राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
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भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम से पूरी दुनिया परिचित है। यह सेना देश की आन, बान और शान का प्रतीक मानी जाती है। अब इसके गौरवशाली इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में हुई पासिंग आउट परेड देश के सैन्य इतिहास में एक नई शुरुआत के रूप में दर्ज हो गई।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की भव्य परेड की समीक्षा की। इस अवसर को भारतीय सेना और देश की महिलाओं के लिए विशेष रूप से ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) की पहली महिला बैच की कैडेट्स अब कमीशंड अधिकारी के रूप में सेना का हिस्सा बन गई हैं।
पहली बार सेना और वायुसेना में NDA की महिला कैडेट्स
IMA की इस पासिंग आउट परेड में NDA की पहली महिला बैच की 9 कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। वहीं, हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी से इसी बैच की पांच महिला कैडेट्स भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त कर रही हैं। यह पहला अवसर है, जब NDA में प्रशिक्षण पाने वाली महिला कैडेट्स सेना और वायुसेना में बतौर अधिकारी नियुक्त हुई हैं।
इस साल IMA से कुल 515 कैडेट्स पास आउट हुए, जिनमें 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल रहे। कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी कैडेट्स अब विभिन्न सैन्य जिम्मेदारियां संभालने के लिए तैयार हैं। इनमें NDA की पहली महिला बैच की नौ कैडेट्स आकर्षण का खास केंद्र रहीं, जिन्होंने पुरुष कैडेट्स के साथ समान मानकों पर प्रशिक्षण पूरा किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुले NDA के द्वार
लंबे समय तक महिलाओं के लिए NDA के दरवाजे बंद रहे थे। हालांकि जून 2022 में सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद महिलाओं को भी NDA में प्रवेश की अनुमति मिल गई। इस फैसले ने सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी का मार्ग प्रशस्त किया और आज इसका परिणाम पूरे देश के सामने है।
वायुसेना की परेड में 231 फ्लाइट कैडेट्स
भारतीय वायुसेना की 217वीं कोर्स परेड में कुल 231 फ्लाइट कैडेट्स ने प्री-कमीशनिंग प्रशिक्षण पूरा किया। इनमें 194 पुरुष और 37 महिला कैडेट्स शामिल हैं। इन 37 महिला कैडेट्स में NDA की पहली महिला बैच की पांच कैडेट्स भी हैं, जो अब वायुसेना की अधिकारी बनने जा रही हैं।
राष्ट्रपति मुर्मू ने सराहा अनुशासन और समर्पण
परेड की समीक्षा करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कैडेट्स के अनुशासन, समर्पण और प्रशिक्षण की प्रशंसा की। इस कार्यक्रम ने यह भी सिद्ध कर दिया कि महिलाएं कठिन सैन्य प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण दायित्वों को निभाने में पुरुषों के समान सक्षम हैं।
समारोह का समापन भव्य संयुक्त ग्रेजुएशन परेड और शानदार हवाई प्रदर्शन के साथ हुआ। सुखोई लड़ाकू विमानों की उड़ान, सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम और प्रसिद्ध सूर्य किरण एरोबेटिक टीम के करतबों ने दर्शकों का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया।
NDA की पहली महिला बैच के कमीशन प्राप्त करने के साथ ही भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता और महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित हुआ है।
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