कानपुर में 'मैरिज स्कैम' का भंडाफोड़: AI से बनती थीं दुल्हनों की प्रोफाइल, शादी की चाह में फंसते थे युवक उत्तर प्रदेश 2 घंटे पहले 6
कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो AI, फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और कॉल सेंटर के सहारे शादी का झांसा देकर युवकों से लाखों रुपये ठगता था।

कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने एक ऐसे संगठित साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जीवनसाथी की तलाश कर रहे युवकों की भावनाओं को हथियार बनाकर उनसे ठगी करता था। मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरोह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीक, फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और कॉल सेंटर के जरिए देशभर के लोगों को निशाना बना रहा था। आरोपियों ने शादी का प्रलोभन देकर कई लोगों से लाखों रुपये वसूले और अपने पूरे तंत्र को एक वैध वैवाहिक सेवा के रूप में पेश किया। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह शादी की इच्छा रखने वाले युवकों की मनोवैज्ञानिक कमजोरियों को भांपकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था। शुरुआत में पीड़ितों को यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनकी शादी जल्द तय होने वाली है, और फिर धीरे-धीरे अलग-अलग बहानों से उनसे रकम वसूली जाती थी।

डेटा जुटाने का तरीका

कानपुर साइबर पुलिस की पड़ताल में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से अविवाहित युवकों की जानकारी इकट्ठा करते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर खुद को किसी प्रतिष्ठित वैवाहिक संस्था का प्रतिनिधि बताया जाता था। अपने नेटवर्क को भरोसेमंद दिखाने के लिए गिरोह ने "परफेक्ट रिश्ते", "शादी मैच" और "शादी मैच इंडिया" जैसे नामों का इस्तेमाल किया। इन नामों के सहारे लोगों को यकीन दिलाया जाता था कि वे किसी अधिकृत और विश्वसनीय वैवाहिक संस्था से जुड़े हैं।

AI से तैयार होती थीं आकर्षक प्रोफाइल

जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपी AI तकनीक और एडिट की गई तस्वीरों का उपयोग कर आकर्षक महिला प्रोफाइल बनाते थे। इन प्रोफाइलों में लगाई गई तस्वीरें देखने में पूरी तरह असली लगती थीं। इसके बाद कॉल सेंटर में बैठी महिला कर्मचारियों को कथित दुल्हन बनाकर पीड़ितों से बातचीत कराई जाती थी। घंटों फोन पर बातें, भविष्य के सपने और शादी की योजनाओं पर चर्चा कर पीड़ितों का भरोसा जीता जाता था। कई मामलों में तो पीड़ितों को यह विश्वास हो जाता था कि उनका रिश्ता लगभग पक्का हो चुका है।

हर चरण पर होती थी वसूली

शादी के सपने देख रहे युवकों का भरोसा एक बार कायम हो जाने के बाद ठगी का असली खेल शुरू होता था। पीड़ितों से कभी रजिस्ट्रेशन शुल्क, कभी प्रोफाइल एक्टिवेशन फीस, कभी परिवार की सहमति शुल्क तो कभी सुरक्षा जमा राशि के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। आरोपी यह भी दावा करते थे कि लड़की पक्ष ने भी प्रक्रिया के लिए रकम जमा कर दी है, इसलिए रिश्ता आगे बढ़ाने के लिए अब लड़के को भी निर्धारित राशि जमा करनी होगी। शादी जल्दी तय होने की उम्मीद और रिश्ता टूट जाने के डर के चलते कई लोग बिना ज्यादा सवाल किए पैसे भेजते रहते थे।

शिकायत पर दबाव और समझौते की कोशिश

पुलिस के अनुसार जब किसी पीड़ित को ठगी का शक होता और वह शिकायत दर्ज कराने की बात करता, तो गिरोह के सदस्य उसे मनाने में जुट जाते थे। कई बार शिकायत वापस लेने या समझौते का दबाव भी बनाया जाता था, ताकि पूरा नेटवर्क सुरक्षित बना रहे और मामला पुलिस तक न पहुंचे और ठगी का यह सिलसिला यूं ही चलता रहे।

साइबर पुलिस ने उधेड़ीं ठगी की परतें

कानपुर साइबर पुलिस की कार्रवाई में इस संगठित नेटवर्क की कई परतें खुलकर सामने आई हैं। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और अब तक कुल कितनी रकम की ठगी की गई।

पुलिस आयुक्त की लोगों से अपील

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने लोगों से अपील की है कि किसी भी मैट्रिमोनियल वेबसाइट, एजेंसी या ऑनलाइन रिश्ते पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी तरह का भुगतान करने से पहले संस्था और संबंधित व्यक्ति की पूरी जांच-पड़ताल जरूर कर लें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। यह मामला महज साइबर ठगी का नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं और शादी जैसे संवेदनशील विषय का फायदा उठाकर रचे गए सुनियोजित अपराध की मिसाल है। AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यह खुलासा एक बड़ी चेतावनी भी है कि डिजिटल दुनिया में दिखने वाला हर रिश्ता और हर चेहरा असली नहीं होता।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!