FNG हाईवे पर 3 से 4 किलोमीटर का घना अंधेरा, खंभे खड़े हैं पर स्ट्रीट लाइट गायब — हादसों का खतरा बरकरार उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 46
नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को जोड़ने वाले FNG हाईवे पर पर्थला गोल चक्कर से सेक्टर 82 तक करीब 3 से 4 किलोमीटर का हिस्सा शाम ढलते ही अंधेरे में समा जाता है। स्ट्रीट लाइट के खंभे मौजूद हैं लेकिन उन पर रोशनी नहीं है, और बिजली विभाग को की गई तमाम शिकायतें बेनतीजा रही हैं।

पर्थला गोल चक्कर से सेक्टर 82 तक छाता है अंधेरा

नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद को आपस में जोड़ने वाले प्रमुख FNG हाईवे पर एक गंभीर समस्या उजागर हुई है। पर्थला गोल चक्कर से सेक्टर 82 की ओर जाने वाले मार्ग पर करीब 3 से 4 किलोमीटर लंबा खंड शाम होते ही घने अंधेरे में डूब जाता है, जिससे यहाँ से गुजरने वाले वाहन चालकों की परेशानी बढ़ जाती है।

खंभे हैं, लेकिन रोशनी नदारद

इस पूरे इलाके में स्ट्रीट लाइट के खंभे तो लगाए गए हैं, मगर उन पर लाइटें या तो लगी ही नहीं हैं या फिर लगी हैं तो चालू हालत में नहीं हैं। कहीं-कहीं किसी एकाध खंभे पर बल्ब नजर आता है, लेकिन वह भी जलता नहीं। नतीजतन, खंभों का ढाँचा खड़ा है और सड़क अंधेरे में ही रहती है।

यूटर्न और स्पीड ब्रेकर बने मुसीबत

इस मार्ग पर बीच-बीच में कई जगह यूटर्न और स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। रात के अंधेरे में इन्हें समय रहते न देख पाने की वजह से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा हर वक्त मंडराता रहता है। यह स्थिति खासकर रात में सफर करने वालों के लिए बेहद जोखिम भरी बन जाती है।

शिकायतों का नहीं निकला कोई नतीजा

इस हाईवे से गुजरने वाले लोग और आसपास के रहवासी लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने हर संभव तरीके से बिजली विभाग तक अपनी शिकायत पहुँचाई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और हालात जस के तस बने हुए हैं।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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