राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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त्योहारों के सीजन में रेहड़ी-पटरी वालों को राहत
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है और सड़कों के किनारे छोटी दुकानें सजने लगी हैं। देश भर में लाखों फेरीवाले, कुम्हार और रेहड़ी-पटरी वाले इन्हीं त्योहारों के दौरान अपनी जीविका चलाते हैं। हालांकि, हर साल अतिक्रमण हटाने के नाम पर इन्हें अक्सर अपनी जगह से बेदखल कर दिया जाता है, जिससे उनकी कमाई पर बुरा असर पड़ता है। लेकिन अब इन छोटे दुकानदारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा जैसे त्योहारों के दौरान स्थानीय वेंडर्स को बेवजह न हटाया जाए और न ही उनकी आजीविका को बाधित किया जाए।
मानवाधिकारों की सुरक्षा का आह्वान
एनएचआरसी (NHRC) ने अपने नवीनतम निर्देश में जोर देकर कहा है कि त्योहारों के इस महत्वपूर्ण समय में रेहड़ी-पटरी वालों के रोजगार और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अक्सर सुरक्षा या अतिक्रमण के नाम पर इन छोटे व्यापारियों को हटाया जाता है, जिससे उनका धंधा ठप पड़ जाता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि फायर सेफ्टी या सार्वजनिक सुरक्षा के मद्देनजर किसी वेंडर को हटाना बेहद अनिवार्य हो, तो प्रशासन को उन्हें तुरंत एक वैकल्पिक जगह उपलब्ध करानी होगी। इसके अलावा, छोटे व्यापारियों का सामान मनमाने तरीके से जब्त करने या उन पर बेवजह भारी जुर्माना लगाने की गतिविधियों पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
आयोग के कड़े निर्देश और दिशा-निर्देश
एनएचआरसी ने अपनी आधिकारिक अधिसूचना में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला है, जिनका पालन सुनिश्चित करना राज्य सरकारों के लिए अनिवार्य होगा:
- अतिक्रमण हटाने पर रोक: स्थानीय वेंडर्स को अनावश्यक रूप से परेशान करने या उन्हें उनकी जगह से बेदखल करने पर पूरी तरह रोक लगाई जाए।
- वैकल्पिक जगह की अनिवार्यता: यदि किसी भी सूरत में सुरक्षा कारणों से जगह खाली करवाना जरूरी हो, तो संबंधित वेंडर्स को व्यापार करने के लिए दूसरी उपयुक्त जगह की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की जानी चाहिए।
- मनमानी पर लगाम: दुकानदारों का सामान जब्त करना और बेवजह जुर्माना वसूलने जैसी मनमानी पूर्ण कार्रवाई पर सख्ती से प्रतिबंध लगाया गया है।
- उत्पीड़न के खिलाफ कार्रवाई: वेंडर्स से होने वाली जबरन वसूली और उनके उत्पीड़न या अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
- स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन: वोकल फॉर लोकल के अभियान के तहत स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।
शासन प्रशासन को सख्त डेडलाइन
एनएचआरसी ने राज्यों के मुख्य सचिवों को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वे इन निर्देशों का व्यापक प्रचार करें। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय पुलिस को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए निर्देशित किया गया है। आयोग ने मामलों की निगरानी के लिए एक समय सीमा भी तय की है। लंबित मामलों में राज्य सरकारों को अपनी अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) 18 अक्टूबर 2026 तक आयोग के पास अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। इस निर्णय का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि त्योहारों की रौनक बढ़ाने वाले इन छोटे व्यापारियों को सुरक्षा के नाम पर रोजगार से वंचित न होना पड़े और वे सम्मानजनक तरीके से अपना व्यापार कर सकें।
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