रोजाना सिर्फ 20 मिनट पैदल चलना दिमाग के लिए है वरदान, हार्ट सर्जन ने बताए हैरान कर देने वाले लाभ स्वास्थ्य एक घंटा पहले 4
बोर्ड-सर्टिफाइड हार्ट सर्जन डॉक्टर जेरेमी लंदन का कहना है कि नियमित रूप से 20 मिनट टहलने से मानसिक स्वास्थ्य में जबरदस्त सुधार होता है और गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

व्यायाम का मानसिक स्वास्थ्य पर असर

अक्सर लोग पैदल चलने और व्यायाम को केवल शरीर को सुडौल बनाने या वजन घटाने के नजरिए से देखते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि इसका सीधा असर हमारे दिमाग की कार्यक्षमता पर भी पड़ता है। बोर्ड-सर्टिफाइड हार्ट सर्जन डॉक्टर जेरेमी लंदन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो के माध्यम से इस विषय पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने पैदल चलने और व्यायाम करने को डिप्रेशन से बचने का सबसे प्रभावी, लेकिन अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला उपाय बताया है।

मानसिक तंदुरुस्ती और सक्रियता

डॉक्टर लंदन का मानना है कि यदि आप मानसिक रूप से परेशान या तनाव में हैं, तो शारीरिक गतिविधियों के जरिए इसे नियंत्रित करना संभव है। वे कहते हैं कि जिन दिनों आपका मन बिल्कुल भी सक्रिय न रहने का करे, अक्सर उन्हीं दिनों आपको व्यायाम की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। उनके अनुसार कार्डियो ट्रेनिंग केवल हृदय के लिए नहीं है और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग केवल मांसपेशियों के लिए सीमित नहीं है। जो शारीरिक गतिविधियां दिल की सेहत सुधारती हैं, वही सीधे तौर पर दिमाग को स्वस्थ रखने का सबसे शक्तिशाली जरिया भी बनती हैं।

बीस मिनट की वॉक के तुरंत फायदे

यदि आप केवल कुछ दिनों तक भी रोजाना 20 मिनट पैदल चलना शुरू करते हैं, तो इसके सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं। इससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर कम होता है। यह तनावपूर्ण स्थितियों से निपटने में मदद करता है और आपको नकारात्मक विचारों के घेरे से बाहर निकालने में सहायक होता है। इसके अलावा, सुबह और दोपहर की धूप आपकी बायोलॉजिकल घड़ी यानी सर्कैडियन रिदम को संतुलित रखने के साथ मूड को खुशनुमा बनाने का काम करती है।

लंबे समय तक रहने वाले लाभ

डॉक्टर लंदन ने साझा किया कि रोजाना 20 मिनट पैदल चलने से डिप्रेशन होने की आशंका में 25 प्रतिशत तक की कमी आती है। शोध के आंकड़े बताते हैं कि यदि आप केवल 10 मिनट भी टहलते हैं, तो यह जोखिम 18 प्रतिशत तक कम हो सकता है। साथ ही, एंग्जायटी डिसऑर्डर का खतरा 29 प्रतिशत तक कम हो जाता है। लंबे समय के नजरिए से देखें तो नियमित वॉकिंग से अल्जाइमर और पार्किंसंस जैसी बीमारियों का जोखिम भी काफी हद तक घट जाता है। उन्होंने समझाया कि जब आप व्यायाम करते हैं, तो आपका दिमाग ब्रेन-डिराइव्ड न्यूरोट्रॉफ़िक फ़ैक्टर का उत्पादन करता है। इसे आप दिमाग के लिए खाद की तरह समझ सकते हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं के बीच संपर्क को मजबूत करता है और उनके विकास में मदद करता है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप