शुभेंदु अधिकारी की प्रशासनिक बैठक में जुटे टीएमसी के 18 विधायक, सामने आई पूरी सूची; उधर ममता बनर्जी ने भी लिया बड़ा फैसला पश्चिम बंगाल 6 घंटे पहले 3
पश्चिम बंगाल चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस में फूट की आशंका गहरा गई है। एक ओर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बैठक में 18 तृणमूल विधायक पहुंचे, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी ने पार्टी की सभी समितियां और सहयोगी संगठन भंग कर दिए।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के सामने अंदरूनी टूट का संकट खड़ा होता दिख रहा है। मिल रही जानकारी के मुताबिक चुनावी पराजय के बाद से ही पार्टी के भीतर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ नाराजगी सामने आ रही है। जिन दो विधायकों को ममता बनर्जी ने सोमवार को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया, अब उन्हीं की अगुवाई में एक नई तृणमूल खड़ी किए जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कहा जा रहा है कि टीएमसी से निकाले गए इन दोनों विधायकों ने खुद को असली तृणमूल बताते हुए अपने साथ 50 से ज्यादा विधायकों के होने का दावा किया है, साथ ही विपक्ष के नेता पद और चुनाव चिन्ह पर भी अपना हक जताया है। इसी बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को हावड़ा और साउथ 24 परगना की प्रशासनिक बैठक बुलाई, जिसमें तृणमूल के 18 विधायक मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री की बैठक में शामिल हुए विधायक

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की ओर से बुलाई गई कोलकाता, हावड़ा और साउथ 24 परगना की प्रशासनिक बैठक में अब तक पहुंचे तृणमूल विधायकों की सूची सामने आ चुकी है।

  1. जावेद खान
  2. फिरहाद हकीम
  3. नयना दास बनर्जी
  4. कुणाल घोष
  5. रीताब्रत बनर्जी
  6. संदीपन साहा
  7. अशोक देव
  8. अरुणाभा सेन
  9. समीर पांजा
  10. प्रिया पाल
  11. गुलशन मल्लिक
  12. तपस मैती
  13. नीलिमा मिस्त्री
  14. अब्दुल खालेक मोल्लाह
  15. बहारुल इस्लाम
  16. परेशराम दास
  17. जॉयदेव हलदर
  18. समीर जाना

ममता बनर्जी का बड़ा कदम

वहीं दूसरी तरफ तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने भी एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पार्टी की सभी समितियों और संगठनों को भंग कर दिया है। टीएमसी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि काफी विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां और उसके सभी सहयोगी संगठन तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए जाएंगे। बयान के मुताबिक पार्टी हर स्तर पर व्यापक आत्मनिरीक्षण, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन करेगी। इसी मूल्यांकन के नतीजों के आधार पर मूल संगठन और सभी सहयोगी संगठनों की संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा होगी। पार्टी ने यह भी कहा कि वह अपने संगठन को मजबूत बनाने तथा भविष्य की चुनौतियों का नए जोश और दृढ़ संकल्प के साथ सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।

क्यों लगाई जा रही टूट की अटकलें?

सामने आई जानकारी के अनुसार तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने पार्टी के 50 विधायकों के साथ एक गुप्त बैठक की है। इसके अलावा पार्टी के पूर्व नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि दो तिहाई विधायकों ने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया है। रिजू दत्ता का यह भी कहना है कि बंगाल में तृणमूल का वही हश्र होगा, जो महाराष्ट्र में शिवसेना का हुआ था। उधर मंत्री तापस रॉय ने भी टीएमसी में टूट की इन अटकलों को सही ठहराया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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