बुवाई से पहले घर पर करें बीज की जांच, 10 मिनट का यह तरीका बचाएगा हजारों का घाटा मध्य प्रदेश 4 दिन पहले 9
मानसून की दस्तक से पहले किसान भाइयों को चाहिए कि वे अपने बीज की अंकुरण क्षमता घर पर ही परख लें। सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव ने इसका एक सरल और व्यावहारिक तरीका बताया है।

मानसून से पहले सतर्क हों किसान

मध्य प्रदेश में मानसून दरवाजे पर आ चुका है। जैसे ही पहली अच्छी बारिश होगी और मिट्टी तीन-चार इंच तक गीली हो जाएगी, किसान बुवाई के काम में जुट जाएंगे। लेकिन हर साल कहीं न कहीं से यह शिकायत सामने आती है कि बोए गए बीज में अंकुरण हुआ ही नहीं या बेहद कम हुआ। इस कारण किसानों को दोबारा बीज और खाद खरीदकर बुवाई करनी पड़ती है, जिससे उनकी लागत कई गुना बढ़ जाती है।

ऐसी स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि बुवाई से पहले ही बीज की गुणवत्ता जांच ली जाए। मानसून के आने तक जो समय उपलब्ध है, उसका उपयोग घर पर या खेत में बीज का परीक्षण करने में किया जा सकता है।

वैज्ञानिक की सलाह — पहले बीज इकट्ठा करें

सागर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव के अनुसार सबसे पहले किसान अपना बीज एकत्रित करें — चाहे वह सोयाबीन हो, उड़द हो, मक्का हो, मूंग हो, तिल हो, धान हो या अरहर। जो भी फसल बोनी हो, उसके बीज को पहले इकट्ठा करें। उन्नत किस्म का बीज जहां से भी उपलब्ध हो, वहीं से खरीदें।

विशेष रूप से प्रमाणित बीज या फाउंडेशन आधारित बीज संस्थानों से मिलता है, जो पहले से ही प्रमाणित होता है। लेकिन घर में रखे गए बीज पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

सोयाबीन बीज की भारी किल्लत

इस बार बाजार में सोयाबीन के बीज की बड़ी कमी देखी जा रही है। महंगे दामों पर बीज बेचा जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं। ऐसे में जिन किसान भाइयों के पास पिछले साल का सोयाबीन उपलब्ध है और उसकी किस्म अच्छी है, दाना अच्छा है, तो वे उसे ग्रेडिंग करके उपयोग में ला सकते हैं। इसके लिए 500 दाने लें और उन्हें 100-100 दाने की 5 लाइनों में बुवाई करें।

घर पर बीज जांचने का आसान तरीका

यदि खेत में परीक्षण करना संभव न हो तो घर पर जूट की बोरी को पानी में अच्छी तरह भिगो लें। जिस बीज की जांच करनी हो, उसमें से रैंडमली एक मुट्ठी दाने गिनकर उस गीली बोरी में रख दें। कुछ समय बाद देखें कि उनमें से कितने दानों में अंकुरण हो रहा है। इसी अनुपात के आधार पर बीज की गुणवत्ता का अंदाज लगाया जा सकता है।

अंकुरण के आधार पर बुवाई की मात्रा तय करें

  • यदि परीक्षण में 70 से अधिक दानों में अंकुरण आ रहा है, तो बीज उत्तम माना जाएगा। ऐसे बीज की बुवाई 75 से 80 किलो प्रति हेक्टेयर अर्थात 35 किलो प्रति एकड़ की दर से की जा सकती है।
  • यदि अंकुरण 60 या 65 दानों तक ही सीमित है, तो उसी अनुपात में बीज की मात्रा 20 से 25% तक बढ़ा देनी चाहिए।

बुवाई से पहले बीज उपचार अवश्य करें

डॉ. यादव ने यह भी सलाह दी कि बीज की जांच के साथ-साथ बुवाई से पहले बीज उपचार भी अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। इससे फसल को रोगों और कीटों से शुरुआती सुरक्षा मिलती है और अंकुरण बेहतर होता है। यह छोटी-सी सावधानी किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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