हिमाचल प्रदेश में दो भीषण सड़क हादसे, मां-बेटी और जिम ट्रेनर समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हिमाचल प्रदेश एक घंटा पहले 7
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर और ऊना जिलों में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में पांच लोगों की जान चली गई है, जिसमें सिरमौर में कार-ट्रक की टक्कर और ऊना में झुग्गी पर टिप्पर पलटना शामिल है।

हिमाचल प्रदेश से दो बेहद दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। राज्य के सिरमौर और ऊना जिलों में हुए इन दो अलग-अलग सड़क हादसों में कुल पांच लोगों की असमय मौत हो गई है। मृतकों में एक मां और उनकी छह साल की मासूम बेटी के अलावा एक जिम ट्रेनर और उनके दो साथी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों ही मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और दुर्घटना के कारणों की गहराई से जांच शुरू कर दी है। इन हादसों ने एक बार फिर पर्वतीय और औद्योगिक क्षेत्रों में वाहनों की रफ्तार और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सिरमौर में दर्दनाक हादसा: ट्रक में जा घुसी तेज रफ्तार कार

पहला भीषण हादसा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा को जोड़ने वाले यमुना नदी के कुल्हान पुल पर शनिवार रात को पेश आया। सिरमौर जिला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात करीब 10:30 बजे उत्तराखंड की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार हुंडई क्रेटा कार आगे चल रहे एक ट्रक से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और कार में सवार लोग अंदर ही बुरी तरह फंस गए।

हादसे की आवाज सुनकर आसपास के स्थानीय लोग और तुरंत सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। स्थानीय लोगों और पुलिस कर्मियों ने काफी कड़ी मशक्कत करने के बाद क्षतिग्रस्त कार को काटकर उसके भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों युवकों को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस प्रशासन ने मृतकों की पहचान उजागर की है। मृतकों में सिरमौर जिले के शिलाई के रहने वाले 32 वर्षीय तरसेम सिंह, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित शांति नगर के निवासी 37 वर्षीय अमित कुमार और ग्रेटर नोएडा के रहने वाले 30 वर्षीय सोनू शामिल हैं। इनमें से शिलाई निवासी तरसेम सिंह पेशे से एक जिम ट्रेनर थे। रविवार को पांवटा साहिब के सरकारी अस्पताल में तीनों शवों का पोस्टमार्टम करवाया गया और उसके बाद शवों को उनके शोक संतप्त परिजनों को सौंप दिया गया है। सिरमौर जिले के पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने इस दुखद हादसे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पांवटा साहिब पुलिस थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

ऊना के औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी लापरवाही: झुग्गी पर पलटा टिप्पर, मां-बेटी की मौत

दूसरा दर्दनाक हादसा ऊना जिले के हरोली उपमंडल के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र बाथड़ी में रविवार शाम को घटित हुआ। यहां रेत और बजरी से भरा एक टिप्पर चढ़ाई चढ़ते समय अचानक अनियंत्रित हो गया। चढ़ाई पर चलते-चलते टिप्पर अचानक बीच रास्ते में ही रुक गया और फिर तेजी से पीछे की तरफ लुढ़कने लगा। पीछे की ओर जाते हुए यह भारी-भरकम टिप्पर सड़क किनारे बने करीब 10 फुट गहरे गड्ढे में जा गिरा, जहां प्रवासी मजदूरों की झुग्गियां बनी हुई थीं।

यह टिप्पर सीधे एक झुग्गी के ऊपर जाकर पलट गया। हादसे के वक्त उस झुग्गी के भीतर मौजूद 40 वर्षीय रिंकू देवी और उनकी मासूम बेटी 6 वर्षीय कोमल कुमारी मलबे के नीचे दब गईं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद आरोपी टिप्पर चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर वहां से फरार हो गया।

इस हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) मोहन रावत के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि दुर्घटनाग्रस्त टिप्पर पंजाब के पंजीकरण नंबर का है और क्रशर से रेत-बजरी लेकर जा रहा था। पुलिस की टीमें फरार टिप्पर चालक की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं और हादसे के सही कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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