छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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विचारों
सरगुजा में विकास की नई किरण
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले का एक सुदूर इलाका, जिसे रजखेता जाम पहाड़ के नाम से जाना जाता है, अब चर्चाओं में है। यह क्षेत्र विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय का निवास स्थान है। वर्षों तक, इन लोगों ने सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के बिना एक अत्यंत कठिन जीवन व्यतीत किया। आज स्थिति यह है कि इन दुर्गम बस्तियों की तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है। अब यहां पक्की सड़कों का जाल बिछाया गया है और लोगों को बुनियादी सुख-सुविधाएं प्राप्त होने लगी हैं, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।
पहले की भयावह स्थिति
स्थानीय निवासी महेश कोरवा ने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि पहले का समय कितना कष्टदायक था। जब गांव में कोई बीमार पड़ता था, तो उसे इलाज के लिए नर्मदापुर जैसे दूरस्थ स्थानों पर ले जाना पड़ता था। सबसे अधिक परेशानी बरसात के मौसम में होती थी, जब गांव के पास की नदी पूरी तरह उफान पर होती थी। ऐसी स्थिति में मरीजों को चारपाई या झिलगी पर लादकर जान जोखिम में डालकर नदी पार करानी पड़ती थी। कई बार तो स्थिति इतनी गंभीर हो जाती थी कि मरीज की जान पर बन आती थी। उस समय आवागमन के लिए न तो कोई पक्की सड़क थी और न ही यातायात का कोई साधन।
जनमन योजना से मिला संबल
अब इन इलाकों में विकास की बयार बह रही है। स्थानीय निवासी अनिल कुमार के अनुसार, सरकार की जनमन योजना के तहत इस क्षेत्र में बड़े बदलाव किए गए हैं। सबसे प्रमुख उपलब्धि गांव तक पक्की सड़क का निर्माण है, जिससे सालों से कटी हुई यह बस्ती अब मुख्य मार्गों से जुड़ गई है। इसके अलावा, अब हर घर में बिजली पहुंच चुकी है, जिससे ग्रामीणों के अंधेरे जीवन में रोशनी आई है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए अब गांव में हैंडपंप और ट्यूबवेल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बहुउद्देशीय भवन
ग्रामीणों को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी राहत मिली है। गांव में एक बहुउद्देशीय भवन का निर्माण किया गया है। यह केंद्र अब एक स्वास्थ्य उप-केंद्र के रूप में कार्य करेगा, जिससे ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारियों के लिए शहर या दूर के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके अतिरिक्त, इस भवन के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन भी शुरू किया गया है। यहां नन्हे बच्चों को पोषण युक्त आहार मिलेगा और शिक्षा की नींव भी मजबूत होगी। पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों के लिए यह एक बेहतर भविष्य का द्वार खुलने जैसा है।
ग्रामीणों में खुशी का माहौल
बुनियादी सुविधाओं के पहुंचने से गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का मानना है कि अब उनका समाज विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है। बिजली के आने से उनके जीवन यापन के तरीकों में सुधार हुआ है, और सड़क बनने से उनका बाहर आना-जाना बेहद सरल हो गया है। विशेष पिछड़ी जनजाति के लोगों का यह कहना है कि बच्चों के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा उनके पूरे समुदाय के विकास को एक नई और तेज गति प्रदान करेगी। वर्षों की उपेक्षा के बाद अब यह बस्ती विकास की नई गाथा लिख रही है।
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