स्वास्थ्य
59 मिनट पहले
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आज के दौर में लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने लगे हैं। खान-पान से लेकर फिटनेस तक हर चीज पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन एक बात अक्सर नजरअंदाज हो जाती है और वह है रसोई में इस्तेमाल होने वाला कुकिंग ऑयल। ज्यादातर लोग इस ओर खास ध्यान नहीं देते, जिसका नतीजा यह होता है कि बिना किसी खास वजह के शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है।
दरअसल, कुछ कुकिंग ऑयल में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट काफी अधिक मात्रा में पाया जाता है। यह न सिर्फ खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है, बल्कि दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है और मोटापे जैसी परेशानियों को जन्म दे सकता है। आइए जानते हैं ऐसे कौन-कौन से तेल हैं, जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
इन तेलों से बनाएं दूरी
पाम ऑयल
मिठाइयां बनाने में सबसे ज्यादा पाम ऑयल का ही उपयोग होता है। इसमें से एंटीऑक्सीडेंट्स निकाल दिए जाते हैं और मिठाइयों के अलावा जंक फूड तैयार करने में भी इसी तेल का इस्तेमाल किया जाता है। पाम ऑयल में सैचुरेटेड फैट बहुत अधिक होता है, जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ता है और दिल की बीमारियों का खतरा कई गुना तक बढ़ जाता है।
सूरजमुखी का तेल
रिफाइंड सूरजमुखी के तेल में ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा अधिक होती है, जिसका ज्यादा सेवन करने से शरीर में सूजन की समस्या हो सकती है। जब इसे ज्यादा तापमान पर प्रोसेस किया जाता है, तो इसके जरूरी पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। इसका नियमित सेवन दिल की बीमारी और मोटापे का खतरा बढ़ा सकता है।
राइस ब्रान ऑयल
राइस ब्रान ऑयल बेहद रिफाइंड और प्रोसेस्ड होता है। इसे तैयार करने के लिए हैक्सिन का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
वेजिटेबल ऑयल
वेजिटेबल ऑयल दरअसल दो या उससे अधिक अलग-अलग पौधों से निकाले गए तेलों का मिश्रण होता है। इसमें अक्सर कॉर्न, कनोला ऑयल और पाम ऑयल का ब्लेंड शामिल रहता है। इसे बनाने में बहुत ज्यादा रिफाइनिंग की जाती है, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकती है।
कॉर्न ऑयल
कॉर्न ऑयल में पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड और ओमेगा-6 फैटी एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है, जो शरीर में सूजन की वजह बनते हैं। इसमें ओमेगा-3 फैट्स लगभग न के बराबर होते हैं, जिसके चलते यह दिल की सेहत के लिए बिल्कुल भी हेल्दी नहीं माना जाता।
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