बांकीपुर उपचुनाव से पहले प्रशांत किशोर को बड़ा झटका, केसी सिन्हा और बिट्टू सिंह थामेंगे बीजेपी का दामन बिहार एक महीने पहले 69
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के ठीक पहले प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को तगड़ा सियासी झटका लगा है। उनके दो प्रमुख चेहरे अब बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं।

बांकीपुर चुनाव में जन सुराज को बड़ी चुनौती

बिहार की राजनीति में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के माहौल के बीच प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो महत्वपूर्ण नेता, जो पिछले विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार भी रह चुके हैं, अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं। जिन नेताओं ने प्रशांत किशोर का साथ छोड़ा है उनमें कुम्हरार सीट से पूर्व प्रत्याशी रहे प्रसिद्ध गणितज्ञ प्रोफेसर केसी सिन्हा और दीघा सीट से उम्मीदवार रहे बिट्टू सिंह का नाम प्रमुख है। बिट्टू सिंह ने तो काफी पहले ही 8 जुलाई को जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव के समय प्रशांत किशोर के दो प्रमुख सहयोगियों का विपक्षी दल बीजेपी में जाना सियासी गलियारों में काफी चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

कौन हैं प्रोफेसर केसी सिन्हा?

बिहार में गणित के विषय के साथ प्रोफेसर केसी सिन्हा का नाम पर्याय की तरह जुड़ा है। राज्य का शायद ही कोई ऐसा छात्र हो जिसने अपनी पढ़ाई के दौरान केसी सिन्हा की गणित की किताबों या अभ्यास पुस्तिकाओं का सहारा न लिया हो। शिक्षा जगत में उनका कद बहुत बड़ा है। वे राज्य की कई नामचीन यूनिवर्सिटी में कुलपति के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जिसकी वजह से युवाओं और अकादमिक वर्ग के बीच उनकी गहरी पहचान है। प्रशांत किशोर ने पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें कुम्हरार विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाकर चुनावी मैदान में उतारा था।

बिट्टू सिंह की घर वापसी

दीघा सीट के चर्चित नेता बिट्टू सिंह की सियासी यात्रा के मायने अब बदल गए हैं। बिट्टू सिंह पहले भाजपा का ही हिस्सा हुआ करते थे, लेकिन चुनावी टिकट कटने की निराशा के बाद उन्होंने बगावत कर दी थी। उन्होंने जन सुराज के टिकट पर दीघा सीट से चुनाव लड़ा था। अब उनका बीजेपी में शामिल होने का निर्णय उनकी पुरानी पार्टी में 'घर वापसी' के रूप में देखा जा रहा है। सियासी विश्लेषकों का मानना है कि बिट्टू सिंह के पास व्यवसायी वर्ग के मतदाताओं को प्रभावित करने और उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने की विशेष क्षमता है।

उपचुनाव क्यों है अहम?

बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति तब बनी जब यहां से विधायक रहे नितिन नवीन का चुनाव राज्यसभा सांसद के रूप में हो गया। यह सीट खाली होने के बाद अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं। इस बार का चुनाव इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि खुद प्रशांत किशोर इस सीट से बतौर उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। बीजेपी ने उनके मुकाबले के लिए नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है, वहीं आरजेडी की तरफ से रेखा कुमारी गुप्ता अपनी किस्मत आजमा रही हैं। यह उपचुनाव बिहार की सत्ताधारी एनडीए सरकार और भारतीय जनता पार्टी के लिए अपनी साख बनाए रखने की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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