तेलंगाना का नरसापुर जंगल बना हैदराबाद का 'ग्रीन लंग', झरनों और हरियाली के बीच उमड़ रहे सैलानी जीवनशैली 3 महीने पहले 56
हैदराबाद के नजदीक बसा नरसापुर फॉरेस्ट मानसून में घने जंगल, पथरीले रास्तों और छोटे झरनों के साथ पर्यटकों को लुभा रहा है। महज 50 रुपये के टिकट पर यहां वॉकिंग ट्रैक और वॉचटावर जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

शहर की भागदौड़ और शोरगुल से थके लोगों के लिए तेलंगाना का नरसापुर जंगल राहत की एक हरी-भरी जगह बनकर उभरा है। हैदराबाद से थोड़ी दूरी पर बसा यह इलाका अब इलाके के प्रमुख प्राकृतिक आकर्षणों में गिना जाने लगा है, जहां लोग सुकून और हरियाली का अनुभव लेने पहुंचते हैं।

मानसून में निखर उठता है नजारा

बरसात के मौसम में इस जंगल की खूबसूरती और बढ़ जाती है। घने पेड़, पथरीली पगडंडियां और जगह-जगह बहते छोटे-छोटे झरने सैलानियों को अपनी ओर खींच लेते हैं। यही वजह है कि इसे हैदराबाद का 'ग्रीन लंग' यानी हरा फेफड़ा भी कहा जाने लगा है।

सुविधाएं और टिकट

यहां आने वाले पर्यटकों को सिर्फ 50 रुपये के टिकट पर वॉकिंग ट्रैक और वॉचटावर जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है, जिससे वे जंगल की सैर और ऊंचाई से फैले हरे-भरे विस्तार का आनंद ले सकते हैं।

प्लास्टिक पर रोक

जंगल की हरियाली और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के मकसद से वन विभाग ने यहां प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा रखी है। आने वाले लोगों से इस नियम का पालन करने की अपेक्षा की जाती है।

वीकेंड के लिए पसंदीदा ठिकाना

शहर के नजदीक होने और आसान पहुंच के चलते नरसापुर जंगल अब वीकेंड ट्रिप के लिए एक लोकप्रिय डेस्टिनेशन बन चुका है, जहां परिवार और दोस्त मिलकर कुछ शांत पल बिताने पहुंचते हैं।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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