भारत
एक दिन पहले
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पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया और उद्देश्य
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हाल ही में भारतीय पासपोर्ट की वैधानिक स्थिति और इसके जारी होने की प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी साझा की है। उनके अनुसार, भारतीय पासपोर्ट का मुख्य आधार पासपोर्ट अधिनियम, 1967 है। यह सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक आधिकारिक दस्तावेज है, जिसका उद्देश्य भारतीय नागरिकों की विदेश यात्राओं को व्यवस्थित और कानूनी रूप से विनियमित करना है। इसके साथ ही, यह दस्तावेज भारत से प्रस्थान के दौरान एक वैध पहचान के रूप में कार्य करता है।
सत्यापन के बिना नहीं मिलता पासपोर्ट
प्रवक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी व्यक्ति सीधे पासपोर्ट प्राप्त नहीं कर सकता। इसकी पूरी प्रक्रिया अत्यंत पारदर्शी है। पासपोर्ट जारी करने से पहले हर आवेदक का गहन सत्यापन किया जाता है। यह पूरी कार्यप्रणाली पासपोर्ट अधिनियम, 1967 और पासपोर्ट नियम, 1980 के कड़े प्रावधानों के अधीन है। इन कानूनों का पालन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, ताकि पात्रता रखने वाले नागरिकों को ही यह दस्तावेज प्राप्त हो सके।
केवल 8 प्रतिशत भारतीयों के पास है पासपोर्ट
पासपोर्ट के स्वामित्व के आंकड़ों को लेकर एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि भारत की विशाल जनसंख्या के मुकाबले बहुत कम लोगों के पास पासपोर्ट उपलब्ध है। उनके आंकड़ों के मुताबिक, देश की कुल आबादी में से 8 प्रतिशत से भी कम लोगों के पास वर्तमान में भारतीय पासपोर्ट मौजूद है। यह आंकड़ा बताता है कि अभी भी बड़ी आबादी तक पासपोर्ट की पहुंच सीमित है।
नागरिकता और यात्रा दस्तावेज पर स्पष्टीकरण
पासपोर्ट को लेकर उपजे विवादों पर मंत्रालय ने अपनी स्थिति साफ की है। 24 जून को 'पासपोर्ट सेवा दिवस' के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अधिकारियों ने साफ किया था कि पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह एक यात्रा दस्तावेज है। यह स्पष्टीकरण तब महत्वपूर्ण हो गया था जब मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन यानी SIR को लेकर चर्चाएं तेज थीं। जब मंत्रालय से पूछा गया कि क्या पासपोर्ट को नागरिकता के सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है, तो प्रवक्ता ने दोहराया कि यह विशेष रूप से भारतीयों के विदेश जाने और विभिन्न बंदरगाहों या क्षेत्रों से यात्रा करने की अनुमति देने हेतु जारी किया गया एक कानूनी साधन है। मंत्रालय का रुख स्पष्ट है कि इसका मुख्य कार्य भारत से प्रस्थान और विदेश यात्रा के नियमों को नियंत्रित करना है।
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