सीजन जाने से पहले अपनाएं यह तरीका, 8 महीने तक ताजे रहेंगे आम के टुकड़े, सालभर लें मैंगो शेक का स्वाद जीवनशैली एक महीने पहले 20
फ्लैश फ्रीजिंग की आसान विधि से कटे हुए आम को 6 से 8 महीने तक ताजा रखा जा सकता है। सही आम चुनकर, स्लाइस बनाकर और एयरटाइट पैकिंग में फ्रीजर में रखने पर उसका स्वाद और रंग बना रहता है।

गर्मी का मौसम आते ही जिस फल का नाम सबसे पहले जुबान पर आता है, वह है आम। इसकी मिठास, खुशबू और लाजवाब स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक हर किसी को भाता है। मैंगो शेक हो, आमरस हो, स्मूदी हो या फिर सीधे कटे हुए ताजे आम, हर रूप में यह फल लोगों की पहली पसंद बना रहता है। परेशानी सिर्फ तब खड़ी होती है, जब आम का सीजन बीत जाता है और कई महीनों तक इसका स्वाद चखने को नहीं मिलता।

ऐसे में आम के शौकीन अक्सर सोचते हैं कि क्या कोई ऐसा उपाय है, जिससे इस फल को लंबे समय तक संभालकर रखा जा सके। अच्छी खबर यह है कि इसका सरल हल अब मौजूद है। मशहूर कुकिंग एक्सपर्ट ‘सौम्या की रसोई’ ने एक ऐसी आसान स्टोरेज विधि साझा की है, जिसकी मदद से कटे हुए आम को 6 से 8 महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर इस तरीके को सही ढंग से अपनाया जाए, तो आम का स्वाद, रंग और टेक्सचर काफी हद तक जस का तस बना रहता है।

सबसे पहले चुनें सही आम

लंबे समय तक भंडारण के लिए आम का चुनाव सबसे अहम कदम है। ऐसे आम चुनें जो पूरी तरह पके हुए हों, लेकिन जरूरत से ज्यादा नरम या गले हुए न हों। हल्के सख्त और मीठे आम फ्रीज करने के लिहाज से सबसे बेहतर माने जाते हैं। अगर आम पहले से ही खराब होने लगे हैं, तो उन्हें ज्यादा समय तक टिकाए रखना मुश्किल हो जाता है।

स्लाइस और एयरटाइट पैकिंग

सही आम चुनने के बाद उन्हें साफ-सुथरे टुकड़ों में काट लें और अच्छी तरह एयरटाइट पैकिंग में बंद करें। इसके बाद इन्हें फ्रीजर में रखें। फ्लैश फ्रीजिंग की यह विधि अपनाने पर आम के टुकड़े 6 से 8 महीने तक सुरक्षित बने रहते हैं और उन पर बर्फ की मोटी परतें नहीं जमतीं।

सालभर मिलेगा आम का मजा

इस आसान किचन हैक की मदद से आप सीजन खत्म होने के बाद भी कई महीनों तक आम का आनंद ले सकते हैं। फ्रीजर में रखे ये टुकड़े मैंगो शेक, स्मूदी या आमरस बनाने के लिए किसी भी वक्त इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जिससे सालभर आम के स्वाद का लुत्फ बना रहता है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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