राजस्थान
एक घंटा पहले
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विचारों
प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवार में करोड़ों का पारिवारिक विवाद
राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में 'केमिकल किंग' के नाम से जाने-पहचाने जाने वाले दिवंगत उद्योगपति प्रमोद कुमार शर्मा के परिजनों के बीच एक अत्यंत चौंकाने वाला कानूनी मामला सामने आया है। उनके निधन के पश्चात उनकी संपत्ति और व्यावसायिक फर्म को लेकर परिवार के भीतर ही करोड़ों रुपये के कथित गबन, जालसाजी और छल-कपट का गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया है। इस घटनाक्रम ने भिवाड़ी और अलवर के व्यापारिक हलकों में हलचल मचा दी है।
दिवंगत प्रमोद कुमार शर्मा के बड़े पुत्र अरुण शर्मा ने इस संदर्भ में न्यायिक मार्ग अपनाते हुए अपने सगे छोटे भाई वरुण शर्मा और उनकी पत्नी श्रुति तिवारी के विरुद्ध करोड़ों रुपये की हेराफेरी के गंभीर आरोपों में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बैंक खातों से 3 करोड़ 96 लाख 66 हजार 308 रुपये की अवैध निकासी का आरोप
अरुण शर्मा की शिकायत के अनुसार, उनके छोटे भाई वरुण शर्मा और उनकी पत्नी श्रुति तिवारी ने मिलकर पिता की व्यावसायिक फर्म के बैंक खातों में सेंध लगाई। आरोप है कि दोनों ने बिना किसी वैध अनुमति या अधिकार के पिता की फर्म के बैंक खातों से 3 करोड़ 96 लाख 66 हजार 308 रुपये की भारी-भरकम राशि निकाल ली।
इसके अतिरिक्त, आरोपियों पर इस धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने का भी संगीन इल्जाम लगाया गया है। अरुण शर्मा का कहना है कि पिता के निधन के बाद फर्म के कागजात में हेरफेर करके यह सारी करतूत की गई।
कुल 6 करोड़ से अधिक के आर्थिक नुकसान का दावा
शिकायतकर्ता अरुण शर्मा के अनुसार, वरुण शर्मा और श्रुति तिवारी की यह कथित धोखाधड़ी केवल बैंक खातों तक सीमित नहीं रही। आरोप है कि इन दोनों ने पिता के व्यापार से जुड़ी बाज़ार की लेन-देन, अन्य वित्तीय गतिविधियों और फर्म की साख को नुकसान पहुँचाकर कुल मिलाकर 6 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक घाटा पहुँचाया है। इस पारिवारिक विवाद के पुलिस थाने और अदालत तक पहुँचने के बाद मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया है।
अदालत के हस्तक्षेप पर अरावली विहार थाने में मुकदमा दर्ज
प्रारंभ में पुलिस स्तर पर पर्याप्त कार्रवाई न होने के कारण पीड़ित पक्ष ने सीधे न्यायालय की शरण ली। अदालत ने इस मामले की गंभीरता और करोड़ों रुपये के गबन के आरोपों को संज्ञान में लेते हुए स्थानीय पुलिस को तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश जारी किए।
अदालत के इन आदेशों के अनुपालन में अलवर के अरावली विहार थाना पुलिस ने आरोपी वरुण शर्मा और उनकी पत्नी श्रुति तिवारी के विरुद्ध धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज निर्माण और अमानत में खयानत समेत कई गंभीर आईपीसी/बीएनएस धाराओं के अंतर्गत मामला पंजीकृत कर लिया है।
पुलिस की गहन जांच जारी, फोरेंसिक परीक्षण की तैयारी
मुकदमा दर्ज होने के बाद अरावली विहार थाना पुलिस पूरी तत्परता से जांच में जुट गई है। पुलिस ने फर्म से संबंधित सभी बैंक खातों के लेन-देन विवरण यानी बैंक स्टेटमेंट की छानबीन शुरू कर दी है। साथ ही जिन दस्तावेजों को जाली बताया जा रहा है, उन्हें जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यह प्रकरण एक प्रतिष्ठित औद्योगिक घराने और करोड़ों रुपये के वित्तीय लेन-देन से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरी निष्पक्षता एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही जांच आगे बढ़ाई जाएगी। शीघ्र ही दोनों आरोपियों से पूछताछ किए जाने की संभावना है।
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