़ जाता है।
पौधे के चुनाव में बरतें सावधानी
मनोज कुमार झा का मानना है कि किसान अक्सर पौधा चुनने में बड़ी चूक कर देते हैं। उनकी सलाह है कि हमेशा 3 साल पुराना ग्राफ्टेड पौधा ही खरीदें। सामान्य बीजों से उगाए गए पौधे को फल देने में 6 से 7 साल का समय लग सकता है, जबकि 3 साल पुराना ग्राफ्टेड पौधा महज 3 से 4 साल में बौर देना शुरू कर देता है। नर्सरी से पौधा खरीदते समय उसके सीधे तने, हरी पत्तियों और कलम के साफ निशान पर विशेष ध्यान दें।
जादुई देसी कैल्शियम का नुस्खा
मनोज अपने बाग में एक विशेष 'देसी कैल्शियम' का इस्तेमाल करते हैं, जो पौधों को मजबूती देता है। इसे तैयार करना बेहद सरल है:
- चूने को रात भर पानी में भिगोकर रखें।
- अगली सुबह इस पानी को छान लें।
- हर पौधे की जड़ में 1 गिलास यह घोल डालें।
इस प्रक्रिया का फायदा यह है कि इससे पौधे का तना मजबूत होता है, पत्तियां गहरी हरी रहती हैं, फल झड़ते नहीं हैं और उनका आकार भी काफी अच्छा होता है। यह बाजार में मिलने वाली महंगी रासायनिक खाद का एक सस्ता और प्रभावी विकल्प है।
कम लागत में बढ़ेगी कमाई
इस आसान तकनीक से न केवल कीटनाशकों का खर्च कम होता है, बल्कि फलों का वजन भी बढ़ता है। मनोज कुमार झा के मुताबिक, हफ्ते में सिर्फ 10 मिनट का समय देकर आप अपने बाग की ग्रोथ कई गुना बढ़ा सकते हैं। उन्होंने खुद 3 से 4 बीघे के बाग से अपनी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव किया है। उनका मानना है कि खेती के लिए बड़ी पूंजी से अधिक सही जानकारी और सही समय पर लिए गए फैसले मायने रखते हैं।
Comments
0 comment