मध्य प्रदेश
2 दिन पहले
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मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी एक युवक का BSF कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोपी शिव सिंह ने ग्वालियर में आयोजित भर्ती की लिखित परीक्षा में स्वयं न बैठकर एक अन्य व्यक्ति को अपनी जगह परीक्षा दिलाई थी। यह पूरा षड्यंत्र तब उजागर हुआ जब बेंगलुरु के BSF ट्रेनिंग सेंटर में फिंगरप्रिंट का मिसमैच सामने आया।
महज 50 रुपये में खरीदी लिखित परीक्षा
पिछले साल ग्वालियर में BSF कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा हुई थी, जिसमें जबलपुर निवासी शिव सिंह ने भी आवेदन किया था। लिखित परीक्षा के दिन उसने खुद परीक्षा देने की बजाय एक सॉल्वर को अपनी जगह परीक्षा कक्ष में बैठा दिया। इस काम के एवज में उसने सॉल्वर को मात्र 50 रुपये दिए। सॉल्वर की मदद से शिव सिंह लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने में सफल रहा।
फिजिकल और मेडिकल परीक्षण खुद दिए, दोनों में पास
लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद भर्ती प्रक्रिया के अगले चरणों में शिव सिंह ने स्वयं भाग लिया। फिजिकल और मेडिकल परीक्षण उसने खुद दिए और दोनों में पास हो गया। इस तरह एक के बाद एक सभी चरण पार करते हुए वह BSF में कांस्टेबल के पद के लिए चयनित होने में सफल रहा।
बेंगलुरु ट्रेनिंग सेंटर में 12 दिन बाद फिंगरप्रिंट से हुआ खुलासा
चयन के बाद शिव सिंह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु स्थित BSF ट्रेनिंग सेंटर में रिपोर्ट करने पहुंचा। ट्रेनिंग सेंटर में 12 दिन गुजरने के बाद सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उसके फिंगरप्रिंट लिए गए, जो भर्ती परीक्षा के समय दर्ज फिंगरप्रिंट से बिल्कुल मेल नहीं खाए। इस मिसमैच ने पूरे फर्जीवाड़े को एक झटके में उजागर कर दिया। BSF अधिकारियों की पूछताछ में शिव सिंह ने स्वीकार किया कि ग्वालियर में लिखित परीक्षा के दौरान उसने अपनी जगह एक सॉल्वर को बैठाया था।
बिजोली थाने में FIR, आरोपी गिरफ्तार, सॉल्वर की तलाश जारी
BSF की शिकायत के आधार पर ग्वालियर के बिजोली थाने में आरोपी शिव सिंह के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में FIR दर्ज की गई। मुकदमा दर्ज होते ही पुलिस ने शिव सिंह को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उस सॉल्वर की तलाश में जुटी है जिसने परीक्षा में शिव की जगह बैठकर उसे पास कराया था। पूरे मामले की जांच फिलहाल जारी है।
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