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एक घंटा पहले
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स्वागत समारोह में सैन्य शक्ति का प्रदर्शन
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग हाल ही में अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उनका स्वागत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप स्वयं एयरपोर्ट पर मौजूद थे। इस दौरान जिनपिंग के स्वागत के लिए 100 फीट लंबा रेड कार्पेट बिछाया गया था, जो अमेरिकी प्रशासन की मेहमाननवाजी और गंभीरता को दर्शाता है। इस भव्य आयोजन को और भी प्रभावशाली बनाने के लिए अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों और बॉम्बर्स का एक विशेष फ्लाईपास्ट आयोजित किया गया था। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य शी जिनपिंग को अमेरिकी सैन्य क्षमता से प्रभावित करना था, लेकिन इस दौरान कैमरे में कैद हुई एक प्रतिक्रिया ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।
बॉम्बर की आवाज से डरे ट्रंप
जॉइंट बेस एंड्रयूज पर आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान ट्रंप और शी जिनपिंग एक साथ खड़े थे। उस समय 21 तोपों की सलामी दी जा रही थी और अमेरिकी राष्ट्रगान की धुन बज रही थी। परंपरा के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप सैल्यूट की मुद्रा में खड़े थे और उनके बगल में शी जिनपिंग पूरी तरह से सावधान मुद्रा में थे। तभी अचानक, आसमान से गुजर रहे अमेरिका के B-1 बॉम्बर विमानों ने एक बेहद जोरदार आवाज की। आवाज की तीव्रता इतनी अधिक थी कि डोनाल्ड ट्रंप असहज हो गए। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि उन्होंने अपनी आंखें भींच लीं, दांत दबा लिए और अनचाहे ही उनका सैल्यूट करता हुआ हाथ नीचे हो गया। ट्रंप का ध्यान पूरी तरह आसमान में उस शोर की ओर चला गया। बाद में उन्होंने शी जिनपिंग की तरफ देखकर कुछ मुस्कुराते हुए बात की और फिर से अपनी मुद्रा में वापस लौट आए।
शी जिनपिंग का शांत व्यक्तित्व
ट्रंप की इस प्रतिक्रिया के विपरीत, शी जिनपिंग इस पूरे घटनाक्रम के दौरान बेहद स्थिर और शांत दिखाई दिए। अमेरिकी सेना के B-1 बॉम्बर की तेज आवाज और सैन्य प्रदर्शन का उनके चेहरे के भावों पर कोई विशेष असर नहीं पड़ा। वे पूरे समय उसी एकाग्रता के साथ खड़े रहे, जिस तरह एक औपचारिक स्वागत में अपेक्षा की जाती है। शी जिनपिंग की यह शांत प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। यूजर्स इन दोनों नेताओं के अलग-अलग व्यवहार की तुलना कर रहे हैं।
B-1 बॉम्बर की मारक क्षमता और भव्यता
स्वागत समारोह में जिस B-1 बॉम्बर का इस्तेमाल किया गया, वह अमेरिकी वायुसेना का एक अत्याधुनिक और लंबी दूरी का सुपरसोनिक बॉम्बर है। अपनी भयावह गरज और क्षमता के लिए मशहूर यह विमान अमेरिकी सैन्य शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इसे इस खास मौके पर तैनात करने के पीछे अमेरिकी प्रशासन का मकसद अपनी ताकत का प्रदर्शन करना था, ताकि मेहमान राष्ट्रपति पर इसका प्रभाव पड़े। हालांकि, फ्लाईपास्ट का यह नजारा जिस तरह ट्रंप के चेहरे के भावों को बदलने का कारण बना, उससे यह सैन्य प्रदर्शन एक अलग ही चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे ट्रंप के लिए एक अजीब स्थिति बताया, तो वहीं कुछ का मानना है कि यह महज एक मानवीय प्रतिक्रिया थी।
क्या यह पहली बार हुआ है?
विदेशी मेहमानों के स्वागत में इस तरह का सैन्य शक्ति प्रदर्शन अमेरिका के लिए कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने विदेशी नेताओं के सामने अपनी सेना का प्रदर्शन किया है। उदाहरण के तौर पर, अगस्त 2025 में जब डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अलास्का में हुई थी, तब भी आसमान में इसी प्रकार की भव्य सैन्य परेड का आयोजन किया गया था। उस समय वहां B-2 स्पिरिट बॉम्बर के साथ चार F-35 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी थी। इसके अलावा वहां F-22 विमान भी मौजूद थे। स्पष्ट है कि अमेरिकी प्रशासन अक्सर बड़े आयोजनों में सैन्य विमानों की दहाड़ का उपयोग एक कूटनीतिक संदेश देने के लिए करता आया है, लेकिन इस बार का वीडियो अपनी अप्रत्याशित प्रतिक्रिया के कारण इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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