उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेलों पर बढ़ते दबाव को कम करने और बंदियों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के 18 बड़े शहरों में ई-बस सेवा शुरू करने और 5 जिलों में नई जेलों के निर्माण को हरी झंडी दी गई। इसके अलावा सरकारी वकीलों के मानदेय में इजाफे का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ। आइए जानते हैं इस बैठक में कौन-कौन से प्रमुख निर्णय लिए गए।
कानपुर सहित पांच जिलों में बनेंगी नई जेलें
प्रदेश की कई जेलें अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक बंदियों का भार झेल रही हैं। ऐसी स्थिति में नई जेलों के निर्माण से जहां भीड़ का दबाव घटेगा, वहीं कैदियों को अधिक सुरक्षित माहौल भी उपलब्ध हो सकेगा। सरकार ने कानपुर, मुरादाबाद, ललितपुर, भदोही और औरैया में एक-एक नई जेल बनाने का फैसला किया है।
जेल में मौत पर परिजनों को मिलेगा पांच लाख रुपये
जेल के भीतर कैदियों की मृत्यु से जुड़े प्रकरणों में मुआवजे को लेकर भी योगी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। नए प्रावधान के तहत अगर किसी बंदी की मौत जेल के अंदर होती है तो उसके परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। वहीं किसी कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की स्थिति में उसके परिजनों को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से जेल प्रशासन की जवाबदेही बढ़ेगी और बंदियों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा।
सरकारी वकीलों के मानदेय में इजाफे को मंजूरी
बैठक में सरकारी वकीलों के मानदेय और मासिक भत्ते में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। लंबे समय से सरकारी अधिवक्ता अपने मानदेय और मासिक भत्ते में वृद्धि की मांग कर रहे थे। सरकार के इस निर्णय से पूरे प्रदेश के सरकारी वकीलों को आर्थिक राहत मिलेगी और अदालती कामकाज के संचालन पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
- जिला शासकीय अधिवक्ता को अब तक 9 हजार रुपये महीने रिटेनर फीस और 1 हजार 650 रुपये रोजाना बहस के लिए मिलते थे, जिसे बढ़ाकर अब 14 हजार रुपये रिटेनर फीस और 2 हजार 500 रुपये बहस फीस कर दिया गया है।
- अपर जिला शासकीय अधिवक्ता को पहले 7 हजार 200 रुपये रिटेनर फीस और 1 हजार 500 रुपये रोजाना बहस के लिए मिलते थे, जो अब बढ़कर क्रमशः 11 हजार रुपये और 2 हजार 300 रुपये हो गए हैं।
- सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता को अब तक 6 हजार 300 रुपये रिटेनरशिप मिलती थी, जो अब 10 हजार रुपये कर दी गई है। रोजाना बहस की फीस भी 1 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार 300 रुपये की गई है।
- उप जिला शासकीय अधिवक्ता की रिटेनर फीस 5 हजार 400 रुपये और रोजाना बहस फीस 1 हजार 275 रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर क्रमशः 9 हजार रुपये और 2 हजार 300 रुपये कर दिया गया है।
नोएडा सहित 18 बड़े शहरों में चलेंगी ई-बसें
कैबिनेट ने 17 नगर निगमों और नोएडा को मिलाकर कुल 18 बड़े शहरों में ई-बस संचालन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन शहरों में कुल 1 हजार 725 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। नोएडा में इस सेवा का विस्तार जेवर एयरपोर्ट तक किया जाएगा।
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