घर लाने के बाद आलू मीठा निकल रहा है, तो खरीदते समय बरतें ये सावधानियां जीवनशैली 12 घंटे पहले 1
बाजार से लाए गए आलू का स्वाद मीठा होने की समस्या से बचने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने कुछ खास टिप्स दिए हैं। आलू की खरीद करते समय उसके रंग, छिलके की बनावट और आकार पर गौर करना बहुत जरूरी है।

आलू खरीदते समय रहें सतर्क

अक्सर हम बाजार से आलू खरीदकर घर लाते हैं और बड़े चाव से सब्जी बनाते हैं, लेकिन पकाते समय पता चलता है कि आलू का स्वाद काफी मीठा है। खाने में मीठा आलू न केवल सब्जी का स्वाद खराब कर देता है, बल्कि मेहनत भी बेकार चली जाती है। कई बार दिखने में आलू बहुत आकर्षक और चमकीला होता है, लेकिन असल गुणवत्ता का पता घर लाने के बाद ही चलता है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि आप खरीदारी के समय ही कुछ बारीकियों को समझ लें, तो इस परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है।

फिरोजाबाद की कृषि और आलू की वैरायटी

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में आलू का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता है। यहां के किसान अपने खेतों में कई तरह की किस्में उगाते हैं, जो प्रदेश की विभिन्न सब्जी मंडियों में पहुंचती हैं। फिरोजाबाद कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. विनोद प्रकाश के अनुसार, स्थानीय मंडियों में बिकने वाले आलू की अलग-अलग प्रजातियों में स्वाद और गुणवत्ता का बड़ा अंतर होता है। चमक-धमक देखकर अक्सर लोग धोखे का शिकार हो जाते हैं। सब्जी की खरीदारी करते समय सिर्फ दिखावट पर नहीं, बल्कि उसके गुणों पर ध्यान देना बेहद आवश्यक है।

आलू की पहचान के लिए वैज्ञानिक तरीके

कृषि वैज्ञानिक डॉ. विनोद प्रकाश के अनुसार, बाजार में उपलब्ध आलू को मुख्य रूप से दो वर्गों में बांटा जा सकता है। इन दोनों वर्गों की पहचान उनके बाहरी स्वरूप और गूदे से की जा सकती है। यदि आप इन सुझावों का पालन करते हैं, तो मीठे आलू खरीदने की संभावना बहुत कम हो जाती है:

  • रंग का चुनाव: आमतौर पर बाजार में सफेद और लाल रंग के आलू मिलते हैं। जानकारों का कहना है कि लाल रंग के आलू में समय के साथ प्राकृतिक रूप से मिठास आने की आशंका ज्यादा रहती है।
  • छिलके की बनावट: आलू खरीदते समय उसके ऊपरी छिलके को जरूर देखें। जिन सफेद आलू का छिलका थोड़ा खुरदरा और आकार लंबा होता है, उनमें मिठास की मात्रा कम पाई जाती है।
  • गूदे का अंतर: लाल और सफेद आलू के गूदे की बनावट में भी अंतर होता है। लाल आलू में चिपचिपाहट की मात्रा अधिक होती है, जबकि सफेद आलू में यह कम महसूस की जाती है।

खरीदते समय इन बातों पर दें विशेष ध्यान

केवल आलू की ऊपरी चमक देखकर उसे खरीदना समझदारी नहीं है। बाजार में विक्रेता अक्सर आलू को साफ करके उसे चमकाते हैं, ताकि वह ग्राहकों को आकर्षित कर सके। हालांकि, असली गुणवत्ता का पता उसके छिलके की मोटाई और उसकी बनावट से चलता है। कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि हमेशा ऐसी किस्मों को प्राथमिकता दें जिनका आकार लंबा हो और छिलका चिकना होने के बजाय थोड़ा खुरदरा हो। इस तरह के चुनाव से आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपकी रसोई में पहुंचने वाला आलू सब्जी के लिए सही है।

यदि आप आलू खरीदते समय इन मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखते हैं, तो न केवल आप मीठे आलू से बच पाएंगे, बल्कि आपकी सब्जी का स्वाद भी बेहतरीन बना रहेगा। अगली बार जब आप सब्जी मंडी या बाजार जाएं, तो आलू के ढेर में से सही किस्म चुनने के लिए इन वैज्ञानिक पैमानों का जरूर इस्तेमाल करें।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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