ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, अमेरिकी सीनेट में 96 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट बिल अटका विश्व 3 महीने पहले 126
अमेरिका में ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ही संसद में बड़ा झटका लगा है, जहां सीनेट में डेमोक्रेट्स ने करीब 96 लाख करोड़ रुपये के सालाना रक्षा बजट बिल को रोक दिया है।

ईरान के साथ चल रहे भीषण युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने ही देश के भीतर एक बहुत बड़े राजनीतिक झटके का सामना करना पड़ा है। अमेरिकी सीनेट में ट्रंप प्रशासन द्वारा पेश किए गए 1 ट्रिलियन डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 96 लाख करोड़ रुपये से अधिक) के भारी-भरकम वार्षिक रक्षा विधेयक को पारित होने से रोक दिया गया है। विपक्षी दल डेमोक्रेट्स ने ईरान के खिलाफ जारी जंग का विरोध करते हुए इस बिल के खिलाफ मतदान किया, जिससे यह महत्वपूर्ण रक्षा प्रस्ताव सीनेट में अटक गया।

डेमोक्रेट्स ने रक्षा बजट पर लगाया अड़ंगा

संसद के उच्च सदन यानी सीनेट में विपक्षी डेमोक्रेट्स ने नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट (NDAA) नामक इस वार्षिक रक्षा विधेयक को मंजूरी देने से साफ इनकार कर दिया। डेमोक्रेट्स का कहना है कि वे डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति और वहां जारी सैन्य कार्रवाइयों के सख्त खिलाफ हैं। इसी वजह से उन्होंने दोनों दलों के समर्थन से तैयार होने वाले इस वित्तीय पैकेज को आगे बढ़ाने से रोक दिया। गौरतलब है कि इस विधेयक में अमेरिकी सेना के जवानों के वेतन में बढ़ोतरी करने और रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन के खर्चों में भारी इजाफा करने के कई बड़े प्रावधान शामिल किए गए थे।

वोटिंग में बहुमत हासिल करने में नाकाम रहा बिल

अमेरिकी सीनेट में इस विधेयक को लेकर हुई वोटिंग में ट्रंप प्रशासन को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता चक शूमर ने इस बिल का पुरजोर विरोध किया। उनके साथ अन्य प्रमुख डेमोक्रेट सांसदों ने भी स्पष्ट कर दिया कि जब तक ईरान के साथ युद्ध का कोई ठोस हल नहीं निकलता, तब तक वे इस नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट का समर्थन बिल्कुल नहीं करेंगे। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच यह संघर्ष अब अपने पांचवें महीने में प्रवेश कर चुका है। सीनेट में हुए इस मतदान में विधेयक के पक्ष में 50 और विरोध में 46 वोट पड़े। पार्टी लाइन के आधार पर हुए इस विभाजन के कारण यह बिल पारित होने के लिए आवश्यक न्यूनतम बहुमत का आंकड़ा हासिल करने में पूरी तरह असमर्थ रहा।

चक शूमर का ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला

सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने इस संवेदनशील मुद्दे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की युद्ध नीतियों की आलोचना करते हुए कहा:

"NDAA उस लापरवाही के लिए परमिशन की स्लिप नहीं बन सकता जो हम ईरान में होते हुए देख रहे हैं।"

चक शूमर ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी नागरिकों को एक ऐसे अनचाहे युद्ध की दलदल में लगातार धकेल रहे हैं, जिसके पीछे का मकसद और कारण खुद देश की जनता समझ नहीं पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास इस जंग को समाप्त करने की कोई स्पष्ट योजना या रणनीति नहीं है। इसके बावजूद वे कांग्रेस से यह उम्मीद कर रहे हैं कि वह इस गंभीर मसले पर अपनी आंखें मूंद ले और चुपचाप बजट को मंजूरी दे दे।

मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले बढ़ीं मुश्किलें

सीनेट में इस रक्षा विधेयक पर यह मतदान बेहद संवेदनशील समय पर हुआ है। इससे ठीक एक दिन पहले ही व्हाइट हाउस ने औपचारिक रूप से अमेरिकी कांग्रेस को यह जानकारी दी थी कि उसने ईरान के खिलाफ दोबारा हवाई हमले और बमबारी की शुरुआत कर दी है। इस कदम से दोनों देशों के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम पूरी तरह समाप्त हो गया है। इस सैन्य कार्रवाई के कारण न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा है, बल्कि अमेरिका के भीतर भी गंभीर आर्थिक उथल-पुथल देखने को मिल रही है। देश में आगामी मध्यावधि चुनावों से ऐन पहले ईंधन और गैस की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आ रहा है, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है। इस राजनीतिक और आर्थिक संकट के बीच सीनेट में रक्षा बजट का गिरना राष्ट्रपति ट्रंप के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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